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मोदी राज में अच्छे दिन: अटल पेंशन योजना में पेंशन की सीमा हो सकती है 10 हजार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार गरीब, दलित, पिछड़े और असंगठित लोगों के लिए काम कर रही है। मोदी सरकार को वर्तमान ही नहीं देश के नागरिकों के भविष्य की भी चिंता है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने मई, 2015 में अटल पेंशन योजना की शुरुआत की। इस योजना की शुरुआत होने से कोई भी व्यक्ति जो कहीं संगठित क्षेत्र नौकरी नहीं करता है, उन्हें भी केंद्र सरकार ने पेंशन का लाभ लेने का हकदार बना दिया है। अटल पेंशन योजना के तहत फिलहाल 1000 से 5000 रुपये प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान है। केंद्र सरकार अब इस 5000 रुपये की पेंशन सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह तक करने पर विचार कर रही है। वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव मदनेश कुमार मिश्रा ने कहा कि हमने पेंशन मूल्य को बढ़ाकर 10,000 रुपए तक करने के प्रस्ताव को देखा है। हम इस पर सक्रियता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, ‘इस समय पेंशन के पांच स्लैब 1,000-5,000 रुपये प्रतिमाह है। कई लोगों को मानना है कि आज से 20-30 साल बाद 60 साल की उम्र में 5,000 रुपए की राशि पर्याप्त नहीं होगी।’

अटल पेंशन योजना के सदस्यों की संख्या एक करोड़ पार
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तीन साल पूरे होने पर इस स्‍कीम के सदस्‍यों की संख्‍या एक करोड़ के पार हो गई है। एपीवाई का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 9 मई, 2015 को कोलकाता में आयोजित एक समारोह में किया था। वर्तमान में इस योजना के सदस्‍यों की संख्‍या कुल मिलाकर 1.10 करोड़ है।

भारत सरकार द्वारा देश के नागरिकों के लिए घोषित की गई गारंटीड पेंशन वाली इस स्‍कीम अर्थात अटल पेंशन योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के उन कामगारों पर फोकस किया जाता है, जिनकी हिस्‍सेदारी कुल श्रम बल में 85 प्रतिशत से भी अधिक है। फिलहाल अटल पेंशन योजना के तहत 60 साल की उम्र पूरी होने पर प्रति माह 1000, 2000, 3000, 4000 या 5000 रुपये की गारंटीड न्‍यूनतम पेंशन मिलेगी जो सदस्‍यों द्वारा किए जाने वाले अंशदान पर निर्भर करेगी। संबंधित सदस्‍य की पत्‍नी/पति भी पेंशन पाने का हकदार है और नामित व्‍यक्ति को संचित पेंशन राशि दी जाएगी। 

क्या है अटल पेंशन योजना
असंगठिक क्षेत्र के कामगारों को भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर काफी चिंता रहती है। ऐसे में अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए बुढ़ापे का सहारा बन सकती है। अटल पेंशन योजना में वे ना केवल कम राशि जमा करवाकर हर माह ज्यादा पेंशन के हकदार हो सकते हैं, बल्कि असामयिक मृत्यु की दशा में उनके परिवार को भी इसका फायदा मिलता है। इस पेंशन योजना के धारक की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी और पत्नी की भी मृत्यु होने की स्थिति में बच्चों को पेंशन मिलती रहेगी।

किसके लिए है अटल पेंशन योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने असंगठित सेक्टर में काम करने वाले लोग जैसे- नाई, लौहार, सुनार, दर्जी, धोबी, मोची से लेकर हर तरह के छोटे-छोटे रेहड़ी चलाने वाले, रिक्शा चलाने या मजदूरी करने वालों के लिए भी सरकार ने अटल पेंशन योजना के तहत पेंशन की व्यवस्था की है।

अटल पेंशन योजना से कितना मिलेगा पेंशन  
कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18-40 वर्ष के बीच है। इस योजना के तहत किसी भी बैंक या डाकघर में खाता खुलवा सकता है। इस खाते में खाताधारक को 60 साल की उम्र पूरी होने तक हर महीने एक निश्चित रकम जमा करनी होती है। फिलहाल 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद सरकार इस योजना के तहत जमा की गई मासिक रकम के आधार पर न्यूनतम एक हजार रुपए और अधिकतम 5 हजार रुपए पेंशन देती है तो जो ताउम्र मिलती है।

अटल पेंशन योजना में कितना करें मासिक निवेश
अभी इस योजना के तहत एक से लेकर पांच हजार रुपए के बीच मासिक पेंशन मिलता है। एक बार तय कर लिया कि 60 साल की उम्र में 5000 रुपए का पेंशन चाहिए तो इसके लिए निवेश की उम्र के हिसाब से एक तय राशि जमा करानी होती है। उदाहरण के लिए अगर 18 साल की उम्र से जमा करना है तो 42 साल तक 42 रुपए मासिक जमा करेंगे तो 1000 हजार रुपए मासिक पेंशन इस योजना से मिलेगा। अब 1000 हजार के जगह 2 हजार पेंशन चाहिए तो 84 रुपए महीना और अधिकतम 5000 रुपए पेंशन चाहिए तो अधिकतम 210 रुपए मासिक जमा कराना होगा। 

अटल पेंशन योजना केवल और केवल असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए लाई गई है। इस योजना का लाभ वो लोग नहीं ले पाएंगे जो पहले से ही किसी न किसी सुरक्षा स्कीम जैसे EPFO का लाभ ले रहे हैं। इस योजना के अलावा भी NPS, PPF, सीनियर सीटिजन सेविंग स्कीम जैसी योजनाएं भी हैं जिसके माध्यम से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भविष्य में होने वाली आर्थिक दिक्कतों से मुक्ति मिल सकती है।

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