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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का कमाल, दुनिया का छठा सबसे अमीर देश बना भारत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक समृद्धि और प्रगति के मामले प्रतिदिन नए मुकाम हासिल कर रहा है। न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट में भारत को दुनिया का छठा सबसे अमीर देश बताया गया है। इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में भारत को दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला वेल्थ मार्केट भी बताया गया है।

एक वर्ष में 25 प्रतिशत बढ़ी देश की संपत्ति
रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में देश की कुल संपत्ति 8,230 अरब डॉलर आंकी गई है, जबकि 2016 में देश की कुल संपत्ति 6,584 अरब डॉलर थी। यानी एक वर्ष में देश की कुल संपत्ति में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट में भारत को 2017 में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला संपत्ति बाजार बताया गया है। अगर पिछले एक दशक की बात करें तो 2007 से 2017 के बीच देश की कुल संपत्ति 3,165 अरब डॉलर से बढ़कर 8,230 अरब डॉलर हो गई है। यानी एक दशक में कुल संपत्ति में 160 फीसदी का उछाल आया है, इसमें सबसे ज्यादा उछाल पिछले तीन वर्षों के दौरान आया है। देश की कुल संपत्ति का मतलब हर देश में रहने वाले सभी नागरिकों की निजी संपत्ति से है, जिसमें प्रॉपर्टी, नगदी, कारोबारी हिस्सेदारी शामलि है।

अरबपतियों के मामले में तीसरे स्थान पर भारत
करोड़पतियों की संख्या की बात करें तो भारत का दुनिया में सातवां स्थान है। देश में 20,730 करोड़पति हैं, जबकि 119 अरबपतियों के साथ भारत का अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में तीसरा स्थान है।

यह कोई पहली बार नहीं है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत इस तरह के कई मुकाम हासिल कर चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ना सिर्फ पूरी रफ्तार बल्कि सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। नजर डालते हैं पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत की कुछ अहम उपलब्धियों पर-

मार्केट कैपिटलाइजेशन में बना 8वां बड़ा बाजार बना भारत
मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत, टॉप 10 की सूची में दुनिया का 8वां बड़ा बाजार बन गया है। दरअसल भारतीय शेयर बाजार में आई जबरदस्त तेजी का दौर मार्केट कैपिटलाइजेशन की रैंकिंग में लगातार बड़े बदलाव कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय शेयर बाजार ने अपने मार्केट कैपिटलाइजेशन में आई 49 % की तेजी के चलते कनाडा को पीछे छोड़कर यह स्थान बनाया है। पिछले महीने 13 दिसंबर को भारत का मार्केट कैपिटलाइजेशन कनाडा के 2.21 लाख करोड़ डॉलर के मुकाबले 2.28 लाख करोड़ डॉलर रहा। इस बढ़ोत्तरी की तीन मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। बेंचमार्क इंडेक्स यानी सेंसेक्स का 24% बढ़ना, रुपये में डॉलर की तुलना में 12% की मजबूती और आईपीओ मार्केट की बढ़ी हुई गतिविधि। पिछले साल 82 भारतीय कंपनियों में आईपीओ के माध्यम से लगभग 71,687 करोड़ रुपये जुटाए गए।

समृद्धि के मामले में चीन के करीब पहुंचा भारत
प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की वजह से देश में खुशहाली आई है, और लोगों का जीवनस्तर भी सुधरा है। लंदन स्थित एक संस्थान की हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत समृद्धि के मामले में चीन के नजदीक पहुंच गया है। लंदन स्थित लेगातुम इंस्टिट्यूट के लेगातुम प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स के मुताबिक समृद्धि के लिहाज से भारत 2016 के मुकाबले 2017 में चार स्थान ऊपर पहुंचकर रैंकिंग में 100वें स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में चीन 90वें नंबर पर है।

नोटबंदी और जीएसटी के बावजूद बढ़ी रैंकिंग
लेगातुम इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने इस उपलब्धि को तब हासिल किया है, जब यहां नोटबंदी और जीएसटी लागू किए जाने से जीडीपी ग्रोथ को झटका लगा है। इसके बावजूद समृद्धि सूचकांक में भारत का ऊपर चढ़ना खास मायने रखता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत व्यावसायिक माहौल, आर्थिक गुणवत्ता और प्रशासन में सुधार की बदौलत चीन के नजदीक आ सका है। रिपोर्ट में बिजनेस के माहौल और इकनॉमिक क्वॉलिटी से लेकर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स में सुधार तथा बड़ी संख्या में भारतीयों का बैंक खाता खुलवाने का हवाला दिया गया।

9 पैमानों पर परखी गई देश की क्षमता
प्रॉसपेरिटी इंडेक्स में बिजनेस इन्वाइरनमेंट (व्यावसायिक माहौल), गवर्नैंस (शासन-प्रशासन), एजुकेशन (शिक्षा), हेल्थ (स्वास्थ्य), सेफ्टी ऐंड सिक्यॉरिटी (सुरक्षा एवं संरक्षा), पर्सनल फ्रीडम (व्यक्तिगत स्वतंत्रता), सोशल कैपिटल (सामाजिक पूंजी) और नैचुरल इन्वाइरनमेंट (प्राकृतिक वातावरण) नौ सब-इंडिसेज हैं। लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, टुफ्ट्स यूनिवर्सिटी, ब्रूकिंग्स इंस्टिट्यूशंस और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया, सन डिएगो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से विभिन्न विषयों के जानकारों के एक पैनल ने इन नौ पैमानों पर देशों के प्रदर्शन की समीक्षा की है। 2017 के लेगातुम प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स में भारत ने इकनॉमिक क्वॉलिटी और एजुकेशन पिलर्स पर शानदार प्रगति की है। इंडेक्स तैयार करने में 149 देशों को 104 विभिन्न पैमानों पर परखा गया। रिपोर्ट कहती है कि भारत में ‘अब पहले से ज्यादा लोग अपने जीवन स्तर और पारिवारिक आमदनी से संतुष्ट हैं।’

ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप इंडेक्स में भारत 68 वें स्थान पर
ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप इंडेक्स में एक पायदान ऊपर चढ़कर भारत 68वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल भारत रैंकिंग में जबरदस्त 29 स्थानों की बढ़त के साथ 69 वें स्थान पर रहा था। 137 देशों की इस सूची में अमेरिका पहले स्थान पर है। प्रत्येक देश को अपने ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप इंडेक्स (जीईआई) स्कोर के हिसाब से स्थान दिया गया है।

विश्व प्रतिभा रैंकिंग में भारत पहुंचा और ऊपर
विश्व स्तर पर भारत प्रतिभा आकर्षित करने, उसे विकसित करने और उसे अपने यहां बनाए रखने के मामले में तीन पायदान ऊपर आ गया है। स्विट्जरलैंड स्थित International Institute for Management Development (IMD) की ओर से तैयार की गई इस रैंकिंग में भारत अब 54वें से 51वें स्थान पर आ गया है। रैंकिंग में ऊपर आना इस बात का प्रमाण है कि मौजूदा सरकार देश की प्रतिभाओं में सकारात्मक भाव पैदा करने में सफल रही है। इस सूची में स्विटजरलैंड पहले स्थान पर है और टॉप 10 में भी यूरोपीय देश ही हैं।

मोदी सरकार दुनिया की तीन सबसे भरोसेमंद सरकारों में
हाल में प्रामाणिक विदेशी संस्थानों की ओर से ऐसे कम से कम तीन सर्वे के नतीजे सामने आए जो मोदी सरकार के आर्थिक सुधार के कार्यक्रमों पर मुहर लगाते हैं। हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के एक सर्वे में प्रधानमंत्री मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार को दुनिया की तीसरी सबसे भरोसेमंद सरकार बताया गया है। WEF के सर्वे के अनुसार करीब तीन चौथाई भारतीयों ने मोदी सरकार में अपना भरोसा जताया। यह सर्वे अर्थव्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक बदलाव और भ्रष्टाचार मामलों को लेकर किये गए थे। सर्वे के नतीजों में बताया गया है कि देश में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम और टैक्स सुधारों के कारण मौजूदा सरकार में भरोसा बढ़ा है।

विदेशियों की नजर में बेहतर हुआ भारत में रहने का माहौल
विदेशियों की नजर में भारत में रहने का माहौल बेहतर हुआ है। रहने और काम करने के हिसाब से भारत की स्थिति में 12 पायदान का उछाल आया है। विदेशियों की नजर में भारत की रैकिंग सुधरने से ग्लोबल रैंकिंग में भारत 14वें स्थान पर पहुंच गया है। इस तरह से कह सकते हैं कि विदेशियों के रहने और काम करने के लिहाज से भारत की रैंकिंग में जबर्दस्त उछाल आया है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार अर्थव्यवस्था, अनुभव और पारिवारिक मानकों के संयुक्त पैमाने पर इस साल भारत 12 स्थान ऊपर आया है। काम और वित्तीय अवसर की तलाश में भारत आने वाले विदेशी अपने परिवार के लिए भी इसे बेहतर जगह मान रहे हैं। पेशेवर तरक्की के मामले में भारत प्रवासियों की पसंद के टॉप 10 देशों में शामिल हो गया है।

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में टॉप 100 में पहुंचा भारत
भारत ने विश्व की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट 2018 में 30 अंको की जबदस्त उछाल हासिल किया है। अब भारत विश्व की ओवरऑल रैंकिंग में 100 वें स्थान पर आ गया है, जो कि पिछले साल 130 वें स्थान पर था। इसमें विशेष बात यह है कि किसी भी देश द्वारा लगाई गई अब तक की यह सबसे बड़ी उछाल है। इसके साथ ही भारत इस Jump के बाद दुनिया में 10 सबसे बड़े सुधार करने वाले देशों में शामिल हो गया है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम, समर्थ व स्पष्ट नेतृत्व के कारण भारत में कारोबारी माहौल बेहतर हुआ है और व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया भी सरल हो गई है।

EPT में जबरदस्त जम्प
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसा, ईज ऑफ पेइंग टैक्स में भारत 53 स्थानों की छलांग लगाकर 119वें स्थान पर आ गया है। इससे पहले भारत का स्थान 172वां था। Resolving insolvency की रैंकिंग में भारत का स्थान 136वां था, जो कि अब 33 नंबर के उछाल के साथ 103वें पर आ गया है। नया व्यापार शुरू करने के लिहाज से भारत 156वें स्थान पर है लेकिन कई ऐसी इनीशिएटिव्स हैं जिनपर काम किया जा रहा है। हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत एक ऐसा देश है, जो संरचनात्मक सुधारों का काम कर रहा है।

कई मामलों में चीन से बेहतर है भारत
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2018 की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत उद्योग जगत को एक बेहतर माहौल देने में अभी चीन से होड़ में है। चीन को समग्र तौर पर 78वां स्थान दिया गया है जबकि भारत का स्थान सौवां है। कर अदायगी के मामले में भारत का स्थान 119वां है जबकि चीन को 130वां स्थान मिला है। छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के मामले में भारत को चौथा स्थान दिया गया है जबकि चीन का स्थान 119वां है। कर्ज लेने के मामले में भारत को 29वें, जबकि चीन 68वें स्थान पर है। बिजली कनेक्शन लेने के मामले में भी चीन से बेहतर स्थिति भारत की है।

 

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