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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आचरण से फिर दिया स्वच्छता का संदेश, समुद्र किनारे की साफ-सफाई

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने आचरण से देश को एक बार फिर स्वच्छता का संदेश दिया। आज, 12 अक्तूबर को तमिलनाडु के मामल्लापुरम यानी महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह की सैर पर निकले। इस दौरान उन्होंने समुद्र तट पर साफ-सफाई की और कचरा भी उठाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “आज सुबह ममल्लापुरम के तट पर गया। वहां करीब 30 मिनट से भी अधिक समय तक रहा। वहां बिखरे प्लास्टिक और कचरे को इकट्ठा किया और होटल कर्मचारी जयराज को इकट्ठा किया कचरा दे दिया। हम यह सुनिश्चित करें कि हमारे सार्वजनिक स्थल साफ सुथरे रहें! आइए हम यह भी सुनिश्चित करें कि हम फिट और स्वस्थ रहें।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत अभियान शुरू करते हुए खुद हाथों में झाड़ू थामी थी तो पूरे देश ने हाथ में झाड़ू थाम लिया था। पीएम मोदी ने सफाई के प्रति देश में लोगों में जागरूकता और सकारात्मक सोच लाने का प्रयास किया। स्वच्छ भारत अभियान देशभर में आज एक जन-आंदोलन में बदल चुका है।

कचरा बीनने वाली महिलाओं का हाथ बंटाने लगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में मथुरा से देश और दुनिया को ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ बनाने का संदेश दिया। यहां कूड़ा बीनने वाली 25 महिलाओं के साथ बैठकर खुद पीएम मोदी ने कचरे से प्लास्टिक निकालीं। यही नहीं पीएम मोदी ने इस दौरान इन महिलाओं को सम्मानित भी किया और साथ ही उनके कार्यों में आने वाली दिक्कतों को भी जाना। कचरा बीनने वाली इन 25 महिलाओं को प्लास्टिक मुक्त भारत का ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया जाएगा।

पीएम मोदी ने अपने आचरण से दिया स्वच्छता का संदेश
प्रधानमंत्री अक्सर कहते हैं कि हमें सफाई की सोच को व्यवहार में शामिल करना होगा। पीएम मोदी केवल कहते नहीं बल्कि उसे अपने आचरण में उतारते हैं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के भाषणों लेखों के संकलन ”Tireless Voice Relentless journey:Key speeches & articles of Venkaiah Naidu” के विमोचन के अवसर पर पीएम मोदी ने एक बार फिर नजीर पेश की। एनडीए सांसदों की उपस्थिति में उन्होंने अपने आचरण से न सिर्फ स्वच्छ भारत के संकल्प को दोहराया बल्कि देश-दुनिया को स्वच्छता का संदेश भी दिया।

पीएम मोदी ने उठाए रैपर
दरअसल जिस समय पीएम मोदी किताब का विमोचन कर रहे थे उस वक्त मंच पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, अरुण जेटली और वेंकैया नायडू स्वयं उपस्थित थे। सभी ने किताब का विमोचन किया लेकिन रैपर वहीं पीछे टेबल पर फेंक दिया। पीएम मोदी से रहा न गया और उन्होंने स्वयं ही रैपर उठाना शुरू कर दिया, तब वेंकैया नायडू ने भी उनका साथ दिया।

जमीन पर पड़ा रैपर भी उठाया
पीएम मोदी जब वहां से मुड़कर जाने लगे तो आगे और भी रैपर फेंका हुआ था, लेकिन उन्होंने इसे इग्नोर नहीं किया और स्वयं झुककर इसकी सफाई की। बाद में वहां मौजूद कर्मचारियों ने पीएम का अनुकरण करते हुए मंच की सफाई की। पीएम मोदी की इस पहल को देखकर हॉल में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।

किताब विमोचन के बाद रैपर जेब में रखा
11 अप्रैल, 2017 को तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की किताब मातोश्री का विमोचन था, तभी पीएम मोदी ने कुछ ऐसा किया कि लोग देर तक तालियां बजाते रह गए। संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग के आडिटोरियम में किताब विमोचन के बाद भी पैकिंग पेपर हाथ में ही पकड़े रहे। कुछ ही देर में उन्होंने पैकिंग पेपर को दोनों हाथों से मोड़ा और फिर तुरंत ही अपनी हाफ जैकेट की बाईं जेब में उसे रख लिया। महज 10 सेकंड में ये सब हुआ, लेकिन जैसे ही पीएम ने उस वेस्ट पैकिंग पेपर को खुद अपनी जेब में रखा दर्शक दीर्घा में मौजूद लोग अपनी सीट से खड़े हो गए और करीब बीस सेकंड तक जोरदार तरीके से तालियां बजाईं। दरअसल पीएम मोदी ने यह आदतन किया। लेकिन पीएम मोदी का आदतन किया गया यह आचरण एक नजीर बन गया।

देश को स्वच्छ करने की जो पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, वैसा पहले कभी किसी ने नहीं सोचा था। अभियान की शुरुआत करते हुए उस दिन श्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, “2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर भारत उन्हें स्वच्छ भारत के रूप में सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि दे सकता है।” स्वच्छ भारत अभियान के बाद स्वच्छता के प्रति देश सजग हो गया है, साफ-सफाई के प्रति सोच बदल गई है।

जब पीएम ने स्वयं उठाया झाड़ू
महात्मा गांधी के सपने को साकार करने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के पास स्वयं झाड़ू उठाकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। फिर वो वाल्मिकी बस्ती पहुंचे और वहां भी साफ-सफाई की और कूड़ा उठाया। उन्होंने इस अभियान को जन आंदोलन बनाते हुए देश के लोगों को मंत्र दिया था, ‘ना गंदगी करेंगे, ना करने देंगे’।

पीएम ने स्वयं कुदाल उठाकर की सफाई
पीएम मोदी का सपना साकार होने लगा और स्वच्छ भारत अभियान के चलते लोगों में साफ-सफाई के प्रति एक जिम्मेदारी की भावना आ गई। प्रधानमंत्री इस कार्य को और आगे बढ़ाते रहे, वो अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पहुंचे और वहां भी खुद आगे बढ़कर सफाई अभियान को गति देने का काम किया। पीएम मोदी ने काशी के अस्सी घाट पर गंगा के किनारे कुदाल से साफ-सफाई की। इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने स्वच्छ भारत अभियान में उनका साथ दिया।

पीएम मोदी ने रखी शौचालय की नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने उस समय मिसाल पेश की, जब उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के शहंशाहपुर गांव में अपने हाथों से पहली बार शौचालय की नींव रखी। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि मैं जिस गांव में गया, वहां शौचालय में लिखा हुआ था- इज्जत घर। ये हमारी महिलाओं की इज्जत के लिए ही है। जो महिलाओं की इज्जत चाहेगा, वो शौचालय जरूर बनाएगा।

9-9 लोगों को आमंत्रण
इस अभियान को गति देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के हर वर्ग से 9-9 लोगों और संस्थाओं को आमंत्रित करना शुरू किया, जिसने धीरे-धीरे एक बहुत बड़ी श्रृंखला का रूप धारण कर लिया। देश में एक से बढ़कर एक लोग इस अभियान से जुड़ते चले गए और स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय आंदोलन बनता चला गया।

हर वर्ग का मिल रहा है साथ
देश में साफ-सफाई के इस विशाल जन आंदोलन में समाज के हर वर्ग के लोगों और संस्थाओं ने साथ दिया। सरकारी अधिकारियों से लेकर, सीमा की रक्षा में जुटे वीर जवानों तक, बॉलीवुड कलाकारों से लेकर नामचीन खिलाड़ियों तक, बड़े-बड़े उद्योगपतियों से लेकर आध्यात्मिक गुरुओं तक, सभी इस पवित्र कार्य से जुड़ते चले गए।

स्वच्छ भारत अभियान बना जन-आंदोलन
ये सिलसिला लगातार जारी है, देश भर में लाखों लोग दिन-प्रति-दिन सरकारी विभागों, एनजीओ और स्थानीय सामुदायिक केंद्रों के स्वच्छता कार्यक्रमों से जुड़ते जा रहे हैं। देश भर में नाटकों और संगीत के माध्यम से सफाई के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

‘मन की बात’ में सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ में लगातार देश के विभिन्न व्यक्तियों और संगठनों के उन प्रयासों की सराहना की है, जिसने स्वच्छ भारत अभियान को व्यापक रूप से सफल बनाने में मदद की है।

100 प्रतिशत भारतीयों के घरों में शौचालय
प्रधानमंत्री मोदी ने जब स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया था, तब देश का एक भी राज्य खुले में शौच की समस्या से मुक्त नहीं था। अब 100 प्रतिशत भारतीयों के घरों में शौचालय की सुविधा है, यानी 35 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) 100 प्रतिशत कवर हैं। एनडीए सरकार ने 2014 से देश को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए 10 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया है। आज 99.99 प्रतिशत भारतीयों के पास शौचालय की सुविधा है, जोकि 2014 से पहले केवल 39 प्रतिशत थी। लगभग 5.99 लाख गांवों, 699 जिलों, 35 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया है।

बिल गेट्स ने की प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता का कोई सरल समाधान नहीं है और भारत ने इस दिशा में एक उदाहरण पेश किया है। बिल गेट्स ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में भारत ने वास्तव में सफाई की जरूरत के बारे में बात की है। स्वच्छता की दिशा में किए गए कार्यों के लिए बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन प्रधानमंत्री मोदी को प्रतिष्ठित ‘ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया है। फाउंडेशन के अनुसार इस पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे राजनीतिक नेता को विशेष सम्मान प्रदान करना है, जिन्होंने अपने देश में या विश्व स्तर पर प्रभावशाली कार्यों के माध्यम से ग्लोबल गोल्स के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

यूनिसेफ ने की प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ
यूनिसेफ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ की है। मोदी सरकार की स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता से जुड़ी योजनाओं की तारीफ करते हुए यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फोर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्‍वच्‍छ भारत अभियान महात्‍मा गांधी को समर्पित किया, देशवासियों का समर्पित किया और उन्‍हें इसमें गर्व महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि लोगों को जब यह लगने लगता है कि उनका समुदाय बेहतर कर रहा है तो वह उन दूसरी चीजों पर ध्यान देने लगते हैं जिनमें सुधार की जरूरत है। फोर ने कहा कि अगर आप स्वच्छता उपायों में एक डॉलर का निवेश करते हैं तो स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च के लिहाज से चार डॉलर की बचत होगी। आपका डॉक्टर के पास जाना कम हो जाएगा और दवाओं पर खर्च बचेगा।

डब्ल्यूएचओ ने की स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ
डब्ल्यूएचओ ने भी प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ की है। ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ के स्वास्थ्य लाभों पर अपने अध्ययन में डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इस कार्यक्रम से तीन लाख से अधिक लोगों की जिंदगियां बच सकती हैं। डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ रिचर्ड जॉनस्टन ने कहा कि अनुमान है कि ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ से 2014 और अक्तूबर, 2019 के बीच तीन लाख से अधिक लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया जाएगा। रिचर्ड ने कहा कि 2014 में स्वच्छ भारत मिशन शुरू होने से पहले स्वच्छता नहीं होने से हर साल डायरिया के 19.9 करोड़ मामले सामने आते थे। ये धीरे-धीरे घट रहे हैं और अक्तूबर, 2019 तक सुरक्षित स्वच्छता सुविधाओं का यूनिवर्सल इस्तेमाल पूरा हो जाने से इसका पूरी तरह सफाया हो जाएगा। अध्ययन में पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता सेवाओं, व्यक्तिगत स्वच्छता में सुधार का सबूत मिला जिसका सकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव रहा।

 

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