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मनमोहन सरकार की तुलना में तिगुनी रफ्तार से काम कर रही मोदी सरकार

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”एक जिंदगी बीत जाती है, अपना घर बनाने में।” पर अब ये सरकार दूसरी है और कहावत बदल रही है। अब कहावत होगी – ”अब जिंदगी बीतती है अपने ही आशियाने में।” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह बात मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से कही। नरेन्द्र मोदी ऐप पर बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ”आवास योजना सिर्फ ईंट और गारा नहीं है। ये जीवन की बेहतर गुणवत्ता और सपने के सच होने के बारे में है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आकंड़ों के जरिए जानकारी दी कि यूपीए सरकार के 10 सालों के मुकाबले एनडीए सरकार के 4 साल में मकानों के निर्माण में बहुत तेजी आई है। प्रधानमंत्री की इस जानकारी पर जब हमने आंकड़े खंगाले तो ये वास्तव में हैरत में डालने वाले हैं। आइये हम इन आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं-

चार साल में 350 प्रतिशत अधिक घरों के निर्माण को मिली मंजूरी
कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के 2004 से 2014 के दौरान 10 साल में महज 13.46 लाख घरों को मंजूरी मिली। वहीं एनडीए सरकार ने चार साल में 47.5 लाख घरों को मंजूरी दी। गौरतलब है कि इनमें से 8.1 लाख घरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जबकि 27 लाख घरों का निर्माण कार्य जारी है। वहीं परियोजना में निवेश के लिहाज से देशें तो 2004 से 2014 के बीच दस वर्षों में 38 हजार 303 करोड़ रुपये निवेश किए गए, वहीं मोदी सरकार के दौरान पिछले चार वर्ष यानि 2014 से 2018 के बीज 2 लाक 68 हजार 96 करोड़ रुपये निवेश किए गए। 

मोदी सरकार के दौरान आवास निर्माण में 328 प्रतिशत की वृद्धि
मनमोहन सरकार के अंतिम चार साल यानि 2010 से 2014 के दौरान करीब 25.51 लाख घरों का निर्माण किया गया था। जबकि मोदी सरकार के पिछले चार साल में 1.07 करोड़ घरों का निर्माण किया है, यानि इसमें भी तीन गुनी गति से काम हुए हैं और इनमें 328 प्रतिशत की तेजी आई है।

मकान निर्माण की समय सीमा घटी, आवास का आकार भी बढ़ा
बीते चार वर्षों के दौरान एक ओर जहां गांवों में गुणवत्ता पूर्वक कार्य के लिए सरकार ने एक लाख राज मिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया है, वहीं यूपीए सरकार की तुलना में मकान निर्माण की समय सीमा भी 50 प्रतिशत घटा दी है। पहले जहां मकान बनाने के लिए 18 महीने का समय तय था अब इसे 12 महीने किया गया है। गांवों में मकान के लिए पहले न्यूनतम क्षेत्र 20 वर्गमीटर तय किया गया था,  मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर 25 वर्गमीटर कर दिया है। इसके साथ ही 7 लाख घरों का निर्माण नई टेक्नोलॉजी के जरिये किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बढ़ाई गई सहायता राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मनमोहन सरकार में 70-75 हजार रुपये की सहायता मिलती थी, वहीं मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर सवा लाख कर दिया है। इसके साथ ही शौचालय के लिए अब 12 हजार रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। गौरतलब है कि पहले बिचौलिए पैसे खा जाते थे, लेकिन अब डीबीटी से सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसे पहुंच रहे हैं।

हर भारतीय को घर देने के लिए मिशन मोड में हो रहा काम
मोदी सरकार ने हर परिवार को घर देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिशन मोड में काम हो रहा है। पहले जरूरत के हिसाब से लक्ष्य तय किया जा रहा है फिर उसके अनुसार बजट निर्धारित किया जा रहा है। दरअसल सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में तीन करोड़ और शहरी क्षेत्र में एक करोड़ घरों के निर्माण का संकल्प लिया है, जिसे 2022 तक हर हाल में पूरा करना है। इसके साथ ही सबके लिए बीमा, सबके लिए बिजली और सबके लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर पर भी बल दिया जा रहा है।

समाज के कमजोर वर्ग पर दिया जा रहा है विशेष ध्यान
यूपीए के शासन के दौरान बीपीएल लिस्ट से लाभार्थी चुने जाते थे, लेकिन मोदी सरकार ने सामाजिक-आर्थिक-जाति जनगणना के आधार पर लाभार्थियों को चुनना शुरू किया है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी का फोकस समाज के कमजोर वर्ग और महिलाओं पर है। इस योजना के तहत दलित, पिछड़े, आदिवासी और दिव्यांगों की प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि शहरी आवास योजना से लाभ प्राप्त करने वालों में 70 प्रतिशत महिलाएं हैं।

पूरे हुए अरमान, खुशियों को मिले नए पंख
तमिलनाडु, वेल्लोर की बेगामा बी ने कहा, ‘’मेरी जिंदगी में घर नहीं था झोपड़ी थी। जब प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में पता चला तो बीडीओ से मिले। उन्होंने आकर नक्शा लिया और नया घर मिला। दस महीने हो गए हैं घर मिले। पहले अंधेरे, धूप बारिश में रहते थे बहुत तकलीफ थी। नए गर में सुविधाएं हैं, कष्ट नहीं है…अब बहुत खुशी है!

लखनऊ  की श्रीमती रंजना ने कहा, ‘’हम पहले गरीब थे, छप्पर में रहते थे, बारिश के दिनों में भीग जाते थे, कीड़े-मकोड़े आ जाते थे, बहुत परेशानी होती थी। पहले की सरकारें वादे करती थीं, लेकिन कुछ करती नहीं थीं। प्रधानमंत्री आवास योजना से हमें 5 महीने पहले मकान मिला है। बहुत अच्छा लग रहा है, हमने कभी सपने में सोचा नहीं था कि मकान मिलेगा, अब जिंदगी बदल गई है। आप ही गरीबी दूर कर सकते हैं, आपकी ही सरकार बनी रहे, और आप ही फिर से प्रधानमंत्री बनें। हम अगली बार आप को ही वोट देंगे।“

छत्तीसगढ़ के बस्तर की फूलमती, मध्य प्रदेश के जबलपुर की ऊषा बाई, असम के शिवसागर की अरुनमनि गोवाला, झारखंड के खूंटी की अंजली देवी और गायत्री कुमारी, छिंदववाड़ा की रेखा माल्वी सभी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मिलने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया और गरीबी को मिटाने को उनके संकल्प की तारीफ करते हुए अगली बार फिर उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की बात कही। इन लाभार्थियों का साफ कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने गरीबों और वंचितों की परेशानियों और जरूरतों को न सिर्फ समझा है, बल्कि उसके लिए ठोस कदम भी उठाए हैं।

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