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योग को लेकर पीएम मोदी के प्रेरणादायी उद्धरण

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आज हम आपको पीएम मोदी के योग के बारे उन विचारों से रूबरू कराएंगे जो उनकी योग को लेकर सोच का जीवंत परिचय कराते है। योग के बारे में पीएम मोदी के इतने स्पष्ट उद्धरण आज दुनिया के लिए प्रेरणादायी साबित हो रहे है। और खुद योग से उनका जुड़ाव उनके जीवन का एक हिस्सा बन चुका है। योग कैसे इंसान के जीवन में परिवर्तन ला सकता है…पेश है पीएम मोदी के योग पर कुछ अनमोल वचन।

मुक्ति का मार्ग है योग
“योग मानव जाति को रोग व भोग से मुक्ति दिलाने वाला दर्शन है। योग अपने आप में सत्य का दर्शन है” ।
“कभी-कभी लोगों को लगता है कि योगा से क्या मिलेगा? ये पूरा विज्ञान लेने-पाने के लिए है ही नहीं। योग, क्या मिलेगा, इसके लिए नहीं है। योग, मैं क्या छोड़ पाऊंगा, मैं क्या दे पाऊंगा, मैं किन-किन चीजों से मुक्त हो पाऊंगा, ये मुक्ति का मार्ग है, पाने का मार्ग नहीं है”।

“लोग डॉलर व पाउण्ड की तुलना रुपयों के साथ करने में व्यस्त हैं लेकिन जीवन में सच्ची खुशी चाहिए तो जीवन को योग के साथ संतुलित करना चाहिए” ।

“योग रोग मुक्ति (रोगों से छुटकारा) के साथ-साथ भोग मुक्ति (सांसारिक लालच से परहेज) भी है” ।

दुख से सुख की यात्रा है योग
“आज का मानव भौतिक जीवन में कई समस्याओं से ग्रस्त होकर तनावपूर्ण जीवन बिताता है, योग की शक्ति से ही तनाव व अवसाद से दुनिया को बाहर निकाला जा सकता है” ।

“आज दुनिया में हर कोई भ्रमित, दुखी है और आंतरिक शांति की तलाश में है, उसे भौतिक दौलत नहीं चाहिए बल्कि शांति चाहिए और केवल योग से ही इसे प्राप्त किया जा सकता है” ।

“तनाव का बोझ बहुत भारी होता है और योग तनाव से मुक्ति पाने का सबसे कारगर हथियार है” ।

आत्मा का परमात्मा से मिलन है योग
“योगदर्शन ही एकमात्र ऐसा साधन है जो जीवात्मा का परमात्मा से एकाकार कराता है” ।

“मृत्यु के बाद क्या मिलेगा, इसका रास्ता योग नहीं दिखाता है और इसलिए ये धार्मिक कर्मकांड नहीं है। योग इहलोक में तुम्हारे मन को शान्ति कैसे मिलेगी, शरीर को स्वस्थता कैसे मिलेगी, समाज में एकसूत्रता कैसे बनी रहेगी, उसकी ताकत देता है” ।

जीवन को संयमित करता है योग
“मन अस्थिर होता है, शरीर स्थिर होता है। ये योग है जो हमें सिखाता है, मन को स्थिर कैसे करना और शरीर को गतिवान कैसे बनाना। ये balance हो जाता है तो जीवन में ईश्वर प्रदत्त, ये जो हमारा शरीर है वो हमारे सभी संकल्पों की पूर्ति के लिए उत्तम माध्यम बन सकता है” ।

सबसे सस्ता जीवन बीमा है योग
“इस अर्थ में योग आस्तिक के लिए भी है, योग नास्तिक के लिए भी है। जीरो बजट से दुनिया में कहीं पर भी health insurance नहीं होता है, लेकिन योग ऐसा है जो जीरो बजट से health assurance देता है” ।

“भारत जैसे गरीब देश, दुनिया के गरीब देश, developing countries, उनका health का बजट अगर preventive health care पर बल दिया जाए तो काफी बचाया भी जा सकता है और सही काम में उपयोग भी लाया जा सकता है और इसलिए preventive health care के जितने उपाय है, उसमें योग एक सरल, सस्ता और हर किसी को उपलब्ध, ऐसा मार्ग है” ।

“योग बीमारी से ही मुक्ति का मार्ग नहीं है। ये सिर्फ fitness की नहीं, ये wellness की गारंटी है। अगर जीवन को एक Holistic development की ओर ले जाना है, ये उसका उत्तम मार्ग है” ।

“यही कारण है कि मैं योग को स्वास्थ्य बीमा का पासपोर्ट कहता हूं। बीमारियों का इलाज होने से ज्यादा यह कल्याण का साधन है” ।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में में योग पर पीएम
“योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।”

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