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योग दिवस विशेष: सहजता से प्रेरित कर जाती हैं सरल रूप में कही गई प्रधानमंत्री मोदी की बातें

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योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बार देहरादून के आयोजन में योग किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के कोने-कोने तक आज योग ही योग है। विश्व का हर नागरिक योग को अपना समझने लगा है।योग प्रधानमंत्री मोदी की दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने स्वयं कई मौकों पर ये बताया है कि कैसे योग ने कुछ विशेष स्थितियों में उन्हें सहज रखने में मदद की है। दरअसल प्रधानमंत्री योग को लेकर अपनी बातों और विचारों को इतनी सरलता से लोगों के सामने रखते हैं जिससे कोई भी सहजता से योग अपनाने को प्रेरित हो सकता है।

योग पर इससे सरल व्याख्या नहीं हो सकती
योग पर प्रधानमंत्री मोदी के जो विचार होते हैं उनमें उनके खुद के अनुभव का भी एक गहरा रंग होता है। जब वे किसी योगासन या ध्यान मुद्रा के बारे में बताते हैं तो कोई भी व्यक्ति आसानी से समझकर उसे आजमा सकता है। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की योग में शुरू से रुचि रही है और अपने जीवन में इसके सकारात्मक प्रभाव का उनका अपना वृहत अनुभव रहा है। वह बड़े ही सहज रूप से बता जाते हैं कि प्राणायाम चंद पलों में कैसे किसी को स्फूर्ति से भर सकता है: ‘’अगर आप बहुत थकान महसूस कर रहे हैं, मीटिंग की तैयारी करते-करते थक गए हैं और उस समय आपको समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं तो ऐसी स्थिति में एक जगह ठहरकर अगर आप 5-7 बार Deep Breath लेकर जाएंगे तो आप attentive दिखेंगे। किसी को पता नहीं चलेगा कि पहले आप कितने थके थे। प्राणायाम में शरीर के कई हिस्से में ऑक्सीजन पहुंचती है।‘’

योग करना किसी के लिए भी क्यों है आसान
योग को अपनाने के लिए दुनिया सीधे आगे बढ़ी है तो इसमें प्रधानमंत्री मोदी का सहज-सरल शैली में किया गया संवाद भी बहुत कारगर रहा है। 21 जून 2016 को दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर चंडीगढ़ के शिविर में बड़े ही सरल अंदाज में उन्होंने इस बात को सबके सामने रखा कि तन-मन को स्वस्थ रखने वाले योग को अपनाना क्यों बेहद आसान है। उन्होंने कहा: ‘’योग को अमीर-गरीब का भेद नहीं है। विद्वान-अनपढ़ का भेद नहीं है। गरीब से गरीब व्यक्ति भी, अमीर से अमीर व्यक्ति भी योग आसानी से कर सकता है। किसी चीज की जरूरत नहीं है। एक हाथ फैलाने के लिए कहीं जगह मिल जाए, वो अपना योग कर सकता है और अपने तन-मन को तंदुरुस्त रख सकता है।‘’

योग में है जीवन में संतुलन बनाए रखने की क्षमता
व्यक्तित्व के निर्माण में योग बड़ी भूमिका निभाने वाला साबित होता है। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े ही सहज तरीके से समझाया कि योग कैसे जीवन में संतुलन बनाए रखने का काम करता है। उन्होंने कहा: ‘’योग का ये इंटरनल बेनिफिट है कि इसे करने वाले अचानक रिएक्ट नहीं करते। न अचानक किसी बात पर एक्साइट होते हैं और न अचानक किसी बात पर बहुत निगेटिव होते हैं। योग से मिली ये बहुत बड़ी इंटरनल स्ट्रेंथ होती है जो व्यक्तित्व को बैलेंस करती है। ये शक्ति आपको हर बात का dissection करने की, स्वस्थ तरीके से सोचने की, समझने की ताकत देती है।‘’

इस वर्ष 16 फरवरी देश भर के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों को उसी आसन को करने की सलाह दी जो उन्हें अच्छा लगता है, कंफर्ट देता है। जाहिर है, यह प्रधानमंत्री मोदी की अपनी एक सहज लेकिन विशिष्ट शैली है जिसने योग के प्रति एक चली आ रही पुरानी धारणा को समाप्त कर दुनिया को इसे अपनाने के रास्ते पर ला दिया है।

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