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मोदी सरकार को है आपकी सुरक्षा की चिंता, 1 सितंबर से लागू होंगे ट्रैफिक के नए नियम

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देश में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में करीब 1.5 लाख भारतीयों की मौत होती है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार हर भारतीय की सुरक्षा को सुनिश्चित करना चाहती है। इसके लिए सरकार जहां वाहन चालकों को सुविधाएं दे रहीं, वहीं सड़क हादसों को रोकने के लिए सख्त नियमों को भी लागू कर रही हैं। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एक सितंबर से मोटर व्हीकल एक्ट 2019 लागू हो जाएगा। इससे जहां सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कम होगा, वहीं सड़क दुर्घटना में भी कमी आएगी।

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना

नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सावधानी पूर्वक गाड़ी नहीं चलाने, तेज गति से गाड़ी चलाने या फिर शराब पीकर गाड़ी चलाने, रेड लाइट तोड़ने, बिना सीट बेल्ट पहने गाड़ी चलाने पर भारी भरकम जुर्माने के साथ-साथ सजा तक हो सकती है। इसके लिए सरकार ने कानून में बदलाव कर दिया है। इस कानून में ऐसे सख्त प्रावधान किए गए है कि जिसे तोड़ने के विचार से हर भारतीय के मन में भय उत्पन्न हो।

कितना होगा जुर्माना

(1) नए ट्रैफिक नियमों के मुताबिक शराब पीकर गाड़ी चलाना भारी पड़ सकता है। इन नियमों के तहत अगर आप शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए तो आपको 10 हजार रुपये का जुर्माना, 6 माह की जेल हो सकती है। दूसरी बार ऐसा करने पर 15 हजार का जुर्माना, 2 साल की जेल हो सकती है। 

(2) बेतरतीब तरीके से गाड़ी चलाने (रैश ड्राइविंग) पर आपको जुर्माने के तौर पर पांच हजार रुपये देने होंगे।

(3) बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। 

(4) नए नियम के तहत अगर आप बगैर सीट बेल्ट लगाए गाड़ी चलाते हैं तो आपको 100 रुपये की जगह एक हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।

(5) तय सीमा से अधिक स्पीड से गाड़ी चलाने पर 400 के स्थान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक चालान होगा।

(6) ट्रैफिक लाइट तोड़ने और मोबाइल पर बात करते हुए पकड़े गये तो आपको 5,000 रूपये का जुर्माना देना पड़ सकता है।

(7) ओवरलोडिंग पर 10 हजार रुपए जुर्माना या फिर 6 माह की जेल हो सकती है। दूसरी बार उल्लंघन करने पर 15 हजार का जुर्माना या 2 साल की जेल हो सकती है।

(8) बिना हेलमेट के दुपहिया चलाने पर अब 100 रुपये के बजाय 1000 रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। 

(9) बिना परमिट वाहन चलाते पकड़े जाने पर 5000 रुपये के बजाय 10 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा।

सड़क दुर्घटना में आएगी कमी 

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमारा इरादा अधिक से अधिक पैसा इकट्ठा करना नहीं है। बल्कि ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन करने से रोकने का इरादा है। गडकरी ने आगे कहा कि तकरीबन 1.5 लाख आकस्मिक मौत मे से 65 फीसदी 18-35 वर्ष के उम्र में है। गडकरी ने उम्मीद जताई है कि जुर्माने की राशि बढ़ाए जाने से दुर्घटना में कमी आएगी।

दुर्घटना के 700 से ज्यादा जगहों की निशानदेही
देशभर में सात सौ से ज्यादा जगहों की मिशानदेही की गई है, जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। इनको ठीक करने के लिए 14000 करोड़ खर्च करनें का इरादा है, ताकि दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। बता दें कि इन जगहों पर ही हुए हादसों में बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। 

अब से हर 50 किमी पर एक एंबुलेंस
परिवहन मंत्री नितन गड़करी का दावा है कि नेशनल हाईवे पर हर 50 किलोमीटर पर एक एंबुलेंस तैनात की जाएगी। हर जिले में सांसद की अध्यक्षता में रोड सेफ्टी बोर्ड गठित होगा, जो सड़क हादसों के स्पॉट का दौरा करेगा और सुझाव देगा। राष्टीय राजमार्गों पर कुल साढ़े चार सौ एंबुलेंस तैनात किए जाएंगे।

1 दिसंबर से NH के टोल बूथ पर कैश लेनदेन बंद

टोल बूथ पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए एक दिसंबर से हर गाड़ी पर Fastags लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यानि एक दिसंबर से टोल पर कैश का लेनदेन पूरी तरह से बंद हो जायेगा। अगर Fastags नहीं है तो वो टोल प्लाजा से आगे नहीं बढ़ सकते। गडकरी ने कहा कि अब तक 52.59 Fastags जारी किए जा चुके हैं। बाईस प्रमाणित बैंक अपनी चुनिंदा शाखाओं और टोल प्लाजा पर इनकी बिक्री कर रहे हैं। किसी भी बैंक का खाताधारक Fastags को अपना सकता है। आरटीओ से भी Fastags की बिक्री के प्रयास किए जा रहे हैं। Fastags की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सड़क मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर आरटीओ परिसरों के भीतर इनकी बिक्री की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया है।

सड़क सुरक्षा बोर्ड का होगा गठन

मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 में केंद्र सरकार द्वारा एक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड की स्थापना का प्रावधान है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के सभी पहलुओं पर केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह देगा। जिसमें वाहनों का पंजीकरण और लाइसेंस, मोटर वाहनों के मानक, सड़क सुरक्षा के लिए मानक और नई वाहन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना शामिल है।

राज्यों को कुछ नियमों में बदलाव करने का अधिकार
नया मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कुछ प्रावधानों पर राज्य सरकारों को छूट दी गई है कि वो अपने हिसाब से मोटर व्हीकल नियमों में बदलाव कर सकते है। राज्यों को कहा गया है कि कुछ मामलों में जुर्माने के राशि भी एक सीमा तक कम या ज्यादा कर सकते है, लेकिन वो केंद्र सरकार की तरफ से नये कानून में निर्धारित उच्चतम सीमा से न तो ज्यादा हो सकती है और न ही न्युनतम सीमा से कम। राज्यों को इस रिलेक्सेशन के साथ ही केंद्र ने मोटर व्हीकल एक्ट के 63 प्रोवीजन को लागू करना होगा।

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