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जब पीएम मोदी ने की एक आम इंसान की मदद

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पायल अग्रवाल के दिल में नाउम्मीदी ने घर बना लिया था। मानवता पर से उसका विश्वास उठ चुका था। ऐसे में भाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में उम्मीद की एक किरण दिखाई। और जो कोई आसरा ना देख उनकी ओर उम्मीद की नजर से देखते हैं, प्रधानमंत्री उन उम्मीदों पर खरा भी उतरते हैं। पायल अग्रवाल ने इस बारे में पूरी जानकारी फेसबुक पर शेयर की हैं। जानिए किस तरह पीएम मोदी ने पायल की मदद की-

ऐसा नहीं है कि मैं मोदी जी की समर्थक नहीं हूँ। परंतु दिल के किसी कोने में हमेशा मुझे लगता था कि राजनौतिक विषयों पे ज़माने की हाँ में हाँ मिला लेना बेहतर है, वरना राजनेता हम जैसे किसी भी आम इंसान का भला नहीं करते। मैं राजनैतिक विषयों के बारे में बहुत अधिक नहीं जानती और दैनिक जीवन की आपाधापी में प्रधानमंत्री की कुशलता या बेहतरी को परखना मेरे लिए मुश्किल था।

8 नवम्बर को मोदी जी ने नोटबन्दी का आगाज़ किया। मैंने घर वालों से बहुत आलोचना की। ना जाने क्यों, टीवी और अखबार की खबरों का मुझ पे बहुत असर था। फिर मैं नए नोट लेने/ पुराने बदलवाने बैंक गयी। बिना मुश्किल काम हो गया। लोग भी बेहद आशावादी लगे। कोई शिकन नहीं। मुझे फिर भी टीवी की खबरें देख के यकीं नहीं हो रहा था कि सब ठीक है।
खैर.. भाई Vinay Mangal के कहने पे डेबिट कार्ड और UPI का इस्तेमाल करना शुरू किया। प्रधानमंत्री जी की गोवा में की हुई अपील का खासा असर भी था।

दो घटनाएं हुईं…
– पहली में जयपुर मानसरोवर में एक दूकानदार के यहाँ खरीदारी की। PNB बैंक के डेबिट कार्ड से पेमेंट किया। पहले स्वाइप में पर्ची नहीं आयी, पर मुझे 550 रूपये कटने का sms आ गया। दुकानदार नहीं माना। कहा दुबारा स्वाइप करना पड़ेगा और अगर पिछला कटा है तो वापस आ जाएगा। ठीक है..

– दूसरी घटना जयपुर के पुराने शहर की एक दुकान पे। यहाँ करीब 1500 रूपये का मामला था और मुझे sms भी नहीं मिला।
कुछ दिन बाद जब बैंक स्टेटमेंट देखा तो रूपये दोनो बार एक से अधिक बार कटे हुए थे। दुकानदारों से संपर्क किया तो दोनों ने लौटाने से मना कर दिया। PNB बैंक संपर्क किया तो उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए।

दुःख 2000 रूपये का नहीं था। न ही दुकानदारों की अनैतिकता का। दुकानदार एक सामान्य आदमी हैं और उनसे कोई मदद या नैतिकता की आशा मैं नहीं लगाती। PNB बैंक का रवैय्या भी किसी सरकारी बैंक से अधिक नहीं था। मुझे दुःख था कि मेरे प्रधानमंत्री ने मेरा विश्वास तोड़ा था। उनके कहने पे मैंने डिजिटल भारत में मेरा योगदान दिया था।

घर आके भाई को बहुत लताड़ा। कहा तू और तेरे मोदी जी… दिलवा अब मेरे पैसे वापस..
भाई ने सहजता से कहा कि वापस आ जाएंगे। मुझे नहीं पता था कि कैसे और मेरे गुस्से की कोई सीमा न थी।

भाई ने मुझे अपने मोबाइल पे PM मोदी की मोबाइल एप्प डाउनलोड करने को कहा। बोला इसमें अपना अकाउंट बना और PM को तेरी समस्या लिख दे। मुझे मजाक प्रतीत हुआ और फिर भी अनमने से यह सब किया। मोदी जी को लिखा की मेरे साथ यह घटना हुई है और 120 करोड़ हिंदुस्तानियों की तरह आपसे आशा लगाती हूँ की कुछ निवारण मिलेगा।

बात जनवरी की थी, मुझे हाथों हाथ एक unique कंप्लेंट नंबर आ गया।
कुछ समय बिता। अब तक मैं मान के बैठ चुकी थी की भाई तो ऐसे ही आशावादी है, PM के पास कहाँ फुर्सत है।
मुझे अब कोई आशा न थी।

और 7 मार्च को वह हुआ जो बयान करते हुए मेरा गला रुन्धता है। दिल्ली से PNB बैंक के सर्वोच्च अफसर का फोन आया। कहा मैडम, घटना के लिए बहुत क्षमा और देरी के लिए माफी। हमने आपकी सारी डिटेल मंगवा ली हैं और आपको जल्द ही निवारण मिल जाएगा। PM ऑफिस खुद इसकी जानकारी मांग रहा है।

मैं स्तब्ध… फोन हाथ से मानो छूटता हुआ… गला एकदम रुंधा… मैं ने हां हुंकार करके फ़ोन रखा और रोना सा आ गया। ज़िन्दगी में ऐसी घटनाएं कम होती हैं। किसी बहुत बड़े आदमी से एक आम छोटे इंसान को न्याय मिलना सिर्फ कुछ खुशनुमा मूवी या कहानियों में देखा था।
तुरंत sms आये, कंप्लेंट नंबर फिर से मिला और पैसे तुरंत वापस मेरे बैंक अकाउंट में।

एक बार के लिए समझिये की यह बात मेरे लिए इतनी बड़ी क्यों है। मैं एक आम इंसान हूँ। ज़िन्दगी की जमीनी हकीकत से वाकिफ हूँ। न्याय, सुनवाई, सजगता इत्यादि पे कभी भरोसा नहीं रहा। किसी लोकल पार्षद से भी ऐसे व्यवहार की आशा नहीं होती…. और यहाँ एक व्यक्ति, जो अपने आप को प्रधानसेवक कहता है, जो इस देश का सर्वोच्च पदाधिकारी है… मुझ एक मामूली से इंसान की एक बार दर्ज की हुई, व्यक्तिगत शिकायत के लिए बड़े बड़े बैंक खड़का देता है………

यह मेरे बदलते भारत की जीत है।
एक बार फिर …. हाथ जोड़ के भारत सरकार और मोदी जी को नमन..
जय हिंद!
~ पायल अग्रवाल

पायल अग्रवाल फेसबुक 

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