Home विशेष मोदी सरकार में गरीब-किसान-मजदूर-आम आदमी नहीं, देश के लुटेरे रोते हैं…

मोदी सरकार में गरीब-किसान-मजदूर-आम आदमी नहीं, देश के लुटेरे रोते हैं…

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देश में मजदूर,किसान और आम आदमी को रोते तो आपने बहुत देखा होगा, लेकिन किसी अरबपति को रोते – गिड़गिड़ाते शायद ही देखा होगा। पहले ये वीडियो देखिये-

हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी देश से भागने में तो कामयाब रहा था, लेकिन देश को धोखा देने वाले, लूटने वाले इस शख्स को डर से रोते हुए देख कर जरूर सुकून पहुंचा होगा। खाक से अरबों का सफर तय करने वाला यह शख्स जब सरेआम रोया तो आम लोगों को काफी अच्छा लगा। 10 सितंबर को एबीपी न्यूज के एक इंटरव्यू में उसके चेहरे पर मोदी सरकार की सख्ती का दबाव साफ दिख रहा था। वह गिड़गिड़ा रहा था, खुद को निर्दोष बता रहा था और मोदी सरकार की सख्ती को कोस भी रहा था। कह रहा था कि ऐसा पहले नहीं होता था, यह पहली बार हो रहा है। जाहिर है सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर कई प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं-


दरअसल यह सब मोदी सरकार के सख्त एक्शन का असर है जिससे तमाम ऐसे भगोड़े, जिसने देश का नुकसान किया है, वह रोने को मजबूर है। मोदी सरकार ऐसे भगोड़ों को छोड़ने वाली नहीं है। 

आपको बता दें कि अब तक मेहुल चोकसी की अधिकतर संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसी कारण से मेहुल चोकसी बेबस नजर आ रहा है। उसे डर है कि बाकी बची संपत्ति भी जब्त कर ली गई तो वह सड़क पर आ जाएगा।

गौरतलब है कि मेहुल चोकसी को कांग्रेस की सरकार मे लोन दिए गए थे। हालांकि मोदी सरकार ने कार्रवाई करते हुए 86 करोड़ 72 लाख रुपये के शेयर और म्युचुअल फंड में निवेश को फ्रीज कर दिया। छत्तीसगढ़ के 12 आउटलेट्स पर छापे, 5,46 करोड़ के हीरे जब्त कर लिए गए। ईडी ने मेहुल चोकसी की 1217.20 करोड़ और 41 संपत्तियां भी अटैच कर ली हैं। इसके साथ ही मेहुल चोकसी के पासपोर्ट भी रद्द कर दिए गए हैं।

विजय माल्या पर भी कसा शिकंजा
08 मई, 2018 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने फॉरेन एक्सचेंज रेग्युलेशन ऐक्ट (FERA) उल्लंघन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में विजय माल्या की संपत्तियों को अटैच करने का आदेश दिया। इसके बाद उसकी संपत्ति भी जब्त करने की प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भारत के ‘भगोड़े’ हैं और मार्च 2016 से लंदन में रह रहे हैं। पिछले साल अप्रैल में स्कॉटलैंड यार्ड के प्रत्यर्पण वॉरंट पर गिरफ्तारी के बाद से वह जमानत पर हैं।

settlement करने को तैयार हैं विजय माल्या!
12 सितंबर को ये खबर भी आ गई है कि विजय माल्या भी देश का पैसा लौटाने को तैयार है। दरअसल लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर कोर्ट के बाहर विजय माल्या ने मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वह पैसा वापस करने में सक्षम हैं, इसलिए कोर्ट को settlement का प्रस्ताव दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होनी है।

विजय माल्या की पीठ पर कांग्रेस नेताओं का हाथ
माल्या के वकील ने वेस्टमिंस्टर कोर्ट को यह भी बताया है कि IDBI बैंक के अधिकारी किंगफिशर के घाटे के बारे में जानते थे। जाहिर है इस बात से स्पष्ट होता है कि विजय माल्या की पीठ पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं हाथ था, इसलिए वे एक के बाद एक घोटाला करने में सफल होते चले गए। 2008 से जारी घोटाले की रकम जब 9000 करोड़ तक पहुंची तो मोदी सरकार ने शिकंजा कस दिया। हालांकि वे लंदन भाग गए, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार की सख्ती के चलते वे वहां भी चैन से नहीं रह पा रहे हैं। अक्टूबर, 2017 में जब पहली बार माल्या को लंदन में गिरफ्तार किया गया, तभी साफ हो गया था कि मोदी सरकार इस भगोड़े को छोड़ने वाली नहीं है।

नीरव मोदी की 6 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त
देश का 11 हजार करोड़ रुपया लेकर विदेश में बैठै नीरव मोदी पर भी सरकार की सख्ती जारी है। अब तक 5 हजार 649 करोड़ की संपत्ति कब्जे में ले ली गई है। हैदराबाद में 3800 करोड़ की संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया गया है। उनके सभी शो रूम को सील कर दिया गया है। विदेशों में उनके शो-रूम को भी बंद करने की कोशिश जारी है। इसके अतिरिक्त इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नीरव और उनके परिवार की 29 संपत्तियां और 105 बैंक अकाउंट भी जब्त कर लिया है।

भ्रष्टाचार पर सख्ती के लिए बनाए गए कई कानून
मोदी सरकार ने हर बार यह साबित किया है कि भ्रष्टाचार के मामले में कोई कितना भी बड़ा क्यों ना हो बख्शा नहीं जाएगा। सरकार हर स्तर पर देश के आर्थिक अपराधियों को कानून के दायरे में लाने की कोशिश कर रही है और इसके लिए कई सख्त कानून भी बनाए हैं, आइये डालते हैं एक नजर-

  • फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स ऑर्डिनेंस
  • राष्ट्रीय वित्तीय सूचना प्राधिकरण को मंजूरी
  • संपत्ति गुणवत्ता की समीक्षा
  • इंसोल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड
  • अनरेग्युलेटेड डिपॉजिट स्कीम पर रोक विधेयक
  • पीएसबी पुनर्पूंजीकरण
  • एफआरडीआई विधेयक
  • बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम

 

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