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कर्नाटक: प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

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“हम नारीशक्ति के जीवन में हर पड़ाव पर उनके साथ हैं, आज हमारी नारीशक्ति ने अपने कार्यों से, आत्मबल से, आत्मविश्वास का परिचय दिया है, स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने खुद को तो आगे बढ़ाया ही है, साथ ही देश और समाज को भी आगे बढ़ाने और एक नए मुकाम पर ले जाने का काम किया है। जब देश में महिला का कंट्रीब्यूशन बढ़ता है, तब देश का विकास सुनिश्चित हो जाता है। आखिर हमारा न्यू इंडिया का सपना यही तो है, जहां नारी सशक्त हो, सबल हो और देश के समग्र विकास में बराबर की भागीदार हो। “
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें कर्नाटक की भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने नरेन्द्र मोदी एप के माध्यम से संवाद के दौरान कहा, ‘’आज देश वुमन डेवलपमेंट से आगे वुमन लीड डेवलपमेंट की ओर बढ़ रहा है। आज हम महिला विकास से आगे महिला के नेतृत्व में विकास की बात कर रहे हैं।‘’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की तरह ही भाजपा भी वुमन फर्स्ट के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे घर-घर जाकर केंद्र सरकार की नीतियों का प्रचार करें और मतदान के दिन सुनिश्चि करें की हर बूथ पर पुरुषों से अधिक महिला मतदाताओं के वोट पड़ें। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर बूथ जीत लिया तो विधानसभा चुनाव में दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं सकती है।

हर क्षेत्र में महिलाओं की बराबरी की भागीदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का शुरू से प्रयास रहा है कि सामाजिक- आर्थिक जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की बराबरी की भागीदारी सुनिश्चित हो और सरकार ने इस दिशा में काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यदि आप केंद्रीय कैबिनेट पर नजर डालेंगे तो दिखेगा कि सक्षम महिलाओं को महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की फोटो का जिक्र किया। इन दोनों फोटो में ये महिला मंत्री अन्य देशों के पुरुष मंत्रियों के साथ खड़ी हुई दिखाई दे रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि इन दोनों महिला मंत्रियों का कर्नाटक से बहुत गहरा नाता रहा है।

नई एप्रोच से शुरू की महिला सशक्तिकरण की योजनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को नई एप्रोच के साथ शुरू किया है। सरकार ने गर्भधारण से लेकर प्रसव, बच्चों का जन्म, बच्चियों की पढ़ाई, करियर यानी जीवन के हर पड़ाव को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को केंद्रित किया है। केंद्र सरकार की तरफ से महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से सेक्स रेशिओ में सुधार हुआ है, 161 जिलों में इसके सफल क्रियान्वयन के बाद 640 जिलों में इसका विस्तार किया गया है। जन-धन योजना में 16.5 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत करीब 12 करोड़ लोगों को बगैर बैंक गारंटी के 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन दिया गया है। लोन पाने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक यानि करीब 9 करोड़ महिलाएं हैं। इस साल के बजट में सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ का कर्ज देने का लक्ष्य रखा है। स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत महिला उद्यमियों को 50 हजार से एक करोड़ रुपये तक का कर्ज दिया जा रहा है। इस योजना के तहत महिलाओं को 8,000 करोड़ से अधिक का लोन दिया गया है। स्किल डेवलपमेंट योजना का लाभ पाने वालों में 50 प्रतिशत लड़कियां हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को दी जाने वाली राशि में 2014-15 की तुलना में 2017-18 में 175 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

हर क्षेत्र में महिलाओं को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस फोर्स में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का फैसला लिया है। सरकार ने पासपोर्ट के नियम में बदलाव किया है, अब महिलाओं को पासपोर्ट बनावाते समय शादी या तलाक का सर्टिफिकेट देना जरूरी नहीं है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार की तरफ से मिलने वाले मकानों की रजिस्ट्री में महिलाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। मेटरनिटी लीव को 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया गया है, इतना ही नहीं 50 से अधिक कर्मचारी वाले कार्यालयों में बच्चों के लिए क्रेच की सुविधा अनिवार्य की गई है।

सरकार का महिला स्वास्थ्य पर फोकस
केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत देशभर में एक करोड़ से अधिक प्रेगनेंसी चेकअप किए गए हैं, इसी योजना के तहत कर्नाटक में करीब 4 लाख फ्री हेल्थ चेकअप हुए हैं। मिशन इंद्रधनुष के तहत देशभर में 80 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया है, इस योजना के तहत कर्नाटक में 10 लाख माताओं और बच्चों का टीकाकरण किया गया है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का स्वास्थ्य ठीक रहे, उन्हें पोषणयुक्त भोजन मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की गई है। इसके तहत माताओं को 6,000 रुपये देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय पोषण मिशन भी लॉन्च किया गया है। महिलाओं के जीवन को धुआंमुक्त करने के लिए केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना शुरू की , जिसके तहत देश में करोड़ों महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं, सिर्फ कर्नाटक में ही करीब 9.5 लाख महिलाओं यानी गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

लड़कियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की है, इस योजना के तहत देश में करीब सवा सौ करोड़ बैंक खाते खुले हैं, जिनमें 19,000 करोड़ से अधिक की रकम जमा हुई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि कर्नाटक में इस योजना के तहत करीब 10 लाख से अधिक खाते खुले हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने बेटियों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया है। बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ से लड़कियों की शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है। सरकार ने लड़कियों के लिए कई छात्रवृत्तियां शुरू की हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्कूलों में लाखों शौचालय बनाए गए हैं ताकि बेटियों को समस्या न हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, और प्रधानमंत्री सुरक्षित बीमा योजना के साथ महिलाओं को सुरक्षा कवच भी दिया जा रहा है। महिलाओं को अटल पेंशन योजना के तहत विकल्प उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार जीवन के हर मोड़ पर बेटियों के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा, “अब महिलाएं होम मेकर, जॉब सीकर या जॉब क्रिएटर जो भी बनना चाहें, सरकार उनके हर सपने के साथ खड़ी है।”

सरकार के लिए महिला सुरक्षा सर्वोपरि
महिला सुरक्षा पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परिवार और समाज को महिलाओं पर होने वाली हिंसा रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा। उन्होंने कहा कि बेटियों से सवाल पूछने के बजाए बेटों से सवाल पूछना चाहिए कि वो कहां गए थे?, इतनी देर से कैसे लौटे? श्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला सुरक्षा से जुड़े कई कानूनों को सख्त करने का काम किया है। अब मासूमों से रेप करने वाले को फांसी तक की सजा हो सकती है, इतना ही नहीं कुछ मामलों में न्यूनतम सजा 10 वर्ष कर दी गई है।

प्रधानमंत्री मोदी का पूरा संबोधन सुनें-

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