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पीएम मोदी की पहल पर खेलो इंडिया के तहत 734 खिलाड़ियों को मिलेगी धार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को स्पोर्टिंग सुपर पॉवर बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह संकल्पित हैं। पीएम मोदी की पहल पर भारत में पहली बार खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए खेलो इंडिया का कार्यक्रम लॉन्च किया गया। खेलो इंडिया के पहले संस्करण के उद्घाटन के समय पीएम मोदी ने आह्वान किया कि आओ खेलें भी और खिलें भी। भारतीय खेल प्राधिकरण ने खेलो इंडिया प्रतिभा पहचान विकास के तहत देशभर के 734 खिलाड़ियों का चयन किया है। इन्हें सरकार से मान्यता प्राप्त अकादमियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों के दैनिक खर्च, इलाज व अन्य दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए मोदी सरकार एक लाख रुपए 20 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। 

अलग-अलग 18 खेलों के लिए चुने गए खिलाड़ी
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने ‘खेलो इंडिया’ के तहत अलग-अलग कुल 18 प्रकार के खेलों के लिए 734 खिलाड़ियों का चयन किया है। इनमें 385 पुरुष जबकि 349 महिला खिलाड़ियों का चयन किया गया है। चयनित खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा 100 खिलाड़ी हॉकी से हैं जबकि शूटिंग से 85 और कुश्ती से 65 खिलाड़ी हैं। बॉक्सिंग से 66, तीरंदाजी से 59, टेबल टेनिस से 57, बास्केटबॉल से 40, एथलेटिक्स से 34, स्वीमिंग से 39, वॉलीबॉल से 35, वेटलिफ्टिंग से 27, फेंसिंग से 24 खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप के लिए चुना गया है। इन खिलाड़ियों को दैनिक खर्चे, इलाज और दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए सालाना एक लाख 20 हजार रुपये दी जाएगी। यह राशि उन्हें चार भागों में तीन-तीन महीने पर दी जाएगी।

खिलाड़ियों को मिलेगा मान्यता प्राप्त अकादमियों में प्रशिक्षण
खेलो इंडिया के तहत चयनित प्रतिभा खिलाड़ियों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अकादमियों में प्रशिक्षण मिलेगा। इन अकादमियों को खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, रहने और टूर्नामेंट खर्च का ध्यान रखना होगा। खेल मंत्रालय के अनुसार ‘देश में पहली बार उभरती हुई प्रतिभाओं के लिए मजबूत पारिस्थितिक व्यवस्था बनाने के लिए विभिन्न निजी, राज्यों और भारतीय खेल प्राधिकरण की अकादमियों को मान्यता दी गई है। एक उच्च समिति ने 21 गैर साई अकादमियों को भी मान्याता दी है। हमारी योजना और अधिक अकादमी बनाने की है ताकि युवा खिलाड़ियों को ज्यादा दूर जाए बिना प्रशिक्षण के लिए सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं मिल सके।’

अर्जुन व द्रोणाचार्य अवार्डी खोज रहे हैं खेल प्रतिभा  
खेलो इंडिया योजना के लिए खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए प्रतिभा पहचान समिति (टीआईसी) का गठन किया गया है जिसमें अर्जुन पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं को रखा गया है। इस समिति का काम योजना के लाभार्थियों को चुनना और उनके नामों का प्रस्ताव भेजना है। इसमें कहा गया कि चयन किए गए खिलाड़ियों के आयु सत्यापन के लिए वैज्ञानिक और भरोसेमंद ‘टीडब्ल्यू 3’ तरीके का इस्तेमाल किया गया है।

रिजल्ट ओरिएंटेड प्रशिक्षण अकादमियों की पहचान
मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत प्रशिक्षण अकादमियों को तीन श्रेणी में बांटा गया है। अकादमियों का एक नियत अंतराल पर मूल्यांकन किया जाएगा और उन्हें श्रेणी अपग्रेड करने का मौका मिलेगा। जो अकादमी तय मानक और प्रदर्शन के मानदंड पूरा नहीं करेंगे, उन्हें सूची से बाहर भी किया जा सकता है। यह भी तय हुआ है कि प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को चोट लगने की सूचना तुरंत दी जाएगी ताकि समय पर रिहैबिलिटेशन शुरू किया जा सके।

मणिपुर में 500 करोड़ की लागत से नेशनल स्पोर्टस यूनिवर्सिटी
मणिपुर में 16 मार्च, 2018 को राज्य का पहला मल्टी स्पोर्ट्स कंपलैक्स का लोकार्पण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि, “स्पोर्ट्स आज सिर्फ मनोरंजन और फिट रहने का संसाधन भर नहीं रह गया है। यह अपने आप में बहुत बड़ा उद्यम, बहुत बड़ा उद्योग है। आज ये फुलटाइम करियर भी है।” इसलिए उनकी सरकार स्पोर्ट्स पर पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा- “हमारी सरकार देश को स्पोर्टिंग सुपरपावर बनाने का संकल्प लेकर चल रही है।” उन्होंने कहा कि इसी संकल्प पूरा करने के लिए ही राज्य में 500 करोड़ की लागत से नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी फैसला किया था। उन्होंने दिल्ली में आयोजित खेलो इंडिया स्कूल गेम्स की चर्चा करते हुए मणिपुर के युवाओं को बधाई भी दी। इन खेलों में राज्य ने 13 गोल्ड मेडल समेत 34 मेडल जीते और मेडल टैली में राज्य पांचवें स्थान पर रहा। श्री नरेन्द्र मोदी ने खेल के क्षेत्र में ओलंपिक से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स तक में देश का नाम रोशन करने के लिए उन्होंने मैरी कॉम,मीराबाई चानू,बोम्बायला देवी लैशराम और सरिता देवी जैसी प्रतिष्ठित महिला खिलाड़ियों की सराहना की। 

‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम से हर साल चयनित होंगे एक हजार टैलेंटेड बच्चे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 जनवरी, 2018 को ‘खेलो इंडिया’ स्कूल खेल उत्सव का उद्घाटन किया। यह खेल उत्सव 8 फरवरी तक चला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर देश में जमीनी स्तर पर खेलों को पुनर्जीवत करने के लिए ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पहली बार देश की राजधानी नई दिल्ली में ‘खेलो इंडिया’ स्कूल गेम्स का आयोजन हुआ। इसमें उत्तर, दक्षिण, उत्तर पूर्व भारत कुल 16 टीमों ने भाग लिया। खेलो इंडिया के माध्यम से हर साल देशभर से प्राथमिकता वाले में एक हजार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आठ साल तक हर साल पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी।

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