Home नरेंद्र मोदी विशेष तेलंगाना में दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग का आरक्षण चोरी करने की साजिश

तेलंगाना में दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग का आरक्षण चोरी करने की साजिश

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प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में परिवारवाद और वंशवाद में डूबी पार्टियों पर जमकर हमला किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि तेलंगाना में परिवारवाद और वंशवाद के साथ जातिवाद और संप्रदायवाद वाद का खुला खेल चल रहा है। कांग्रेस, टीआरएस, टीडीपी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम परिवारवाद के साथ तेलंगाना में मुस्लिम तुष्टिकरण का खतरनाक खेल रही है। इससे तेलंगाना के विकास को भी खतरा पैदा हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हैदराबाद में एक रैली में कहा- … तेलंगाना की जनता, हैदराबाद की जनता के लिए ये निर्णय करना है कि सच्चे अर्थ में हमें इस देश में लोकतंत्र को ताकत देनी है या नहीं देनी है। जिस प्रकार से हिंदुस्तान की राजनीति में बड़ी चालाकी से लोकतंत्र का गला घोंट दिया जा रहा है। इसके कारण नए राजे-महाराजे पैदा हो रहे हैं। वंशवाद पनप रहा है। परिवारवाद पनप रहा है। और इसलिये इस चुनाव में इस देश में चारों तरफ ये नए प्रकार की राजशाही घुस रही है, लोकतंत्र का गला घोंट रहे है। उनको चुनौती देकर तेलंगाना को ही देश के लिये एक आदर्श भूमि बनाने का मौका है।

सांप्रदायिक आधार पर आरक्षण देश विरोधी

श्री मोदी ने कहा कि सांप्रदायिक आधार पर आरक्षण देश के हित में नहीं हैं। उन्होंने कहा- हमारे देश के महान विद्वान लोग संविधान सभा में बैठे थे। संविधान सभा में बहुत चर्चा हुई कि इस देश में दलितों के साथ, आदिवासियों के साथ सदियों से जो व्यवहार हुआ, हमारे पूर्वजों के द्वारा जो कुछ भी हुआ, उससे मुक्ति पाने की वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। तब जाकर शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब को आरक्षण देकर उनको समानता और समान अधिकार देने की ओर ले जाने का बहुत महत्वपूर्ण कार्य हुआ। उस समय भी संप्रदाय के आधार पर आरक्षण देने की चर्चा हुई थी।…देश के विद्वानों ने भारत की एकता और अखंडता के लिए, भारत के उज्जवल भविष्य के लिए, संप्रदाय के आधार पर आरक्षण न देने का फैसला किया।

उन्होंने इन पार्टियों के मुस्लिमों का आरक्षण देने के वादों से भी लोगों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि ये माइनारिटी के नाम पर आरक्षण लाएंगे कहां से। सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की एक सीमा बांध रखी है। इसका मतलब है कि ये पार्टियां मुसलमानों को खुश करने के लिए दलितों, एसटी और ओबीसी का हक चोरी करने की कोशिश करेंगी। इन तबकों के आरक्षण में पिछले दरवाजों से चोरी करने का खेल चल रहा है ।

तेलंगाना को केंद्र का तोहफा

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, तेलंगाना के विकास के लिए कृत संकल्पित है।  केंद्र सरकार ने 30 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट तेलंगाना को समर्पित किये है। तेलंगाना में 8 हजार करोड़ के 10 बड़े रेलवे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। केंद्र के सहयोग से मेट्रो आई है। 10 हजार करोड़ के हाईवे प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है।

सपने होंगे साकार

श्री मोदी ने कहा- देश का भविष्य, देश की युवा पीढ़ी का भविष्य, देश के गरीब से गरीब आदमी का भविष्य विकास के बिना बदल नहीं सकता। वोट बैंक राजनीति से जिंदगियां नहीं बदलती हैं। सरकारें बनती होगी, जीवन नहीं बनते हैं।  हम जीवन बनाना चाहते हैं। सपनों को सजाना चाहते हैं। सपनों को संकल्प में परिवर्तित करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश के साथ उनका भी सपना है कि हर आदमी को उसका अपना घर मिले। इसलिए उनकी सरकार ने साल 2022 तक, देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर सबको घर देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बिजली-पानी-एलपीजी गैस जैसी सभी सुविधाओं वाले ऐसे घरों का मालिकाना हक महिलाओं के नाम पर किया गया है। अब तक ऐसे एक करोड़ 25 लाख लोगों को ये घर दिया जा चुका है।

2022 तक सबको घर

प्रधानमंत्री ने ये भी बताया कि उनकी सरकार से पहले के 4 साल में सिर्फ 18 हजार शहरी आवास बने थे। मार्च तक 25 लाख शहरी घर मार्च तक पूरे हो जाएंगे। गरीबों के लिए शहरों में और 65 लाख मकानों की स्वीकृति दे दी है। मार्च महीने के बाद जो काम चलेगा, उसमें हमारा टारगेट शहरों के  गरीबों के लिए 65 लाख है। 2022 का सपना कैसे पूरा होगा, उसका मिनट-टू-मिनट टाइम बनाकर देश के लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। 

मध्यमवर्गीय लोगों को राहत

श्री मोदी ने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार के लिए घर का सपना साकार करने हेतु भी सरकार ने काम किया। 18 लाख रुपये सालाना कमाने वाले मध्यमवर्गीय लोगों को ब्याज में छूट दी गई है जिससे वो घर बनाने में सफल हुए है। इसी तरह गैस सिलेंडर, एलईडी बल्ब को भी घर घर पहुंचाया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों से लोगों का मोबाइल बिल सस्ता हुआ है और डेटा भी सस्ता मिल रहा है। स्टार्ट अप इंडिया और स्टैंड अप इंडिया के तहत 14 करोड़ मुद्रा लोन दिये गए हैं जिससे लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत दो महीने में ही 3 लाख से ज्यादा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग गंभीर बीमारियों का इलाज करा चुके हैं।

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