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पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते प्रभुत्व को विश्व की मान्यता

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत के हर क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ रहा है। भारत दुनिया की एक ऐसी शक्ति बनकर उभरा है जिसे झुकाया नहीं जा सकता। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का अहम स्थान है, तो सामरिक क्षेत्र में भी भारत ने अपनी हनक का अहसास कराया है। सामाजिक समस्याओं को सुलझाने में भारत ने जहां अपनी जिम्मेदारी निभाई है, वहीं पर्यावरण संतुलन जैसे मुद्दे पर भी भारत की पहल सराहनीय रही है। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख ने जहां देश-दुनिया को सोचने को मजबूर किया है, वहीं विश्व शांति की ओर भारत के प्रयासों को दुनिया के देशों ने मान्यता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का दुनिया में जो स्थान बन गया है वह निश्चित ही भारत के बढ़ते प्रभुत्व को बयां करता है। lpsos MORI के हालिया सर्वे में भी ये बात जाहिर हुई है जहां दुनिया के प्रभावशाली देशों में भारत का स्थान चीन और अमेरिका से भी पहले है।

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प्रभावशाली देशों में अमेरिका-चीन से आगे भारत
अपनी अच्छाइयों के कारण भारत दुनिया में अपनी साख बनाने में सफल रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते तीन वर्षों में भारत ने जिस मुखरता के साथ वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज की है इससे भारत की छवि प्रभावशाली हुई है। अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सर्वे के अनुसार दुनिया के शीर्ष सकारात्मक प्रभाव वाले देशों में भारत, अमेरिका और चीन से ऊपर है। 53 प्रतिशत लोगों की पसंद के साथ विश्व पटल पर 12 प्रभावशाली देशों की इस सूची में भारत 7वें स्थान पर है। चीन को 8वां स्थान मिला है जबकि अमेरिका इस सर्वे में 9वें स्थान पर है।

डोकलाम प्रकरण से भारत की जमी धाक
डोकलाम गतिरोध में चीनी और भारतीय सेना की एक साथ वापसी को भारत की कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में कूटनीतिक जीत ये साबित करती है कि भारत का प्रभुत्व दुनिया के देशों में बढ़ा है। दरअसल बीते दो महीने से चला आ रहा ये गतिरोध युद्ध की परिस्थितियां उत्पन्न कर रहा था। चीन लगातार धमकी दिये जा रहा था, चीन की मीडिया भी बढ़-चढ़कर बयानबाजी कर रहा था। लेकिन भारत ने चीन सहित दुनिया के देशों को संयम और शक्ति का अहसास एक साथ कराया। इसके परिणामस्वरूप चीन दुनिया में समर्थन खोता चला गया और विश्व के कई देशों ने भारत के पक्ष का खुलकर समर्थन किया। जाहिर तौर पर चीन खुद को इस मसले पर घिरा हुआ महसूस कर रहा था जिसके बाद उसे पीछे हटने को मजबूर होना पड़ा।

डोकलाम विवाद के लिए चित्र परिणाम

आतंकवाद पर कड़े रुख से बनी साख
पीएम मोदी दुनिया के हर मंच से आतंकवाद के विरुद्ध मुखर रहे हैं। उन्होंने आतंकवाद के मसले पर एक के बाद एक हमले बोले और विश्व के अधिकतर देशों को ये समझाने में कामयाब रहे हैं कि दुनिया में अच्छा और बुरा आतंकवाद नहीं होता, बल्कि आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद है। आज अमेरिका, रूस, जापान, जर्मनी, यूरोपियन यूनियन और इजरायल जैसे देश भारत के इस पक्ष के साथ खड़े हैं। कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों पर अमेरिकी रोक और सैयद सलाहुद्दीन जैसे आतंकियों पर बैन भारत के बढ़े हुए प्रभुत्व का ही परिणाम है। दरअसल विश्व के कई देश आतंकवाद और कट्टरपंथ से परेशान हैं जिसे पीएम मोदी ने दुनिया के सामने चुनौती के तौर पर पेश किया है। दुनिया के अधिकतर देश पीएम मोदी के आतंकवाद विरोधी अभियान के साथ हैं।

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पेरिस डील पर भारत ने किया फीलगुड
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर जहां विश्व के देश अपने वैश्विक हितों को छोड़ अपने हितों को देख रहे हैं पीएम मोदी ने इस पर पहल की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर विश्व में आस जगाई कि वे इस मामले में नेतृत्व कर सकते हैं। पीएम मोदी की इस पहल ने न सिर्फ दुनिया में भारत की साख बेहतर की बल्कि संसार को पर्यावरण के मामले में एक पॉजिटिव सोच भी दे दिया। दरअसल पीएम मोदी की इस पहल से दुनिया इसलिए चकित रह गई क्योंकि भारत एक विकासशील देश है और प्रदूषण के पैमाने पर भरत का रिकॉर्ड बेहतर नहीं है। लेकिन भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में एक से बढ़कर एक बदलाव किए हैं। ग्रीनपीस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2016 और 2017 को समाप्त हुए दो वित्तीय वर्षों में कोयला खपत में 2.2 प्रतिशत की औसत वृद्धि हुई है। जबकि इससे पहले 10 वर्षों में 6 प्रतिशत से अधिक की औसत वृद्धि हुई थी।

योग से विश्व गुरु बन रहा भारत
21 जून, 2015- ये वो तारीख है जो स्वयं ही एक यादगार तिथि बनकर इतिहास का हिस्सा बन गई है। इसी दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आगाज हुआ और पूरी दुनिया में भारत का डंका बजने लगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनथक प्रयास से योग को आज पूरी दुनिया में एक नई दृष्टि से देखा जाने लगा है। दुनिया के 192 देशों के लोगों ने भारत की प्राचीन विरासत को अपनाया तो हर हिंदुस्तानी का मस्तक ऊंचा हो गया। पूरा विश्व जब एक साथ सूर्य नमस्कार और अन्य योगासनों के जरिये ‘स्वस्थ तन और स्वस्थ मन’ के इस अभियान से जुड़ा तो हर एक भारतवासी के लिए ये अद्भुत अहसास का दिन बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम से आज भारत की इस प्राचीन विरासत की ताकत का अहसास पूरी दुनिया को हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभावी व्यक्तित्व के कारण भारत का कद देश दुनिया में इतना बढ़ चुका है कि इसे नजरअंदाज कर पाना कठिन है। बीते तीन सालों के प्रयासों से भारत कई क्षेत्रों में अब अपना स्थान बना रहा है।

आठ शक्तिशाली राष्ट्र में शामिल हुआ भारत
26 जनवरी, 2017 को ‘द अमेरिकन इंट्रेस्ट’ पत्रिका ने आठ वैश्विक ताकतों से जुड़ी अपनी रिपोर्ट में कहा कि जापान की तरह विश्व के शक्तिशाली देशों की सूचियों में प्राय: भारत की अनदेखी कर दी जाती है लेकिन वैश्विक मंच पर इसका स्थान दुर्लभ और उल्लेखनीय है। अमेरिका की विदेश नीति से जुड़ी इस पत्रिका ने 2017 के आठ शक्तिशाली राष्ट्रों की सूची में भारत को छठा स्थान दिया जबकि पहले भारत का दूर-दूर तक कोई स्थान नहीं होता था। सूची में पहले स्थान पर अमेरिका फिर चीन, जापान को दूसरे, रूस चौथे, जर्मनी पांचवें, ईरान को सातवें, जबकि इजरायल को आठवें पायदान पर रखा गया।

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दुनिया के टॉप 10 अमीर देशों में हिंदुस्तान
23 अगस्त, 2016 को ‘न्यू वर्ल्ड वेल्थ’ की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया के सबसे अमीर देशों की फेहरिश्त में शामिल हो गया। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और इटली जैसे देशों को पछाड़ते हुए भारत ने टॉप 10 अमीर देशों में सातवां स्थान हासिल किया। इसमें भारत की कुल वैयक्तिक संपदा 5,600 अरब डॉलर की है, जबकि सूची में शीर्ष स्थान पर अमेरिका रहा।

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दुनिया के 10 ताकतवर लोगों में पीएम मोदी
15 दिसंबर, 2016 को प्रख्यात पत्रिका फोर्ब्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के 10 सबसे ताकतवर लोगों की सूची में शामिल किया। विश्व के सबसे ताकतवर 74 लोगों की सूची में पीएम मोदी नौवें स्थान पर रहे। फोर्ब्स ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री 1.3 अरब की जनसंख्या वाले देश में अब भी बहुत अधिक लोकप्रिय हैं। इस सूची में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन शीर्ष और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्थान उनके बाद था।

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इजरायल ने कहा दुनिया का सबसे ‘अहम’ पीएम
बीते 29 जून को इजरायल के एक अखबार ‘द मार्कर’ ने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे अहम प्रधानमंत्री बताया था। अपने एक लेख में अखबार ने लिखा, ‘जागो, दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री आ रहा है।’ हिब्रू भाषा के इस अखबार ने अपने एक लेख में भारत और इजरायल के संबंधों पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि ट्रंप भी इजरायल आए थे, लेकिन उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा। वहीं, 125 करोड़ की आबादी के नेता मोदी पर काफी ध्यान दिया जाना चाहिए।

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