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सवा सौ करोड़ देशवासियों के सपने को पूरा करने के लिए जी-जान से जुटें अधिकारी: प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिविल सर्विस दिवस के अवसर पर दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजत सम्मेलन को संबोधित किया। श्री मोदी ने कहा कि न्यू इंडिया बनाने के लिए सरकार ने जनकल्याण की कई योजनाएं शुरू की हैं और इनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी देशभर में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों की है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता सामान्य मानव के जीवन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने की है। आज भी सामान्य लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जूझना पड़ता है। अगर सभी अधिकारी यह ठान लें कि उन्हें आम लोगों की जिंदगी में होने वाली तकलीफों को खत्म करना है तो देश में वो बदलाव आएगा, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। श्री मोदी ने अधिकारियों से अपना प्रत्येक कार्य आम आदमी को केंद्र में रखकर करने का आग्रह किया।

आकांक्षापूर्ण जिलों को हर पैरामीटर में आगे लाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 115 आकांक्षापूर्ण जिलों की भी बात की। उन्होंने कहा कि यह वो जिले हैं, जो किन्ही कारणों से विकास की यात्रा में पीछे छूट गए हैं। सरकार के साथ अधिकारियों की भी जिम्मेदारी है कि इन जिलों की समस्याओं को समझ कर उनका निवारण करें, ताकि यह जिले भी बाकी जिलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ सकें। पीएम मोदी ने बताया कि बड़ी संख्या में सीनियर अधिकारियों ने अपनी अंत:प्रेरणा से इन जिलों का दौरा किया है, अगर अधिकारी इसी प्रेरणा के साथ काम करेंगे तो अगले तीन वर्षों में यह जिले राज्यों के ड्राइविंग फोर्स बन जाएंगे। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से इन आकांक्षापूर्ण जिलों को हर मानक में ऊपर लाने का आह्वान किया।

सफलता के लिए जनभागीदारी जरूरी
पीएम मोदी ने जनभागीदारी के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा के वक्त राहत और बचाव कार्य आसानी से हो जाता है, क्योंकि उसमें सभी लोग हाथ बंटाते हैं। इसी प्रकार अधिकारियों को अपने जिलों में किसी भी कार्य के साथ स्थानीय लोगों को जोड़ना चाहिए, इससे कार्य आसान हो जाएगा और सफल भी होगा। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी भारत जैसे देश की सफलता का आधार है।

टेक्नोलॉजी तक पहुंच बनाएं अधिकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से टेक्नोलॉजी से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि किस तरह सरकार में आने पर उन्होंने प्लानिंग और मॉनिटरिंग में स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। श्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशिलय इंटेलीजेंस आज के समय की मांग है। टेक्नोलॉजी से निर्णय प्रक्रिया में आसानी होती है। अगर तकनीकि के साथ सामंजस्य नहीं बैठा पाएंगे तो विकास के सपने को किसी भी हाल में पूरा नहीं किया जा सकता है।

पारंपरिक सरकारी सिस्टम को बदलें
प्रधानमंत्री ने कहा कि योजनाओं को फाइलों में नहीं अटकाएं। सरकार की सफलता का मूलमंत्र है मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस। आज भी फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल पर घूमती हैं, अधिकारी अपनी टिप्पणी लिखते हैं। कहा जाता है कि चारधाम की यात्रा के बाद मोक्ष मिल जाता है, लेकिन सरकार में 32 यात्रा के बाद भी फाइल का मोक्ष नहीं होता है। अधिकारी चाहें तो इस प्रक्रिया को सरल कर सकते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने दो पुस्तकों का भी विमोचन किया। प्रधानमंत्री ने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया।

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