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भारत के प्रति बदल गया है पूरी दुनिया का नजरिया- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति पूरी दुनिया का नजरिया बदल गया है। उन्होंने प्रवासी भारतीय दिवस पर पहले प्रवासी सांसद सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर ये बात कही है। इस सम्मेलन में दुनिया भर से आए भारतीय मूल के प्रवासी सांसद और मेयर शामिल हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि, “भारतीय मूल का एक मिनी वर्ल्ड पार्लियामेंट आज मेरे सामने उपस्थित हुआ है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि “विश्व के साथ भारत के संबंधों के लिए यदि सही मायने में कोई परमानेंट एंबेसडर है तो वो भारतीय मूल के लोग हैं।”

भारत ट्रांसफॉर्म हो रहा है- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि इस समय भारत के लोगों की आशाएं एवं आकांक्षाएं उच्चतम स्तर पर हैं। उनके अनुसार व्यवस्थाओं में हो रहे संपूर्ण परिवर्तन का परिणाम हर सेक्टर में नजर आ रहा है। इसी का नतीजा है कि साल 2016-17 में भारत में 60 बिलियन डॉलर का अभूतपूर्व एफडीआई आया। उन्होंने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस में 42 अंक, ग्लोबल कंपीटिटिव इंडेक्स में 32 स्थान, ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 21 स्थान, लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स में 19 अंक के सुधार का असर है कि तमाम संस्थाएं भारतीय अर्थव्यवस्था को पॉजिटिव रूप में देख रही हैं। उन्होंने कहा कि, “पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति पूरे विश्व का नजरिया बदल गया है। आज पूरे विश्व का भारत पर फोकस बढ़ रहा है। इसका मूल कारण यही है कि भारत स्वयं बदल रहा है, भारत ट्रांसफॉर्म हो रहा है। यह बदलाव आर्थिक, सामाजिक स्तर पर होने के साथ ही वैचारिक स्तर पर भी आया है।”

आधा से ज्यादा निवेश पिछले तीन वर्षों में हुआ है- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों के सम्मेलन में बताया कि, निर्माण, हवाई यातायात ,माइनिंग, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, इलेक्ट्रिकल सामान से जुड़े सेक्टर में भारत में अबतक जितना भी निवेश हुआ है उसका आधे से ज्यादा सिर्फ पिछले तीन वर्षों में हुआ है। प्रधानमंत्री के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ है कि भारती अर्थव्यवस्था के हर हिस्से में दूरगामी असर वाला नीतिगत सुधार लाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म टू ट्रांसफॉर्म हमारा गाइडिंग प्रिंसिपल है। उन्होंने जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा कोई सेक्टर नहीं है जिसमें उनकी सरकार रिफॉर्म लेकर नहीं आई हो।

रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि, भारत आज दुनिया का नौजवान देश है। नौजवानों के असीम सपने हैं, उम्मीदे हैं। वे अपनी ऊर्जा सही क्षेत्र में लगाएं, अपने दम पर रोजगार कर सकें इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए सरकार ने स्किल इंडिया मिशन, स्टार्ट अप योजना, स्टैंड अप योजना, मुद्रा जैसी योजनाएं प्रारंभ की है। उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना में स्वरोजगार के लिए लगभग 10 करोड़ लोन स्वीकृत किए गए हैं। 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज बिना बैंक गारंटी दिया गया है। इस एक योजना से देश को तीन करोड़ नए आंत्रप्रेन्योर मिले हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में अब रेलवे लाइन, नेशनल हाइवे दोगुनी रफ्तार से बन रही है, दोगुनी से अधिक रफ्तार से रेलवे लाइन का दोहरीकरण हो रहा है, दोगुनी से ज्यादा रिन्यूअल एनर्जी को पावर ग्रीड से जोड़ा गया है। यही नहीं शिपिंग इंडस्ट्री में कार्गो हैंडलिंग की ग्रोथ में निगेटिव से निकलकर 11% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्जवला योजना से 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को धुएं से मुक्ति ही नहीं मिली है, इससे राज्यों को किरासन फ्री बनाने में मदद मिली है, रसोई गैस के नए डीलर बने हैं, गैस पहुंचाने वालों को रोजगार मिला है, जिससे समाज का आर्थिक सशक्तिकरण भी हो रहा है।

प्रवासियों की उपलब्धियां और सफलता हमारे लिए मान-सम्मान का विषय है- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि प्रवासी भारतीय भले ही शरीर से यहां से चले गए हों लेकिन उनकी आत्मा का अंश आज भी भारत की धरती पर लौटकर गदगद होता है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्षों में भारत से जो भी लोग बाहर गए, भारत उनके मन से कभी बाहर नहीं निकला। प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि, “दुनिया भर में भारत के मूल्य को जीवित रखा। उस जगह को अपना बना लिया, अपना घर बना लिया। एक तरफ अपने में भारतीयता को जीवित रखा, तो दूसरी तरफ वहां की भाषा, खान-पान वेशभूषा में पूरी तरह घुलमिल गए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि, भारत की विकास यात्रा में प्रवासी भारतीयों के लिए हाथ बंटाने के लिए कई अवसर हैं। भारत, विदेश में रहने वाले भारतीयों का ऋणि है। FDI में भारत के लिए आकर्षण के पीछे प्रवासी भारतीयों का बहुत बड़ा योगदान है। वो कैटलिस्ट की भूमिका निभा सकते हैं। टूरिज्म में भी बहुत बड़ा योगदान कर सकते हैं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व में कहीं भी अतिवाद और कट्टरता से मुकाबला करने की कोई विचारधारा है तो वह गांधी जी और भारतीय मूल्यों की विचारधारा है। उन्होंने कहा कि,“हमारी न किसी से संसाधन के दोहन की मंशा है; और न ही किसी के क्षेत्र पर हमारी नजर है। हम प्रत्येक मंच पर सब को साथ लेकर चलने के प्रति प्रयत्नशील हैं। ” उन्होंने कहा कि, “भारत विश्व में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए योगदान करता रहे, यही हमारा प्रयास है और यही हमारा कमिटमेंट भी है।”

प्रधानमंत्री के मुताबिक,”वसुधैव कुटुंबकम की परंपरा में विश्वास रखने वाली हमारी संस्कृति ने विश्व को बहुत कुछ दिया है। जिस तरह 21 जून को पूरे विश्व में करोड़ों लोग योग दिवस मनाते हैं, वो आपके और हमारे लिए स्वभाविक रूप से गर्व की बात है। Holistic living की पद्धति के प्रति विश्व में जो आकर्षण बढ़ा है, वह भारत की संपन्न परंपरा की मानवजाति को एक उम्दा सौगात है।” उन्होंने कहा कि,” जब नेपाल में भूकंप आया या श्रीलंका में बाढ़ आई या मालदीव में पानी का संकट हुआ, तो भारत First responder के रूप में वहां पहुंच जाता है, उपस्थित हो जाता है। जब यमन में संकट आया तो हमने अपने साढ़े चार हजार नागरिकों को सुरक्षित निकाला, तो साथ-साथ 48 अन्य देशों के 2000 व्यक्तियों को भी हम सुरक्षित बाहर निकाल कर लाए। विकट परिस्थिति में भी मानवीय मूल्यों के संरक्षण का ये तरीका भारत की वसुधैव कुटंबकम की भावना का ही जीता-जागता स्वरूप है।” इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी मूल के लोगों को 2019 में होने वाले प्रयाग कुंभ में शामिल होने का भी आह्वान किया।

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