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मेरी जाति है गरीबी, इसलिए मैंने गरीबी के खिलाफ बगावत की है- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब के चुनावी दौरे पर हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया और बिहार के बक्सर में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के बाद बिहार के सासाराम और पंजाब के चंडीगढ़ में जनसभाओं को संबोधित करने का पीएम मोदी का कार्यक्रम है। बलिया में पीएम मोदी मंच से खुलकर बोले और जनता को मोह लिया। उन्होंने कहा कि हमारी योजना भारत को सबसे शक्तिशाली देश बनाने की है। हम इसमें काफी हद तक सफल भी रहे हैं। हमको रोकने का काम भी तेज हो गया है। अवसरवादी तथा महामिलावटी एक होकर विरोध में लगे हैं, लेकिन मुझे तो जनता का सहयोग है। मैं इनके प्रयास को बेकार कर दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं तो मां, बहनों और बेटियों के सम्मान में खड़ा हूं।

पीएम मोदी ने कहा, “इसके पहले मई के महीने में ही आपके बीच आया था। तब क्रांतिवीरों की इस धरती से गरीब बहनों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली, आत्मविश्वास पैदा करने वाली उज्ज्वला योजना शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से आज देश की 7 करोड़ से अधिक गरीब बहनों की रसोई में मुफ्त गैस कनेक्शन पहुंचा है। कभी हिन्दुस्तान को गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए बागी हुआ बलिया अब देश के गरीबों को धुएं से मुक्ति दिलाने का भागीदार बना है। यही कारण है कि आज पूरे देश में गरीब माताओं-बहनों का भरपूर समर्थन आपके इस सेवक को मिला है।”

पीएम मोदी ने कहा, “मैं तो मां-बहनों-बेटियों के सम्मान में खड़ा हूं। मैं गरीब के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए खड़ा हूं। समाज की आखिरी पंक्ति में जो खड़ा हुआ व्यक्ति है, उसे सशक्त करने के लिए मैं खड़ा हूं। लेकिन, हताशा में अब महामिलावटी लोग पूछ रहे हैं कि मोदी की जाति क्या है। मैंने कई चुनाव लड़े और लड़वाया भी हूं। मैं पैदा भले ही अति पिछड़ी जाति में हुआ हूं, लेकिन मेरा लक्ष्य दुनिया में हिन्दुस्तान को अगड़ा बनाने का है। मेरे दिमाग में, मेरे जेहन में जाति नहीं है। इसलिए घर, गैस का चूल्हा, शौचालय भी जाति पूछकर नहीं दिया। इसलिए वोट भी जाति के नाम पर नहीं मांग रहा हूं। न देता जाति के नाम पर हूं, न लेता जाति के नाम पर हूं। मुझे तो देश के लिए जीना है, देश के लिए कुछ करना है, इसलिए वोट भी देश के लिए मांगता हूं।”

पीएम मोदी ने कहा, “यह मेरे दिल की आवाज है जो मैं बलिया में आपसे कहना चाहता हूं। जयप्रकाश नारायण की जहां छाया हो, उस धरती से कुछ कहना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता कि आपकी संतान आपकी तरह पिछड़ी हुई जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो। मैं नहीं चाहता कि आपकी संतानों को विरासत में पिछड़ापन मिले। मैं नहीं चाहता कि आपके बच्चों को विरासत में गरीबी मिले। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस दयनीय स्थिति को मुझे बदलना है। इसलिए, मुझे आपके आशीर्वाद चाहिए।“

पीएम मोदी ने कहा, “मैं ये काम इसलिए कर पाऊंगा, क्योंकि मैं आपके बीच से निकल कर आया हूं। मैंने गरीबी-पिछड़ेपन को भुगता है। जो दर्द आप आज सह रहे हैं, मैंने उसे सहा है। मैं अपना पिछड़ापन, अपनी गरीबी दूर करने के लिए नहीं, आपके लिए जीता हूं, आपके लिए जूझता हूं। इसलिए, मुझे विश्वास है कि इस परिस्थिति को बदलने में हम सफल होंगे।“ उन्होंने कहा, “बलिया गुलामी के खिलाफ बागी हुआ, मैं गरीबी के खिलाफ बागी हो चुका हूं। मेरी एक ही जाति है, मेरी जाति है गरीबी, इसलिए मैंने गरीबी के खिलाफ बगावत की है।“

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान अमर शहीद मंगल पांडे, शेरे बलिया चित्तू पांडेय, वीर कुंवर सिंह और युवा तुर्क चंद्रशेखर को याद किया।

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