Home विशेष सेना में महिला सशक्तीकरण: राजपथ पर हैरतअंगेज करतब दिखाएंगी महिला कमांडो

सेना में महिला सशक्तीकरण: राजपथ पर हैरतअंगेज करतब दिखाएंगी महिला कमांडो

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार महिलाओं के लिए नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में, गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार बाइक पर हैरतअंगेज करतब दिखाने के लिए महिला कमांडो के दस्ते को शामिल किया गया है। ऐसा पहली बार होगा कि महिला कमांडो गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर राजपथ पर हैरतअंगेज करतब दिखाएंगी। अब तक ऐसा सेना के जवान करते रहे हैं। ऐसा पहली बार होगा कि बुलेट पर महिला कमांडो पिरामिड, उल्टे-सीधे खड़े होकर अखबार पढ़ते और चाय पीते नजर आएंगी। महिला दस्ता में शामिल 106 महिला कमांडो 26 बाइक पर विजय चौक से इंडिया गेट तक (तीन किलोमीटर) अलग-अलग हैरतअंगेज करतब का प्रदर्शन करेंगी। 

गणतंत्र दिवस परेड में बीएसएफ ने इस बार मोटरसाइकिल टीम में 106 महिला कमांडो को भी शामिल किया है। दस्ते में शामिल महिला कमांडो नेपाल, म्यांमार, भूटान, बांग्लादेश सीमा पर तैनात हैं। साहस और जोखिम उठाने के मामले में ये किसी से कम नहीं हैं। इस दस्ते का नाम सीमा भवानी रखा गया है। बीएसएफ की देशभर की यूनिट में से चयनित 106 महिला कमांडो को 15 महीने का विशेष प्रशिक्षण सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर स्थित केंद्रीय मोटर गाड़ी प्रशिक्षण में दिया गया। कड़े प्रशिक्षण के बाद महिला दस्ता 16 तरह के करतब बुलेट पर दिखाएगा।

Perform India आज आपके सामने कुछ ऐसे आंकड़े रखने जा रहा है जिससे पता चलेगा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत में पहली बार महिलाओं ने कुछ खास क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया है –

नेवी की मिली पहली महिला पायलट

शुभांगी स्वरूप के रूप में नेवी को पहली महिला पायलट मिला। यह ऐतिहासिक क्षण नेवी के लिए तब आया जब नेवी में महिलाओं को शामिल करने का निर्णय पहली बार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में लिया गया था। अब टोही विमानों में भी महिलाओं की तैनाती के रास्ते खुलेंगे। शुभांगी के साथ-साथ आस्था सहगल, रूपा ए. और शक्तिमाया को भी नेवी के Armament यानी शस्त्र विभाग की इंस्पेक्शन ब्रांच में पहली बार ही नियुक्त किया गया है।

एयरफोर्स में पहली बार महिला फाइटर पायलट शामिल

इससे पहले देश की वायु सेना में फाइटर पायलट के रूप में तीन महिलाओं की नियुक्ति ने पूरे देश को गर्व से भर दिया था। अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह भारतीय वायु सेना के उस लड़ाकू बेड़े में शामिल की गई थीं। यह अपने-आप में बहुत बड़ी उपलब्धि भी है और बहुत बड़ी मिसाल भी।

पहली बार बनी पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री

निर्मला सीतारमण ऐसी पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री बनी हैं, जिन्होंने अत्यंत चुनौतियों और संवेदनशीलता से भरे इस पद की कमान संभाली है। जिस इकाई के कंधों पर देश की सीमाओंं की सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देशों का दायित्व हो, उसका प्रत्येक निर्णय देश की अस्मिता के लिए अत्यधिक महत्त्व का होता है। निर्मला सीतारमण ने इस कमान को पूरी सामर्थ्य और साहस के साथ थामा है।

नाविक सागर परिक्रमा पर निकली महिला अधिकारी

नाविक सागर परिक्रमा नामक यह मिशन आईएलएसवी नौका तारिणी के द्वारा पूरा होगा और इस मिशन पर निकली हैं नौसेना की 6 साहस से भरी महिला अधिकारी। इस मिशन से जुड़ी सभी सदस्य महिलाएं हैं। यह बहुत बड़े साहस का प्रमाण है। इस दल को प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं के रूप में उनका विश्वास प्राप्त है। इस दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी कर रही हैं।

राजपथ पर पहली बार महिला सशक्तीकरण का प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महिला सामर्थ्य पर अटल विश्वास की झलक उसी समय दिख गई थी, जब राजपथ पर देश के 66वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पहली बार तीनों सेनाओं के एक विशेष महिला दस्ते ने मार्च करके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया। इस अवसर पर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐसी ही विशेषताएं उन्हें देशवासियों के बीच में बेहद लोकप्रिय बनाए रखती हैं। वे अपने प्रत्येक देशवासी की क्षमता पर अटूट विश्वास करते हैं, बिना उनके बीच जाति, धर्म, वर्ण आदि का भेद किए।

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