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भारत में उठा विकास का ज्वार, ‘टेररिस्तान’ भौंके हजार

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पाकिस्तान के हुक्मरान भी अब आतंक की भाषा बोलने में लगे हैं। पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के संयुक्त राष्ट्र में दिये भाषण से ये जाहिर हुआ था और अब पाक विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पागलपन भरी टिप्पणी से इस पर मुहर लगा दी है। अब्बासी ने जिस तरह से भारत पर झूठे आरोप मढ़ने की नापाक कोशिश की थी और ख्वाजा आसिफ ने जिस प्रकार से पीएम मोदी को आतंकवादी और आरएसएस को आतंकी संगठन कहने की जुर्रत की है उससे ये साबित हो गया है कि पाकिस्तान की बौखलाहट अब अपनी पराकाष्ठा पर है। आइये जानने की कोशिश करते हैं कि पाकिस्तान आखिर इतना क्यों बिलबिलाया हुआ है और किस तरह से उसका खुद का चेहरा आतंक में आकंठ डूबा हुआ है।  

UN में सुषमा स्वराज के बयान से खार खाया है पाक

पीएम मोदी और आरएसएस पर पाकिस्तान का बौखलाहट भरा बयान पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संबोधन के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को आतंक का निर्यात करने वाला देश बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत ने वैज्ञानिक, विद्वान, डॉक्टर, इंजीनियर पैदा किये और पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठन पैदा किये।

जब भरी सभा में हुई थी पाक की छीछालेदर

ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंक के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल है जो विश्व मंच पर पाकिस्तान को हमेशा पानी-पानी होना पड़ता है। दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी ने संयुक्‍त राष्ट्र में भारत पर हमला बोलते हुए बेसिर-पैर के यह आरोप लगाया था कि भारत के प्रायोजित आतंकवाद का पाकिस्तान लगातार शिकार हो रहा है। अब्बासी का यह बयान चोर बोले जोर से कहावत को चरितार्थ कर रहा था क्योंकि आतंक को खुला समर्थन देते हुए पाकिस्तान का चेहरा कई बार बेनकाब हो चुका है।

आतंकी ओसामा को छुपाता रहा था पाक

आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन को शरण देने वाला पाकिस्तान खुद को आतंक का पीड़ित बताए तो इससे बड़ा मजाक और क्या हो सकता है। पूरी दुनिया ने देखा कि जब पाकिस्तान से लादेन के बारे में पूछा जाता था तो उसका जवाब होता था कि उसे इसके बारे में कुछ नहीं पता लेकिन बाद में वो पाकिस्तान में ही मारा गया।

‘आतंकियों को हथियार दे रहा पाकिस्तान’

गिलगिट बाल्टिस्तान के सबसे प्रभावशाली नेता अब्दुल हामिद खान ने कहा है कि मंगलवार सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट के पास BSF कैंप पर हमले से ये प्रमाणित हो गया है कि पाकिस्तान अपने मंसूबों में आतंक का सहारा ले रहा है। इसके जरिये पाकिस्तान ना सिर्फ पड़ोसी भारत में अस्थिरता पैदा करने में लगा है बल्कि गिलगिट-बाल्टिस्तान की जनता को भी डराने में लगा है जिन्हें आजादी से कम कुछ भी मंजूर नहीं। अब्दुल हामिद ने यह भी कहा कि आतंकियों को शरण देकर पाकिस्तान अपनी demography में परिवर्तन लाना चाहता है। इसी के तहत वो खुद आतंकियों को हथियार भी मुहैया करवा रहा है। हामिद के मुताबिक गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्थानीय लोग अगर किसी भी हथियार के साथ पाये जाते हैं तो Terrorist Act के तहत उन्हें जेल में डाल दिया जाता है जबकि ISI एजेंट बने पाकिस्तान के नागरिकों को गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोगों के नरसंहार की छूट है।  

अब तो चीन भी पाक को आतंक का पोषक मान रहा

अमेरिका के बाद चीन भी पहली बार स्पष्ट तौर पर ये मान चुका है कि पाकिस्तान आतंकवाद का पोषक है और इसे फैला रहा है। चीन का यह रुख संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा पाकिस्तान को बेनकाब करने के बाद ही सामने आया। पिछले हफ्ते चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के एक लेख में पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद पर अपनाई जा रही नीति पर सवाल उठाया गया था।

सुरंग के जरिये आतंक की घुसपैठ करवा रहा पाक

बीते हफ्ते BSF ने अरनिया सेक्टर में 14 फीट लंबी सुरंग का पता लगाकर पाक आतंकियों की भारत में घुसपैठ कराने की साजिश का भंडाफोड़ किया। अरनिया सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ जमीन के 8 फीट नीचे खोदी गई यह सुरंग 14 फीट लंबी और 3 फीट चौड़ी है। यहां सुरक्षा बलों को मिले बैग से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं। पाकिस्तान सेना की गोलीबारी के कवर में आतंकी इन सुरंगों का इस्तेमाल भारत में घुसकर आतंक फैलाने के लिए करते थे।

भारत में पाक आतंक के जिंदा सबूत

मुंबई के 26/11 हमलों में फांसी पर लटकाए गए पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब के बाद भी पाकिस्तान भारत में आतंक की सप्लाई में बदस्तूर व्यस्त है। इसके उदाहरण जब ना तब सामने आते रहे हैं। दो साल पहले नावेद नामका आतंकी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में आया था तो उसके बाद बहादुर अली उर्फ सैफुल्ला मंसूर वो जिंदा सबूत है जो आतंक पर पाकिस्तान का चेहरा खोलकर रख देता है।  

आतंक के खेल में पाकिस्तान के हुक्मरान?

पाक इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी की कैबिनेट के कम से कम 5 मंत्रियों के तार प्रतिबंधित आतंकी समूहों से जुड़े हैं। मीडिया रिपोर्ट में एक मेमो भी प्रसारित किया गया, जिसके मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अधिकारियों को आदेश दिया था कि वो आतंकी संगठनों से रिश्ता रखने वाले 37 संदिग्ध विधायकों की  गतिविधियों की जांच करे। इस सूची में पाकिस्तान के कानून मंत्री जाहिद हामिद, खाद्य सुरक्षा मंत्री सिकंदर हयात खान बोसान, संचार मंत्री हाफिज अब्दुल करीम, शिक्षा मंत्री मुहम्मद बालिग उर रहमान और अंतर-प्रांतीय समन्वय मंत्री मियां रियाज हुसैन पीरजादा शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार भले मीडिया में प्रसारित मेमो को फर्जी करार दे लेकिन कहीं ना कहीं ये इस बात की तस्दीक कर गया है कि पाकिस्तान के हुक्मरान आतंक के खेल खेलने जुटे हुए हैं। अपनी पोल खुलने के चलते ही वो भारत के विकास के चेहरों को आतंक से जोड़कर खुद की भद पिटवाने में लगे हैं।

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