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कांग्रेस क्या नीचता पर उतर आई है? प्रधानमंत्री के आरोप में कितना है दम – सबूत के साथ पढ़िए

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क्या कांग्रेस पार्टी सफलता के लिए शॉर्टकट के रास्ते पर उतर आई है?
क्या देश की सबसे पुरानी पार्टी चुनाव में नीचता पर उतर आई है।
क्या कांग्रेस भी आरोप लगाकर भाग जाने की रणनीति अपनाने लगी है?
क्या राहुल गांधी भी अरविंद केजरीवाल की घटिया नकल कर रहे हैं?

यह वे सवाल हैं, जो इस समय आम आदमी के जहन में घूम रहे हैं। सोमवार को इन्हीं सवालों को स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजकोट के जसदण रैली में उठाया। उन्होंने विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में एक पार्टी आई थी, जिसके काम करने का स्टाइल है- बेबुनियाद आरोप लगाकर भाग जाना। पीएम ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से कांग्रेस भी गुजरात में यही कर रही है। वह झूठे आरोप लगाने के शॉर्टकट पर उतारू हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि कांग्रेस इतना गिर सकती है।

PERFORM INDIA ने प्रधानमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस और विशेषकर इनके बड़े नेताओं के बयानों को खंगालने का काम शुरू किया। हमें जो तथ्य मिले, वो वाकई हैरान करने वाले हैं।

बेरोजगारी पर राहुल गांधी के झूठ का पर्दाफाश
राहुल गांधी गुजरात की चुनावी रैली में लगातार झूठ बोल रहे हैं। इस झूठ का पर्दाफाश खुद उनके बयानों से ही हो गया है। साथ ही यह भी पता चला कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पर आरोप लगाने के लिए कोई भी आंकड़ा सामने रख देते हैं। इसमें न कोई आधार होता है और न ही सच्चाई। उदाहरण के तौर पर 24 नवंबर की ही दो रैली को ले लीजिए। सुबह पोरबंदर की रैली में उन्होंने बेरोजगारों की संख्या 50 लाख बताई तो शाम को अहमदाबाद की रैली में पहुंचते-पहुंचते ये आंकड़ा 30 लाख तक पहुंच गया।

राहुल गांधी को झूठ बोलते हुए इस वीडियो में देख सकते हैं।

 

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर झूठ बोलकर फंसे 

राहुल गांधी ने 26 सितंबर को गुजरात में एक रैली के दौरान स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को लेकर भी झूठ बोला। इस रैली में उन्होंने ये आरोप लगा दिया कि सरदार सरोवर बांध के समीप बनने वाला स्टेच्यू ऑफ यूनिटी यानी सरदार पटेल की प्रतिमा मेड इन चाइना होगी। जबकि सच्चाई यह है कि पूरी प्रतिमा भारत में बन रही है। इस काम को करने वाली कंपनी बकायदा इसकी विस्तृत जानकारी दी है और इसे अखबारों ने प्राथमिकता से प्रकाशित भी किया है। सरदार सरोवर बांध को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने झूठ बोला
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ही नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुजरात रैली में झूठ का सहारा लेना शुरू कर दिया। 08 नवंबर, 2017 को गांधीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मनमोहन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के रुप नरेन्द्र मोदी ने एक बार भी नर्मदा बांध परियोजना के लिए उनसे बातचीत या मुलाकात नहीं की थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का ये झूठ थोड़ी देर भी टिक नहीं पाया। जल्द ही तमाम रिपोर्ट्स ने मनमोहन सिंह की पोल खोलकर रख दी।

तथ्यों के साथ सबूत सामने आ गए कि मुख्यमंत्री के रुप में नरेन्द्र मोदी ने 2011 और 2013 में दो बार न केवल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी, बल्कि सरदार सरोवर बांध के निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने के लिए उन्होंने तीन पत्र भी मनमोहन सिंह को लिखा था।

इस वीडियो में आप मनमोहन सिंह के झूठ को विस्तार से देख सकते हैं।

चुनाव जीतने के लिए जाति धर्म की राजनीति पर उतर आए
राहुल गांधी सिर्फ बेबुनियाद आरोप लगाकर ही भाग नहीं रहे हैं, बल्कि जाति और धर्म की गंदी राजनीति के सहारे अपनी गुजराती समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं।

पिछले कई महीने से जिस प्रकार राहुल गांधी, हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी और अल्पेश ठाकोर के बीच जाति के नाम टिकट बंटवारे और पैसे का खुला खेल चल रहा है, वह पिछले कई दशकों में गुजरात में पहली बार देखने को मिल रहा है। गुजरात देश का इकलौता ऐसा राज्य है, जहां चुनाव में जाति धर्म की जगह विकास के नाम पर जनता वोट करती है। लेकिन इन लोगों ने आपसी स्वार्थ में गुजराती समाज में जहर बोने का काम किया है।

आखिरकार इनका स्वार्थी कुनबा भी साथ नही रह पाया। और हालात सबके सामने हैं। एक सच यह भी है कि गुजराती जनता ने भी इन स्वार्थी नेताओं को भाव नहीं दिया।

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