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रूस के कार्यक्रम में PM मोदी होंगे चीफ गेस्‍ट, न्योता न मिलने से पाक की किरकिरी

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रूस के शहर व्लादिवोस्तोक में 4 से 6 सितंबर तक होने वाले EEF मीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगे। वहीं पांचवीं ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (EEF) को लेकर पाकिस्‍तानी मीडिया ने खबर उड़ाई थी कि रूस ने पीएम इमरान खान को न्‍योता दिया है. लेकिन रूस के विदेश मंत्रालय ने इससे साफ मना कर दिया, रूसी विदेश मंत्रालय ने इमरान खान को आमंत्रण देने का खंडन किया।

रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो अबे को न्‍योता दिया है। रूस ने यह स्‍पष्‍ट किया कि इमरान खान को 4 से 6 सितंबर तक रूसी शहर व्लादिवोस्टोक में होने वाली ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में आमंत्रित नही किया गया है।

रूस में हो रहे इस इवेंट में पीएम मोदी चीफ गेस्ट लेंगे। पुतिन और मोदी ने सोमवार को फोन पर बात की। इस दौरान ही पुतिन ने पीएम मोदी को ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में आने के लिए आमंत्रित किया।

पाकिस्तानी मीडिया में कहा जा रहा था कि पिछले महीने बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के इतर इमरान और पुतिन की बातचीत के दौरान यह न्योता मिला था जिसे पाकिस्तानी पीएम ने स्वीकार कर लिया था। मामले पर सफाई देते हुए पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने ट्वीट किया की रूस में EEF में प्रधानमंत्री के हिस्सा लेने के बारे में मीडिया में आ रही खबरें अटकलबाजी हैं। पाकिस्तान और रूस अपने संबंधों को लेकर उच्चतम स्तर पर संपर्क में है। इस बाबत कोई घोषणा उचित समय पर औपचारिक तरीके से की जाएगी।

पीएम मोदी की कूटनीति से अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान

पाकिस्तान को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रणनीतिक कूटनीति पूरी तरह सफल रही है। इसका सबूत खुद पाकिस्तान ही चीख-चीख कर देता है। भारत तो पाकिस्तान की असलियत हमेशा से जानता था, लेकिन यह प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शीता का नतीजा है कि विश्व भर के देश पाकिस्तान की किसी बात पर अब भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि लंबे समय से अमेरिका का चहेता रहा पाकिस्तान, आज अमेरिकी आंखों का ही सबसे बड़ा कांटा बन चुका है।

पुतिन ने नहीं दिया था टाइम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पाकिस्तान को दुनिया भर में अलग-थलग करने की कूटनीति अब पूरी तरह सफल साबित हो रही है। पिछले हफ्ते चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव समिट में पाकिस्तान को जबरदस्त नाकामी हाथ लगी। चीन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की आगवानी के लिए कोई मंत्री या बड़ा अधिकारी नहीं भेजकर उनका स्वागत म्यूनिसिपल कमेटी की डिप्टी सेक्रेट्री जनरल से कराया।

इस सम्मेलन में रूस समेत 37 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 150 देशों की संस्थाओं के 5000 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। जबकि चीनी नेताओं के साथ बैठक के अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सिर्फ इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद अली और तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान से ही मुलाकात कर सके। सम्मेलन में किसी भी देश ने पाकिस्तान को कोई भाव नहीं दिया। पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका रूस से लगा था। इमरान खान ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए समय मांगा, पर पुतिन ने मिलने से साफ इंकार कर दिया। इसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना गया।

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