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देश को गुमराह करने का प्रयास विफल, जीएसटी को लेकर राहुल गांधी ने संसद में बोला झूठ

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कांग्रेस अध्यक्ष और अमेठी के सांसद राहुल गांधी अक्सर झूठ बोलते हैं। मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में पेश अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने एक बार फिर झूठ का सहारा लिया। राहुल गांधी का नया झूठ जीएसटी को लेकर है। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि हम जीएसटी में एक दर लाना चाहते थे और हम पेट्रोल-डीजल को भी जीएसटी के दायरे में रखना चाहते थे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं रखने को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर हुए तो जीएसटी काउंसिल के सदस्य और बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी ने एक ट्वीट करके उन्हें बेनकाब कर दिया। सुशील मोदी के ट्वीट से साफ हो गया कि राहुल गांधी ने संसद में झूठ बोलकर देश को गुमराह करने की कोशिश की। सुशील मोदी ने लिखा है कि कांग्रेस ने जीएसटी के लिए संशोधन बिल में पेट्रोल-डीजल को इससे अलग रखा था।

ये तो केंद्र में पीएम मोदी की सरकार आने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी के लिए संविधान संशोधन बिल में पेट्रो उत्पाद को भी शामिल किया है, जिसके कारण अब अगर जीएसटी काउंसिल में आम सहमति बनती है तो पेट्रो पदार्थों पर भी जीएसटी लागू हो जाएगा। लेकिन संविधान संशोधन बिल में पेट्रो उत्पाद को इससे अलग रखने वाली कांग्रेस को पेट्रो पदार्थों को जीएसटी के दायरे से बाहर रहने पर मोदी सरकार पर आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है। उल्टे इस आरोप से कांग्रेस और राहुल गांधी का दोहरा चरित्र एक बार फिर उजागर हुआ है।

गौरतलब है कि पीएम मोदी की पहल पर देश में एक साल पहले 1 जुलाई, 2017 को जीएसटी कर प्रणाली लागू हुआ है। इस कर प्रणाली के दायरे से पेट्रोल-डीजल को अलग रखा गया है। हालांकि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री इसे जीएसटी के दायरे में रखने का आग्रह जीएसटी काउंसिल में शामिल सभी सदस्यों से किया है। हो सकता है आने वाले दिनों में जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर चर्चा भी हो।

 

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