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पीएम मोदी का आह्वान ऐसे बन जाता है जन अभियान

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देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इतना लगाव है कि वो उनपर पूरा भरोसा करती है। वो एक ऐसी ही शख्सियत बन गए हैं जिनकी एक अपील पर लोग पूरे जोश के साथ तन-मन से जुट जाते हैं। उनका एक आह्वान जन अभियान की शक्ल अख्तियार कर लेता है। इसकी बानगी दो दिन पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखने को मिला। एक ऐसा वीडियो सामने आया है जो प्रधानमंत्री की अपील के गहरे असर को दिखाता है। मेजर गौरव आर्या के ट्विटर अकाउंट से शेयर किए गए इस वीडियो को देखकर आपको अंदाजा लग जाएगा कि लोग सेना के जवानों के प्रति कितना सम्मान रखने लगे हैं।

दरअसल सैनिकों का एक जत्था इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से गुजर रहा था। तभी भारतीय सेना के जवानों को देखकर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। भारत में अपनी तरह के इस पहले अभिवादन को देखकर सेना के जवानों को भी सुखद अहसास हुआ। लोगों के इस अभिवादन से खुश सेना के जवानों ने भी लोगों से हाथ मिलाकर उनका समर्थन किया।

दरअसल सेना के पूर्व कर्मचारियों के बीच भोपाल में शौर्य स्मारक पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सीमा पर जान गंवाने वाले सेना के जवानों के दिखने पर उन्हें सम्मान दें। उन्होंने तब कहा था कि विदेशों में जब कहीं आम नागरिक सेना के जवानों को देखते हैं तो वो उनका तालियों के साथ सम्मान करते हैं। क्या हम इस परंपरा की शुरुआत नहीं कर सकते क्या? जाहिर है प्रधानमंत्री की इस अपील का असर दिखाई दे रहा है।

दरअसल देश की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहद लगाव है। इसकी तमाम वजहें हैं, उनकी ईमानदारी, उनका कर्तव्य के प्रति समर्पण और उनकी कर्मठता ने देश के लोगों में नया भरोसा जगाया है। उनकी न खाऊंगा न खाने दूंगा और न बैठूंगा न बैठने दूंगा के बयानों से भी साफ है कि वे कितने दृढ़ निश्चयी हैं। एक नहीं ऐसे बहुतेरे उदाहरण हैं जब पीएम की अपील को देश के लोगों ने एक तरह से आंदोलन का शक्ल दे दिया है।

आठ राज्यों में रविवार को बंद रहेंगे पेट्रोल पंप
भारतीय पेट्रोल पंप मालिकों के संगठनों ने फैसला किया है कि देश के 8 राज्यों में 14 मई के बाद से हर रविवार पेट्रोल पंप बंद रहेंगे। आपको बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी ने मन की बात के दौरान लोगों से ईंधन को बचाने की अपील की थी। इस अपील को मानते हुए 14 मई के बाद से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, हरियाणा और महाराष्ट्र के साथ ही पुडुचेरी में हर रविवार को पेट्रोल पंप बंद रहेंगे।

एक अपील और एक करोड़ ने छोड़ दी गैस सब्सिडी
देने का भी आनंद आता है। देने का भी एक संतोष होता है। -नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से इसकी अपील कर रहे हैं कि जो सक्षम हैं वो गैस सब्सिडी छोड़ दें। पीएम मोदी ने इसे Give it up अभियान नाम दिया। पीएम की इस एक अपील ने सरकार का खजाना भर दिया। सरकार को अब तक GiveItUp से 1133 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। बीते दिनों आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक एक करोड़ पांच लाख से ज्यादा लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी है। इनमें लाखों लोग वे भी शामिल हैं जिनकी आमदनी दस लाख रुपये से कम है। पीएम मोदी के इस अभियान का असर ये रहा कि आज उज्ज्वला योजना को गति दी जा सकी और लगभग एक करोड़ अस्सी लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जा सका। 

भीम एप को जबरदस्त रिस्पॉन्स
सरकार यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई), भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) और अब आधार पे जैसे देसी ऐप्स के जरिये डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की ट्रांजैक्शन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से डॉ भीम राव अंबेडकर के नाम पर ‘भीम एप’ को 30 दिसंबर 2016 को लांच किया था। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि इसे ज्यादा से ज्यादा अपनाएं और देश को कैशलेस ट्रांजैक्सन की दिशा में आगे बढ़ाएं। पीएम की इस अपील का इतना असर हुआ है कि अब तक भीम ऐप को 1.9 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है।

किसानों ने सुनी पीएम मोदी की मन की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों से फसल उत्पान बढ़ाने की अपील की थी, खासकर दलहन की फसलों की पैदावार बढ़ाने पर उन्होंने जोर दिया था। पीम मोदी की अपील से देश के किसानों ने देश में अन्न के भंडार भर दिए हैं। इस बार 2 हजार 700 लाख टन से भी ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है। यह देश के कृषि उत्पादन के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। पिछले वर्ष उत्पादन का यह आंकड़ा 26.55 करोड़ टन था। दलहन फसलों की पैदावार में इस फसल वर्ष में 35.54 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस बार करीब-करीब दो सौ नब्बे लाख हेक्टेयर धरती पर भिन्न-भिन्न दालों की खेती की गई जिसमें दलहन की पैदावार 2.21 करोड़ टन रहने के अनुमान हैं।

नोटबैन को मिला जबर्दस्त समर्थन
हमने जो कदम उठाया है वो काले धन और भ्रष्टाचार को लेकर है। इसमें थोड़ी परेशानी तो उठानी होगी लेकिन सुविधा भी आम जनता को ही आगे आने वाली है।

8 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री की इस अपील को देश के लोगों ने इस कदर साथ दिया कि तमाम विरोध-प्रतिरोध हवा हो गए। विपक्षी दलों के बंद के आह्वान को देश की जनता ने ठेंगा दिखा दिया और नोटबंदी का फैसले को जनता ने सही ठहराया। ये इस बात से भी साबित होता है कि नोटबंदी के बाद तमाम विरोधी दलों की गोलबंदी के बावजूद देश अब तक हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को जबरदस्त सफलता मिली है।

संदेश फॉर सोल्जर्स
बीते साल भारतीय सेना के जवानों को दिवाली संदेश भेजने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद लाखों लोगों ने जवानों को बधाई संदेश भेजे। 10 लाख से भी ज़्यादा लोगों ने विभिन्न माध्यमों से जवानों को दिवाली की बधाई दी है। 07 लाख लोगों ने तो फेसबुक, ट्विटर और माइगोव द्वारा सन्देश भेजे, वहीं तीन लाख लोगों ने नरेन्द्र मोदी ऐप से बधाई संदेश भेजे। पीएम की अपील पर बधाई संदेश भेजने वालों में एक्टर अक्षय कुमार, सलमान खान, आमिर खान, अनुपम खेर और कैलाश खेर जैसी हस्तियां शामिल रहीं, वहीं खेल जगत के विराट कोहली, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, युवराज सिंह और साक्षी मालिक जैसे दिग्गजों ने जवानों को बधाई संदेश भेजे। इसके साथ ही देश के कई बड़े उद्योगपतियों ने भी जवानों को दीवाली के बधाई संदेश भेजे।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
22 जनवरी, 2015 को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की गई। शुरुआत में इस अभियान को देश के 100 जिलों में टारगेट किया गया। दरअसल 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 3.73 करोड़ महिलाएं कम हैं। इतना ही नहीं देश में 0-6 आयुवर्ग में लिंगानुपात 1991 की जनगणना के आकड़ों के अनुसार 945 था जो घटकर 2001 की जनगणना में 927 पर आ गया और यह 2011 में ये 918 पर आ गया। लेकिन पीएम मोदी की इस अपील का असर दिखने लगा है। हरियाणा 2011 में दबां 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 877 थी, वहीं 2015 के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार 903 हो गई है।

सेल्फी विथ डॉटर
28 जून, 2015 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने सभी माता-पिता से अपनी बेटियों के साथ सेल्फी लेकर उसे साझा करने का आह्वान किया। दरअसल बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के जिस अभियान के साथ नरेंद्र मोदी मिशन लेकर चले थे, उसका एक खूबसूरत पड़ाव उन्हें हरियाणा के एक सरपंच की कार्यशैली में नजर आई, जिसने प्रधानमंत्री की प्रेरणा से #SelfieWithDaughter का अभियान शुरू किया था।। लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने इसका मन की बात में जिक्र किया, ये पूरी दुनिया के लिए एक बड़े अभियान में तब्दील हो गया। कुछ ही घंटे के भीतर #SelfieWithDaughter सोशल मीडिया पर छा गया। भारत में फेसबुक और ट्विटर दोनों पर यह टॉप ट्रेंड बन गया और यह दुनिया भर के टॉप 5 ट्रेंड्स में शामिल था। इस विषय पर एक लाख से अधिक ट्वीट्स किये गए। अफ्रीका और यूरोप में भी इस अभियान के प्रति उत्साह देखा गया।

विकलांग नहीं दिव्यांग कहिए
शब्दों का अपना महत्व होता है… परमात्मा ने जिसको शरीर में कुछ कमी दी है, हम उसे विकलांग कहते हैं। कभी-कभी हम जब उनसे मिलते हैं तो पता चलता है कि हमें आंखों से उनकी यह कमी दिखती है, लेकिन ईश्वर ने उन्हें कुछ एक्स्ट्रा पावर दिया होता है। एक अलग शक्ति का उसके अंदर परमात्मा ने निरूपण किया होता है। मेरे मन में विचार आया कि क्यों न हम देश में विकलांग की जगह पर दिव्यांग शब्द का प्रयोग करेंगे। ये वे लोग हैं, जिनके पास एक ऐसा अंग है या एक से अधिक अंग हैं , जिसमें दिव्यता है। मुझे यह शब्द अच्छा लग रहा है।-नरेंद्र मोदी

27 दिसंबर, 2015 को मन की बात के 15वें संस्करण में पीएम मोदी की कही गई इस बात को देश की जनता ने मानी। ऐसे लोग जिनके शरीर में कुछ कमी होती है उन्हें अब लोग विकलांग न कहकर दिव्यांग कहने लगे हैं। ये प्रधानमंत्री की सकारात्मक सोच को तो दर्शाता ही है, ये देश के मिजाज को, देश की सोच को एक नयी दिशा-दशा की ओर ले जाने का प्रधानमंत्री का एक बड़ा प्रयत्न है।

स्वच्छ भारत अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर, 2014 को खुद हाथ में झाड़ू थाम के निकले तो उनके साथ पूरा देश जुड़ गया। स्वच्छ भारत अभियान को साकार करने के लिए एक से बढ़कर एक हस्तियों का साथ मिला और ये अभियान जन आंदोलन बन गया है। दरअसल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ‘स्वच्छ भारत’ का सपना देखा था, जो अब तक अधूरा है, इसे पूरा करने के प्रधानमंत्री ने ठाना है। इस योजना को 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान का मुख्य पहलू ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रो में सभी घरों में शौचालय उपलब्ध कराना है। भारत की 75 करोड़ आबादी गावों में रहती है, लेकिन 50 करोड़ के पास आज भी शौचालय नहीं है। वर्तमान सरकार ने इसके लिए प्रोत्साहन राशि को 9000 हजार रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया है। महज दो साल के भीतर ही दो करोड़ शौचालयों का निर्माण हो चुका है। इसके साथ तकरीबन 2.75 लाख स्कूलों में विशेष तौर पर लड़कियों के लिए करीब 4.25 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है। सबसे खास ये है कि प्रधानमंत्री स्वयं हर बुधवार को होने वाली बैठकों में स्थिति का जायजा लेते हैं।

महापुरुषों की मूर्ति सफाई अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर, 2015 को मन की बात की। इसमें उन्होंने देशवासियों से देश के महापुरुषों और शहीदों के प्रति भावनात्मक लगाव को व्यवाहारिक रूप से प्रकट करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री के आह्वान पर पूरे देश में महापुरुषों की मूर्तियों की सफाई का एक अभियान सा चल पड़ा। हर राज्य, हर जिले, हर शहर से लेकर गांव तक में स्थापित महापुरुषों की मूर्तियों, स्मारकों के परिसर को साफ करने के बाद, उन फोटो को #StatueCleaning के साथ सोशल मीडिया शेयर भी किया। हजारों ऐसे फोटो सोशल मीडिया पर आए।

ड्रग्स फ्री इंडिया 
प्रधानमंत्री ने देश को नशाखोरी से मुक्त करने का आह्वान किया। इसके लिए उन्होंने मन की बात के तीसरे संस्करण में अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के लिए समय निकालें और बच्चों के साथ भावनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा करें। ऐसा करने से समय रहते बच्चों को उन्हें संभाला जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के तीसरे संस्करण में ड्रग्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने ‘ड्रग्स फ्री इंडिया’ करने का आह्वान किया। उन्होंने ड्रग्स के तीन नुकसान बताए- 3D: D-डिस्ट्रक्शन, डेवस्टेशन और डार्कनेस। प्रधानमंत्री के आह्वान पर नशा करने वाले बच्चों के प्रति लोगों का नजरिया बदला है।


मोदी का गिफ्ट ‘सुरक्षा बंधन’
29 अगस्त, 2015 को प्रधानमंत्री ने एक अनूठे अभियान की शुरुआत की। इसे सुरक्षा बंधन नाम दिया गया। सुरक्षा बंधन अभियान के तहत लोगों को अपने प्रियजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना उपहार के तौर पर देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पीएम मोदी के इस आह्वान ने एक अभियान का शक्ल ले लिया और 11 करोड़ परिवार इससे जुड़ गए। इसके तहत 351 रुपये मूल्य के उपहार चेक से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के एक साल के प्रीमियम का भुगतान करने का आह्वान किया गया था।

इंक्रेडिबल इंडिया अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मई, 2015 को मन की बात में पहली बार #IncredibleIndia की बात की। उन्होंने कहा कि छुट्टियों के दिनों में सब लोग कहीं न कहीं जाते हैं। भारत के अलग-अलग कोनों में जाते हैं। उन्हें अपने अनुभव #IncredibleIndia के साथ शेयर करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए #IncredibleIndia अभियान की शुरूआत की। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी यात्रा के अनुभव देशवासियों के साथ शेयर करें। इसके जरिये ये भी कोशिश की कि देश के लोगों को अपने देश के ही अलग अलग भौगोलिक स्थिति, वहां की खूबियां और खूबसूरती को जानने का मौका मिले। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद हजारों लोगों ने देशभर के विभिन्न पर्यटन स्थलों के अनुभव, रमणीय फोटो #IncredibleIndia के साथ शेयर किया। स्वयं प्रधानमंत्री ने उन पोस्ट में से कुछ को रिट्वीट किया। इन तस्वीरों में से 50 फोटो का चयन करके फेसबुक पेज पर एल्बम तैयार किया गया जिसे 18 हजार लोगों ने शेयर भी किया।

योग दिवस का अभियान
वह एक ऐतिहासिक क्षण था। 11 दिसंबर 2014 – यूनाइटेड नेशंस की आम सभा ने भारत द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में घोषित कर दिया। यूएन ने योग की महत्ता को स्वीकारते हुए माना कि ‘योग मानव स्वास्थ्य व कल्याण की दिशा में एक संपूर्ण नजरिया है।’ दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 सिंतबर, 2014 में यूएन में यह प्रस्ताव पहली बार पेश किया और तीन महीने से भी कम समय में यूएन की महासभा में पास हो गया। दुनिया के 175 देशों ने भी सह-प्रस्तावित किया था। यूएन जनरल असेंबली में किसी भी प्रस्ताव को इतनी बड़ी संख्या में मिला समर्थन भी अपने आप में एक रिकॉर्ड बन गया। पहली बार हुआ था कि किसी देश ने यूएन असेंबली में कोई इस तरह की पहल सिर्फ 90 दिनों के भीतर पास हो गई हो। पीएम मोदी का यह आह्वान आज देश ही दुनिया में एक अभियान के तौर पर चल रहा है।

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