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प्रधानमंत्री मोदी के साहसिक फैसलों का विरोध कर विपक्ष कर रहा है सेल्फ गोल

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अनुच्छेद 370,तीन तलाक, नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, जीएसटी, नेशनल मेडिकल कमिशन एक्ट समेत दर्जनों साहसिक फैसले का आज देशभर के लोग प्रशंसा कर रहे हैं लेकिन विपक्षी पार्टियां, मोदी सरकार के इन साहसिक फैसलों के खिलाफ देश में भ्रम फैलाने की असफल कोशिश करने में जुटी है। मोदी सरकार की दिनों दिन बढ़ती लोकप्रियता से साफ है कि देश की जनता इन साहसिक और ऐतिहासिक फैसलों के साथ है।

आइए, एक नज़र डालते हैं मोदी सरकार के कुछ साहसिक और ऐतिहासिक फैसलों पर…

अनुच्छेद 370 और 35 ए खत्म करने का साहसिक फैसला

अनुच्छेद 370 और 35 ए को खत्म करने के साहसिक फैसले का आज देशभर में स्वागत हो रहा है। अस्थायी प्रावधान होने के बाद आजादी के बाद आज तक किसी सरकार ने इसे हटाने को लेकर फैसला नहीं ले सकी। अनुच्छेद 370 के खत्म होने से जम्मू कश्मीर का चहुमुंखी विकास होगा। इस फैसले में राज्य में निवेश बढ़ने के साथ साथ बाहरी लोग भी वहां जमीन खरीद सकेंगे ताकि राज्य का विकास हो। इस कानून के कारण बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आए लोगों को जम्मू कश्मीर में काउंसलर तक के लिए चुनाव लड़ने से वंचित रखा गया था।  

तीन तलाक कानून से मुस्लिमों महिलाओं को मिली आजादी

तीन तलाक मुस्लिम समाज में तलाक का ऐसा जरिया है, जिससे कोई भी मुस्लिम शख्स अपनी बीवी को सिर्फ तीन बार तलाक कहकर अपनी शादी को तोड़ सकता था। इस कानून के बनने से अब मुस्लिम महिलाएं  हक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं। तीन तलाक पर संसद में बोलते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि तीन तलाक के विरोध के पीछे तुष्टीकरण की राजनीति है। तीन तलाक किसी में हटाने की हिम्मत नहीं थी। यह मुस्लिम महिलाओं की भलाई के लिए लाया गया है। तीन तलाक के पक्ष में खड़े हैं और जो इसके विरोध में खड़े हैं, उन दोनों के ही मन में इसको लेकर को संशय नहीं है कि तीन तलाक एक कुप्रथा है। तीन तलाक निषेध से संबंधित कानून वास्तव में मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण का उपाय है। इससे उन्हें अपना अस्ततिव और पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

सर्जिकल स्ट्राइक कर भारत ने दिखाई ताकत

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकियों ने सुरक्षाबलों के एक काफिले को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया था जिसमें करीब 40 जवान शहीद हो गए थे। भारत ने इसका बदला लेते हुए 27 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट समेत जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया था। भारत के इस कार्रवाई में सैकड़ों आतंकवादी मारे गए थे। इससे पहले पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला कर भारत की सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था लेकिन विपक्षी पार्टियां सरकार के इस साहसिक फैसले पर भी सवाल उठाने से नहीं चुकी। 

GST : वन कंट्री वन टैक्स

गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) के लागू होने के बाद से देश में वन कंट्री वन टैक्स लागू हो गया है। इससे व्यापार से जुड़े लोगों को काफी सुविधा हुई है। जीएसटी पूरे देश के लिए एक अप्रत्यक्ष कर है जो भारत को एकीकृत साझा बाजार बनाने में मदद कर रहा है। जीएसटी विनिर्माता से लेकर उपभोक्तता तक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर एक एकल कर है। जीएसटी वह वैट है जिसमे वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर ही लागू किया गया। 

चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में क्रांत्रिकारी बदलाव

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए मोदी सरकार के प्रयास से संसद के दोनों सदनों ने नेशनल मेडिकल कमिशन बिल को मंजूरी दे दी है। इस कानून से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव होंगे। इस कानून जहां देशभर में मेडिकल शिक्षा सस्ती होगी वहीं देश में डॉक्टरों की कमी को भी दूर किया जा सकेगा। इस कानून से देशभर में मेडिकल सीटों की असमानता को भी दूर किया जा सकेगा। मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान देशभर में करीब 157 मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दी जा चुकी है, जिससे देश में 15,700 एमबीबीएस की सीटें तैयार होंगी।

 

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