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जनता के धन पर मौज करते वामपंथी सांसद

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देश के गरीबों की राजनीति करने का दावा करने वाले वामपंथी नेता, गरीबों की ही गाढ़ी कमाई को बिना किसी दर्द के किस तरह अपने ऊपर खर्च करते हैं, इस राज पर से पर्दा एक आरटीआई ने उठाया है। तमिलनाडु से सीपीआई के राज्य सभा सदस्य डी राजा ने 2016-17 के दौरान अपनी यात्रा किराये और भत्ता के लिए 65,04,880 रुपये सरकारी खजाने से लिए। सबसे चौंकाने वाली बात है कि उन्होंने चेन्नई से दिल्ली की यात्रा के लिए 65,841 रुपये के हवाई किराये के साथ-साथ करीब 15,000 रुपये यात्रा भत्ता लिया। इस आरटीआई से रहस्य खुला है कि अधिकतर सांसद फर्स्ट या बिजनेस क्लास में ही उड़ान भरते हैं।विचारधारा और व्यवहार में अंतर
किसानों, गरीबों और मजदूरों के हक के लिए संसद में सरकार से जवाब मांगने वाले वामपंथी नेता, अपनी सुविधाओं पर दलितों के धन को खर्च करने में कोई कोताही नहीं करते। इनके लिए किसानों, गरीबों और मजदूरों का दर्द सिर्फ और सिर्फ सत्ता में बने रहने का एक साधन है। आरटीआई के जवाब से स्पष्ट होता है कि वामपंथी दलों के नेताओं ने सबसे अधिक धन हवाई यात्रा के किराये और भत्ते के लिए लिया है। 2016-17 के दौरान लोकसभा के सभी सांसदों ने 95,70,01,830 रुपये और राज्यसभा के सांसदों ने 35,89,31,862 रुपये सरकारी खजाने से अपनी हवाई यात्रा और भत्ता के लिए लिया।

वामपंथी सांसदों ने गरीबों के धन को कैसे लुटाया
गरीबों के 1,31,59,33,692 रुपये को सिर्फ यात्रा के किराये और भत्ते में खर्च करने वाले लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों में पश्चिम बंगाल से सीपीएम की सांसद रितब्रता बनर्जी ने सीपीआई के सांसद डी राजा को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। रितब्रता बनर्जी ने इस एक साल के दौरान ही करीब 6 लाख रुपये हर माह खर्च करते हुए 69, 24,335 रुपये अपनी यात्राओं पर खर्च कर डाले। इस पूरे खर्च में सांसद ने करीब 14 लाख रुपये यात्रा भत्ता भी लिया। रितब्रता बनर्जी के बाद डी राजा ने सबसे अधिक धन अपनी यात्राओं पर उड़ाया है। सीपीआई के इस धुरधंर नेता ने चेन्नई से दिल्ली की एक यात्रा और यात्रा भत्ता के लिए 82,301 रुपये खर्च किये हैं। वामपंथ की विचारधारा के इन नेताओं का यात्राओं पर इस कदर खर्च करना दिल को बहुत अधिक कचोटता है। वामपंथ के ही नेता नहीं, पश्चिम बंगाल में मां, माटी, मानुष का संघर्ष करने वाली ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस, के सांसद सुखेन्दु शेखर राय भी पीछे नहीं हैं। इस सांसद ने साल भर में अपनी यात्राओं पर 61,72,271 रुपये खर्च कर दिए। इनके एक बार कोलकत्ता से दिल्ली हवाई जहाज से आने का किराया 56, 136 रुपया रहा और किराये के अतिरिक्त करीब 14,000 रुपये यात्रा भत्ते के रुप भी लिया। इस तरह कोलकत्ता से दिल्ली आने में तृणमूल कांग्रेस के इस सांसद ने गरीबों का लगभग 70,170 रुपये खर्च कर डाले।

कांग्रेस भी पीछे नही
हवाई यात्रा और यात्रा भत्ता के लिए गरीबों के धन को सबसे अधिक लूटाने वालों की सूची में कांग्रेस के नेता और सांसद ऑस्कर फर्नाड़ीज, पी भट्टाचायर्य, डीएमके के सांसद त्रुचि सीवा और केरल से सीपीआई(एम) के सांसद सीपी नारायण भी शामिल हैं।

सांसदों को भत्ता और पेंशन देने के लिए एक कानून है, जिसे Salary Allowances and Pension of Members of Parliament Act 1954 कहते हैं। इस कानून में सांसदों को मात्र हवाई किराया और किराये का एक चौथाई भत्ता दिये जाने का प्रावधान है। कानून में सांसदों को बिजनेस क्लास में यात्रा करने का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन सांसदों ने अपने मन मुताबिक इस कानून का उपयोग करते हैं और उनके लिए हवाई यात्रा का मतलब है बिजनेस क्लास या कोई अन्य विशेष दर्जा।

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