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मोदी सरकार की ‘सबका विश्वास’ स्कीम, टैक्सपेयर्स उठा सकते हैं इसका फायदा

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पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की ये प्राथमिकता रहती है कि सामान्य मानवी के जीवन को सरलतम बनाया जाए। इसी के तहत मोदी सरकार ने टैक्स से जुड़े सभी मामलों को जल्द निपटाने के लिए खास स्कीम शुरू की है, जिसका नाम ‘सबका विश्वास’ स्कीम है। इस स्कीम के तहत अगर कोई टैक्सपेयर ये डिस्क्लोज करता है कि आपके ऊपर एक्साइज और सर्विस टैक्स का बकाया है और वो उसे चुकाना चाहता है तो सरकार उसको टैक्स में 70 फीसदी तक की छूट देती है। इसके साथ ही, सरकार उसके बाद टैक्सपेयर से ना कोई ब्याज वसूललेगी और ना ही कोई जुर्माना लगाएगी।


‘सबका विश्वास’ स्कीम के जरिए सरकार पुराने मामले खत्म करना चाहती है, जिसके तहत आम टैक्सपेयर्स पर कोई छापा नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि सबका विश्वास स्कीम साल 2013 की स्कीम से अलग स्कीम है।

टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा मौका है ‘सबका विश्वास’ स्कीम

सीजीएसटी और सेंट्रल एक्साइज की चीफ कमीश्नर संगीता शर्मा के मुताबिक ये स्कीम से बढ़कर टैक्सपेयर के पास बड़ा मौका है। इस स्कीम से टैक्स विवाद की हर समस्या का समाधान हो सकेगा। ‘सबका विश्वास’ स्कीम पुराना बकाया डिस्क्लोजर का मौका देती है। इस स्कीम को 2 थ्रेसहोल्ड में रखा गया है, पहले में 50 लाख तक के स्लैब में 70 फीसदी तक टैक्स छूट मिलेगी, वहीं इस स्लैब में सिर्फ 30% टैक्स का भुगतान करना होगा। 

क्या है ‘सबका विश्वास’ स्कीम की प्रक्रिया

स्कीम में टैक्स अधिकारी से इंटरफेस नहीं है, सरकारी वेबसाइट cbic-gst.gov.in पर इसकी पूरी प्रक्रिया है, जिस पर जाकर टैक्सपेयर को वेबसाइट पर फॉर्म भरना होगा। फॉर्म ऑटोमैटिक गाइड करते हुए खुद ही लायबिलिटी कैटेगरी तय होगी। प्रॉसेस पूरा होने के बाद विभाग द्वारा इसकी जांच होगी।

दोनों कैटेगरी के लिए अलग-अलग कमिटी हैं, कैटेगरी के मुताबिक लायबिलिटी की जांच होगी। फाइल से ऑनलाइन डिस्क्लोजर का मिलान किया जाएगा, वहीं ज्यादा लायबिलिटी पर पर्सनल सुनवाई की व्यवस्था भी है।

कोर्ट में गए टैक्सपेयर्स मामलों का क्या होगा

इस स्कीम के तहत कोर्ट में गए टैक्सपेयर्स के लिए भी रास्ते खुले हैं, उन्हें मामला वापस लेने के लिए अंडरटेकिंग देनी होगी। टैक्सपेयर को आगे मुकदमा नहीं करने की अंडरटेकिंग देनी होगी। इसके साथ ही स्कीम को आगे बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है, पुराने मुद्दों को निपटाने का अभी सही मौका है।

मोदी सरकार की टैक्स छूट, नीतियों और योजनाओं की वजह से देश विकास की ओर बढ़ रहा है और रोजगार के करोड़ों मौके पैदा हुए हैं। आइए एक नजर डालते हैं इन योजनाओं पर-

कॉरपोरेट टैक्स छूट से बाजार में आई रौनक, फेस्टिव सीजन में लाखों लोगों को मिला रोजगार

अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मोदी सरकार ने हाल में कई सूत्री राहत पैकेज की घोषणा की थी। इसमें मुख्य था कॉरपोरेट कर में छूट। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉरपोरेट टैक्‍स में इस छूट को ‘ऐतिहासिक कदम’ करार देते हुए कहा था कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ में बड़ा उछाल आने के साथ ही निवेश भी आकर्षित होगा। निजी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी एवं रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पीएम मोदी की यह उम्मीद सही साबित हो रही है। इस टैक्स छूट से बाजार में आई बहार के बाद रोजगार क्षेत्र से भी एक राहत भरी खबर आई है। ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनियों की फेस्टिव सीजन की सेल शुरू होने जा रही है। दावा किया जा रहा है कि इस सेल से पहले ही करीब 1.5 लाख लोगों को रोजगार मिला है।

ई-कॉमर्स सेक्टर की दो दिग्गज कंपनी अमेजन इंडिया और फ्लिपकार्ट का कहना है कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए टैक्स छूट की जो डोज दी, उसका असर दिखाई देने लेगा है। लोगों की जेब में पैसा आएगा और वे इस त्योहारी सीजन में खुलकर खरीदारी करेंगे। इस उम्मीद से दोनों कंपनियों ने अपनी त्योहारी सेल पर कुल मिला कर लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। अमेजन की ‘ग्रेट इंडियन फेस्टिवल’ और फ्लिपकार्ट की ‘बिग बिलियन डेज’ 29 सितंबर से शुरू होकर चार अक्टूबर तक चलेगी।

ई-वाणिज्य कंपनी ऐमजॉन इंडिया ने फेस्टिव सीजन में अपने आपूर्ति केंद्रों, सामान को छांटने वाले केंद्रों, डिलीवरी केंद्रों और सहयोगी नेटवर्क एवं ग्राहक देखभाल सेवा क्षेत्र में 90,000 लोगों को अस्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है। इसका मकसद ग्राहकों को सामान की तेजी से डिलीवरी सुनिश्चित करना है। ऐमजॉन कंपनी ने एक बयान में कहा कि इससे आने वाले त्योहारी सीजन में कंपनी की डिलीवरी क्षमता को समर्थन मिलेगा। वहीं ग्राहकों का अनुभव भी बेहतर होगा। ऐमजॉन ने अपने मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नै, बेंगलुरु, अहमदाबाद और पुणे समेत अन्य शहरों में यह रोजगार अवसर सृजित किए हैं। ऐमजॉन ने कहा कि इनके अलावा हजारों और अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित हुए हैं। इसमें ट्रक से सामान पहुंचाने वाले, पैकिंग करने वाले, साफ-सफाई की एजेंसिया इत्यादि सहयोगियों को भी रोजगार मिला है।

वहीं, वालमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी फ्लिपकार्ट ने भी अपने आपूर्ति केंद्रों, लॉजिस्टिक और ग्राहक सहयोग सेवा क्षेत्र में 50,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष नौकरियां दी है। फ्लिपकार्ट ने एक बयान में कहा कि उसे उम्मीद है कि उसके बिग बिलियन डेज सेल में विक्रेता नेटवर्क के जरिए पिछले साल सृजित अप्रत्यक्ष रोजगार में इस साल 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी होगी।

अमेजन इंडिया के उपाध्यक्ष (ग्राहक आपूर्ति) अखिल सक्सेना ने कहा कि इस साल हमने पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुनी संख्या में त्योहारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। इससे आने वाले त्योहारी सीजन में कंपनी की डिलीवरी क्षमता को समर्थन मिलेगा और ग्राहकों का अनुभव भी बेहतर होगा। वहीं, फ्लिपकार्ट समूह के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा कि सरकार के राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के अनुसार ही नौकरियां दी गई हैं। इससे स्थानीय रोजगार एवं अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। 

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