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पीएम मोदी ने नीति आयोग को सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र को सिद्ध करने वाला बताया

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साल 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना चुनौतीपूर्ण तो है साथ ही पूरा करने वाला भी है। यह बात अपने दूसरे कार्यकाल में नीति आयोग की पहली बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओपनिंग रिमार्क में कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र को पूरा करने में नीति आयोग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र को कोई पूरा कर सकता है तो वह नीति आयोग है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा है अगर देश की आय और रोजगार को बढ़ाना है तो इसके लिए एक्सपोर्ट सेक्टर मुख्य भूमिका निभा सकता है। इसलिए राज्यों को एक्सपोर्ट सेक्टर को सक्षम बनाने के लिए ठोस प्रयास करना होगा।

जल शक्ति मंत्रालय से दूर होगा जल संकट
नीति आयोग की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने उद्घाटन संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि इस बार अलग से जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है। इसका उद्देश्य जल पर एकीकृत एप्रोच उपलब्ध करना है ताकि देश को जल संकट से निजात दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि जल संचयन और प्रबंधन में राज्य भी अपना प्रयास कर सकता है।

प्रदर्शन और पारदर्शिता पर दिया बल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन स्थित सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की पांचवीं बैठक में अपना उद्घाटन संबोधन दिया। इस मौके पर मोदी ने कहा कि अब हम प्रदर्शन, पारदर्शिता और वितरण की विशेषता वाले एक शासन प्रणाली की ओर बढ़ रहे हैं

सभी के लिए काम करने का है समय
हाल के आम चुनावों को दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास के रूप में याद करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि अब भारत के विकास के लिए सभी के लिए काम करने का समय है। उन्होंने अपने संबोधन में गरीबी, बेरोजगारी, सूखा, बाढ़, प्रदूषण, भ्रष्टाचार और हिंसा आदि के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़ने की बात कही।

2022 तक नया भारत प्राप्त करने का लक्ष्य
प्रधान मंत्री ने कहा कि इस मंच पर हर किसी का 2022 तक एक नया भारत प्राप्त करने का एक सामान्य लक्ष्य है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान और पीएम आवास योजना का वर्णन करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण और जीवनयापन के लिए सभी को सुलभता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ पर जो लक्ष्य तय किए गए हैं उन्हें हर हाल में 2 अक्टूबर तक पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही 2022 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में काम शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्पावधि और दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

देश की प्रगति में निर्यात एक मुख्य तत्व
यह देखते हुए कि निर्यात क्षेत्र विकासशील देशों की प्रगति में एक महत्वपूर्ण तत्व है, उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों को प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के लिए निर्यात में वृद्धि की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्वी राज्यों सहित कई राज्यों में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर निर्यात प्रोत्साहन पर जोर आय और रोजगार दोनों को बढ़ावा देगा।

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