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राफेल डील पर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे राहुल गांधी

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बीते वर्ष गुजरात विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक सभी रैलियों और भाषणों में राहुल गांधी ने राफेल डील का जिक्र किया है। एक अनुमान के अनुसार वे लगभग 100 से अधिक बार इस पर बोल चुके हैं। राहुल गांधी इसे घोटाला करार दे रहे हैं। हालांकि उनके आरोपों को भारत और फ्रांस की सरकारों ने ‘झूठ’ करार दिया है।

बहरहाल कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों पर परफॉर्म इण्डिया ने इसकी पड़ताल की। इसमें ये जाहिर हो गया कि राहुल गांधी ने राफेल को मोदी सरकार के विरुद्ध दुष्प्रचार का हथियार बना लिया है। माना जा रहा है कि जिस तरह हिटलर के प्रचार मंत्री गोयबल्स ने हिटलर को एक झूठ सौ बार बोलने की नसीहत दी थी, ताकि वह झूठ ही सच लगने लगे। ठीक उसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष को भी शायद किसी सलाहकार ने यही सलाह दी है।

हालांकि राफेल प्रकरण पर वे इतनी बार झूठ बोल चुके हैं कि खुद कन्फ्यूज्ड हैं और हर बार राफेल विमान की कीमतों में हेर-फेर कर बोलते हैं।

29 अप्रैल, 2018

दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रति विमान की कीमत 700 करोड़ रुपये बताई

20 जुलाई, 2018

लोकसभा में राहुल गांधी ने प्रति विमान की कीमत 520 करोड़ रुपये बताई

10 अगस्त, 2018

रायपुर में राहुल गांधी ने प्रति विमान की कीमत 540 करोड़ रुपये बताई

13 अगस्त, 2018

कर्नाटक में राहुल गांधी ने प्रति विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये बताई

 

झूठ बोलने के मास्टरमाइंड हैं राहुल

11 अप्रैल, 2018 को कहा कि रघुराम राजन को मोदी सरकार ने हटा दिया, जबकि उनका कार्यकाल पूरा हुआ था

05, अप्रैल, 2018 को कर्नाटक में कहा कि एससी/एसटी एक्ट को भंग किया गया, जबकि कोर्ट का ऐसा कोई आदेश नहीं था

24 नवंबर, 2017 को पोरबंदर में बेरोजगार युवाओं की संख्या 50 लाख और अहमदाबाद में 30 लाख बताई

17 अक्टूबर, 2017 को नर्मदा नदी पर बनने वाली Statue of Unity को ‘मेड इन चाइना’ बताया जो गलत है

08 जुलाई, 2017 को चीनी राजदूत से मुलाकात से इनकार, 10 जुलाई को चीनी दूतावास ने मीटिंग की तस्वीरें जारी कीं

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