Home विचार प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ‘अंतरराष्ट्रीय गठबंधन’ बना रही कांग्रेस

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ‘अंतरराष्ट्रीय गठबंधन’ बना रही कांग्रेस

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22 सितंबर को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि राफेल डील में भारत ने हमें ‘रिलायंस डिफेंस लिमिटेड’ का नाम दिया था। इसके तत्काल बाद राहुल गांधी ट्वीट किया और एक निजी कंपनी से पीएम मोदी की मिलीभगत का आरोप लगाया। इसके बाद 23 सितंबर को पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद खान ने कांग्रेस अध्यक्ष के ट्वीट को रीट्वीट कर राफेल मुद्दे पर उसका समर्थन किया। फिर 24 सितंबर को पाकिस्तान के पूर्व मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि राहुल गांधी भारत के अगले पीएम होंगे और प्रधानमंत्री मोदी का हारना पाकिस्तान के लिए जरूरी है। बयान देने और उसके समर्थन के सिलसिले को अगर गहराई से समझें तो स्पष्ट है कि इन सभी के निशाने पर पीएम मोदी हैं और यह एक सोची-समझी रणनीति है।

 

दरअसल पीएम मोदी की लोकप्रियता ने देश में विरोधी दलों की नींद हराम कर रखी है। इसलिए वे ‘मोदी हटाओ’ के एकमात्र एजेंडे के तहत महागठबंधन बना रहे हैं। ठीक इसी तरह ‘अंतरराष्ट्रीय गठबंधन’ ने भी आकार ले लिया है। गौरतलब है कि पीएम मोदी की नीतियों ने एक ओर जहां चीन की विस्तारवादी नीतियों पर लगाम लगा दिया है और विश्व व्यापार में भी चीन को टक्कर दे रहा है। वहीं पीएम मोदी के प्रयास से पूरी दुनिया पाकिस्तान को आतंकवादी देश मानने लगी है और वह ‘कटोरा’ पकड़ चुका है। दूसरी ओर पश्चिमी देशों के वैसे राजनेता, जिनकी ‘दलाली’ पीएम मोदी ने बंद कर दी है वे भी मोदी विरोध का झंडा थाम चुके हैं। बहरहाल दुश्मन देशों का भारत विरोध करना उनकी नीति हो सकती है, लेकिन कांग्रेस नेताओं और उनके अध्यक्ष की दुश्मन देशों से जुगलबंदी देशहित के लिए तो कतई ठीक नहीं है।

कांग्रेस की अंतरराष्ट्रीय साजिश को समझिये
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