Home वाराणसी विशेष स्वच्छता अभियान से पीएम मोदी ने बदली वाराणसी की सूरत

स्वच्छता अभियान से पीएम मोदी ने बदली वाराणसी की सूरत

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भगवान शिव की नगरी वाराणसी में दुनिया भर से पर्यटक और तीर्थयात्री आते हैं। बनारस में दो महाश्मशान मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट हैं। यहां आसपास के जिलों से लोग मृतकों की अंत्येष्टि करने आते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के यहां आने से काशी के लोगों को साफ-सफाई की समस्या से जूझना पड़ता है। पहले लोगों को यहां की गलियों और घाटों पर भारी गंदगी से दो-चार होना पड़ता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां खुद फावड़ा और झाड़ू थाम सफाई अभियान को एक नई गति दी है। स्वच्छता अभियान चलाकर उन्होंने इस धर्मनगरी की सूरत बदल कर रख दी है।

  • प्रधानमंत्री की सक्रियता के कारण काशी को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए पिछले ढाई साल में काफी काम किए गए हैं।
  • शहर में कूड़ा-कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई के लिए 108.26 करोड़ की लागत से कई काम हो रहे हैं।
  • शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, सफाई और ढुलाई का काम आईएलएफएस और ईकोपाल कंपनी को दिया गया है। इस मद में तीन साल के लिए 45 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
  • नमामि गंगे के तहत आईएलएफएस सभी घाटों की सफाई का काम करेगा। इस पर प्रति वर्ष पांच करोड़ रुपए खर्च होगा।

एनटीपीसी ने सात करोड़ की लागत से वर्षों से लंबित करसडा कूड़ा निस्तारण संयंत्र में काम शुरू कर दिया है। अब यहां से बिक्री योग्य जैविक खाद का उत्पादन शुरू हो गया है। इसी तरह इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड ने भवनिया पोखरी में 10 मीट्रिक टन क्षमता के विकेंद्रीकृत कूड़ा से बिजली प्लांट शुरू कर दिया है। वाराणसी के नौ अन्य स्थानों पर 19 करोड़ रुपए की लागत से इसी तरह के संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत वाराणसी नगर निगम को

  • रोड सफाई मशीन, कूड़ा ढुलाई गाड़ी, कम्पेक्टर, कलेक्शन बिन्स उपलब्ध कराए गए हैं। 
  • 153 सार्वजनिक शौचालयों और 50 से ज्यादा मूत्रालयों का निर्माण कराया गया है।
  • साथ ही 2263 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पूरा किया गया और 8122 आवेदन को मंजूरी दी जा चुकी है।

प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को यहां के लोगों ने भी हाथों-हाथ लिया है और वे अपने शहर को साफ-सुथरा रखने में पूरा सहयोग दे रहे हैं।

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