Home चुनावी हलचल यूपी में BJP की लड़ाई SCAM से : मोदी

यूपी में BJP की लड़ाई SCAM से : मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की लड़ाई SCAM के खिलाफ है। मेरठ में विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि SCAM का मतलब समाजवादी, कांग्रेस, अखिलेश और मायावती है। उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से पूछा कि आपको स्कैम चाहिए या विकास और तरक्की चाहिए? आपको स्कैम चाहिए या कमल चाहिए? प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि जबतक यूपी को आप स्कैम से मुक्त नहीं करेंगे, तब तक सुख-चैन के दिन लौटकर नहीं आएंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि मेरठ से ही स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल फूंका गया था। यह सौभाग्य की बात है कि यूपी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत भी इसी धरती से हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में यूपी में किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे हुए। यहां पर कानून व्यवस्था पूरी तरह खराब है। इस चुनाव में आपको उत्तर प्रदेश से माफियाराज हटाने के लिए मतदान करना होगा, जिससे कि ऐसी ताकतें दोबारा सरकार में न आ सकें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस-एसपी गठबंधन पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि दोनों पार्टियां कुछ समय पहले तक एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगी रहती थीं, लेकिन फिर अचानक चीजें बदल गईं और दोनों साथ हो गए। कुछ समय पहले तक कांग्रेस गांव-गांव घूमकर अखिलेश सरकार पर आरोप लगा रही थी, लेकिन अब वही कांग्रेस एसपी के साथ मिलकर बचाओ-बचाओ चिल्ला रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस-एसपी के गठजोड़ का खेल जनता समझती है और इन्हें सबक सिखाएगी। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी में जारी पारिवारिक संकट पर उन्होंने कहा कि पहले ये परिवार के बारे में सोचते थे अब अपने बारे में सोचते हैं। कुर्सी के बारे में सोचते हैं।

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार यहां की यूपी सरकार को जो पैसे देती है, वह उसे खर्च नहीं कर पाती है। गरीबों को बीमारी में मदद मिले, इसके लिए केंद्र ने यूपी सरकार को 2014-15 में 4000 करोड़ रुपए दिए। इसमें से 2500 करोड़ भी खर्च नहीं कर पाई। इसी तरह राज्य सरकार 2015-16 में 7000 करोड़ रुपए में से भी 2800 करोड़ रुपए खर्च नहीं कर पाई। इसी तरह सफाई अभियान के लिए यूपी को 950 करोड़ रुपया दिया गया, लेकिन इसका भी इस्तेमाल नहीं हुआ।

केंद्र सरकार 2022 तक हर परिवार को घर देना चाहती है। इसके लिए राज्य सरकार से लाभार्थियों की सूची मांगी गई लेकिन राज्य सरकार ने नहीं दिया। जब केंद्र सरकार ने खुद अर्जियां मांगने का काम करना शुरू किया तो राज्य सरकार ने सूची भेजने का काम शुरू किया।

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