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उपलब्धियां 2017: खेल जगत में विकास की रफ्तार भरने के लिए मोदी सरकार ने उठाए कई कदम

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खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बढ़-चढ़कर सामने आते रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए उनका संदेश ही रहा है जो खेले, वह खिले। ऐसे मौके कम नहीं जिनमें प्रधानमंत्री मोदी ने टीम स्पर्धा या निजी स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों से स्वयं मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया है। भारत का नाम खेल की दुनिया में भी शीर्ष के देशों में शुमार हो इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कई तरह की पहल की है। प्रधानमंत्री की सोच को आगे ले जाते हुए युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने इस वर्ष यानी 2017 में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। आइए एक नजर डालते हैं उन उपलब्धियों पर:

1. ओलंपिक टास्क फोर्स (OTF)का गठन

भारतीय खिलाड़ी अगले तीन ओलंपिक खेलों- 2020 (टोक्यो),  2024 (पेरिस) एवं 2028 (लॉस एंजलीस) में प्रभावी प्रदर्शन करें इसके लिए इस वर्ष जनवरी में एक ओलंपिक टास्क फोर्स का गठन किया गया। इस टास्क फोर्स को एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया जिसके तहत खेल संबंधी सुविधाओं, प्रशिक्षण, चयन प्रक्रिया एवं संबंधित विषयों की संपूर्ण रणनीति बनाने का काम शामिल था। टास्क फोर्स ने अगस्त, 2017 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी।

2. विशिष्ट एथलीटों को मासिक 50,000 रु का वजीफा

मंत्रालय ने ओलंपिक टास्क फोर्स की अनुशंसा पर 15 सितम्बर 2017 को टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना के अंतर्गत चयनित सभी एथलीटों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी हेतु तैयारी के दौरान जेबखर्च के लिए प्रति माह 50,000 रुपये का वजीफा देने का निर्णय लिया। माना जा रहा है कि इससे खिलाड़ियों में देश के लिए कुछ कर दिखाने का जोश और प्रबल होगा।  

3. दिव्यांग एथलीटों के लिये प्रशिक्षण केंद्र

गुजरात के गांधीनगर में पैरा एथलीटों को समर्पित अपनी तरह के पहले प्रशिक्षण केंद्र की आधारशिला रखी गई। इस केंद्र के लिये 50 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट रखा गया। यहां खुला मैदान, इनडोर एसी हॉल और छात्रावास समेत पैरा एथलीटों के लिये कई विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी जहां वो एशियाई खेल, राष्ट्रकुल खेल एवं ओलंपिक खेलों के लिये प्रशिक्षण पा सकेंगे। पिछले पैरा ओलम्पिक खेलों में कुछ भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं दी जाएं तो देश के दिव्यांग एथलीट दुनिया भर में छा जाएंगे। 

4. खेलों में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच भागीदारी

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मेलकॉम टर्नबुल की भारत यात्रा के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों के बीच अप्रैल में दोनों देशों के खेल संबंधों में सुधार हेतु पांच समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर हुए थे। खेलों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देश के बीच साझेदारी के तहत चार क्षेत्रों को चुना गया है। ये हैं एथलीट और कोच के प्रशिक्षण एवं विकास, खेल विज्ञान, खेलों की शासन प्रणाली एवं संपूर्णता और साधारण-जनों की भागीदारी को बढ़ावा देना। इससे तकनीकी रूप से खेल के स्तर में और निखार आएगा।

5. खेल प्रतिभाओं की तलाश के लिए पोर्टल

भारत की युवा जनसंख्या में से खेल प्रतिभाओं की तलाश के लिए खेल प्रतिभा खोजबीन पोर्टल शुरू किया गया। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने 28 अगस्त, 2017 को इसका शुभारंभ किया। यह पोर्टल प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी उपलब्धियां अपलोड करने के लिये एक पारदर्शी मंच प्रदान करता है। स्क्रूटनी के बाद तैयार सूची में आए अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया में शामिल होंगे और इसमें उत्तीर्ण खिलाड़ियों को भारतीय खेल प्राधिकरण की योजनाओं में प्रवेश का प्रस्ताव दिया जाएगा।

6. खेलो इंडिया कार्यक्रम का पुनरुद्धार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2017-18 से 2019-20 के लिए खेलो इंडिया कार्यक्रम की नई संरचना के लिए 1756 करोड़ की लागत से अनुमति प्रदान कर दी है। यह कार्यक्रम भारत में खेलों के इतिहास के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि यह सामुदायिक, आर्थिक, राष्ट्रीय और निज विकास हेतु खेलों को मुख्यधारा में लाने का जरिया है। खेलो इंडिया कार्यक्रम के पुनरुद्धार का परिप्रेक्ष्य बड़ा व्यापक है जो सामुदायिक खेल, प्रतिभा पहचान, उत्कृष्टता हेतु कोचिंग, प्रतिस्पर्धा संरचना एवं खेल-अर्थव्यवस्था समेत खेलों के सम्पूर्ण पारितंत्र को प्रभावित करेगा।

7. फीफा अंडर-17 विश्व कप का सफल संचालन

फीफा अंडर-17 विश्व कप के सत्रहवें संस्करण का सफल आयोजन 6 से 28 अक्टूबर, 2017 के बीच हुआ। भारत ने पहली बार इतिहास में इतनी बड़ी फुटबॉल प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया। यह स्पर्धा नई दिल्ली, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, कोलकाता और नवी मुंबई में आयोजित की गई। दुनिया भर की 24 टीमों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दर्शकों से खचाखच कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में 28 अक्टूबर, 2017 को इंग्लैंड और स्पेन के बीच फाइनल मैच खेला गया जिसमें इंग्लैंड फीफा अंडर-17 विश्व कप प्रतिस्पर्धा का विजेता घोषित किया गया।

8. 22वीं एशियाई एथलेटिक्स स्पर्धा का सफल आयोजन

भारत ने 6 से 9 जुलाई 2017 के बीच उड़ीसा के भुवनेश्वर में बाईसवीं एशियाई एथलेटिक चैंपियनशिप, 2017 का सफल आयोजन भी किया। भारत पदक तालिका में 29 पदक (12 स्वर्ण, 5 रजत, 12 कांस्य) जीत कर पहले स्थान पर रहा।

9. ग्रामीण खेलों के पहले संस्करण का आयोजन

ग्रामीण खेलों के पहले संस्करण अथवा ग्रामीण खेल महोत्सव को 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच दिल्ली के निजामपुर गांव में आयोजित किया गया। ग्रामीण खेलों का उद्देश्य घरेलू खेलों जैसे कुश्ती, एथेलेटिक्स एवं मटका रेस और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रस्साकशी जैसे घरेलू खेलों की लोकप्रियता बढ़ाना है साथ ही यह संदेश देना है कि हर आयु वर्ग के लोगों को खेलों में भाग लेने की आवश्यकता है।

10. राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को अनुमति

राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय, मणिपुर की स्थापना का प्रस्ताव औपचारिक रूप से वित्त मंत्री ने 10 जुलाई 2014 को अपने बजट भाषण (2014-2015) में कर दिया था। नीति आयोग ने इस परियोजना को सिद्धांतः अपनी अनुमति प्रदान कर दी है। केंद्र की यह नई परियोजना पांच साल में कार्यान्वित हो जाएगी। परियोजना की अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये होगी। प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय का प्रशिक्षण कार्यक्रम चार स्कूलों के अंतर्गत किया जाएगाः खेल विज्ञान एवं खेल चिकित्सा स्कूल, खेल प्रबंधन एवं तकनीक स्कूल, खेलकूद शिक्षा स्कूल एवं  अंतर्विषयक अध्ययन स्कूल। चारों स्कूलों के अंतर्गत कुल तेरह विभाग होंगे।  

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