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बदलाव के वाहक बनें राज्यपाल: प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यपालों से कहा कि वे संविधान की शुचिता बनाये रखते हुए समाज में बदलाव के वाहक बनें। राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में वर्ष 2022 तक न्यू इंडिया यानी नए भारत का निर्माण करने के मिशन की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष जोर देकर कहा कि इसे केवल व्‍यापक जन सहभागिता की बदौलत ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि न केवल नई तकनीक हासिल करने, बल्कि दीर्घकालिक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए भी नवाचार को प्रोत्साहित करना अत्‍यंत आवश्‍यक है। उन्होंने राज्यपालों को विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ विस्तार से बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को नवाचार का केंद्र होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्‍यपाल अपने-अपने राज्यों और विशेष रूप से युवाओं एवं विश्वविद्यालय नेटवर्क को किसी एक ऐसे खेल (क्रिकेट के अलावा) को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं जिसमें संबंधित राज्य उत्कृष्टता हासिल करने की विशेष क्षमता रखता है और इसके साथ ही इस दिशा में सतत रूप से प्रयासरत भी है।

इससे पहले सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से युवाओं को जोड़ना अत्‍यंत आवश्यक है। उन्‍होंने कहा कि राज्यों के स्तर पर उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने नागरिकों पर भरोसा करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने अब व्यक्तियों द्वारा दस्तावेजों का स्वयं सत्यापन किए जाने एवं पासपोर्ट प्राप्त करने की मौजूदा आसान व्‍यवस्‍था के उदाहरण देते हुए नागरिकों पर भरोसा करने के इस दर्शन को आगे ले जाने का आग्रह राज्यों से किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश के प्रत्येक भाग के विकास के संदर्भ में संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची में शामिल जनजातीय एवं आदिवासी स्वदेशी समुदायों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करना अत्‍यंत आवश्‍यक है। राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर राज्य का विकास होगा।

राज्‍यों के 27 राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेशों के तीन उपराज्यपाल इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेशों यथा दादर एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव के साथ-साथ लक्षद्वीप के प्रशासक भी इस सम्‍मेलन में विशेष रूप से आमंत्रितगण हैं। सम्मेलन में आज उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी भाग लिया।

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