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हिन्दू तन-मन हिन्दू जीवन: पीएम मोदी इसलिए ही हैं सबसे बड़े हिन्दू हृदय सम्राट

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सनातन संस्कृति, परंपरा, धर्म और विरासत अपने-आप में अनूठी है। देश की इस सांस्कृतिक विरासत और हिन्दू धर्म के प्रति पीएम मोदी की अगाध आस्था रही है। सनातन धर्म, धार्मिक प्रतीकों और स्थलों के रक्षण-संरक्षण में उन्होंने ऐतिहासिक योगदान दिया है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने के बाद से ही पीएम मोदी ने हिन्दू धर्म से जुड़े स्थलों के विकास और संवर्धन के लिए अनेक कदम उठाए। देश से लेकर विदेशों तक हिन्दू धर्म को सम्मान दिलाने के लिए वे हमेशा प्रयासरत दिखे। बीजेपी और एनडीए से अलग देश के तमाम दूसरे दल और उनके नेता जहां अल्पसंख्यक तुष्टीकरण को अपनी स्वार्थी राजनीति का हथियार बनाते रहे, वहीं पीएम मोदी ने ‘हिन्दू तन-मन, हिन्दू जीवन’ के प्रतिनिधि राजनेता के तौर पर पहचाने जाने में कोई संकोच नहीं किया। पीएम मोदी के व्यक्तित्व की यही विशेषता उन्हें हिन्दू हृदय सम्राट बनाती है।

आइए, एक नजर डालते हैं पीएम मोदी के ऐसे कदमों और कार्यों पर, जिन्होंने देश-दुनिया में हिन्दू धर्म की प्रतिष्ठा में चार चांद लगा दिए।     

मंगल भवन अमंगल हारी: रामायण सर्किट का निर्माण

भगवान राम के जीवन से जुड़े स्थानों को विकसित कर उन्हें आकर्षक रूप देने के लिए मोदी सरकार रामायण सर्किट के निर्माण में जुटी है। इसके तहत देश भर के 11 स्थानों को विकसित करने के साथ ही उनके बीच संपर्क की बेहतर व्यवस्था तैयार जा रही है। इन स्थानों में शामिल अयोध्या, नंदीग्राम, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट उत्तर प्रदेश में हैं। इनके अलावा, बिहार में सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, छत्तीसगढ़ में जगदलपुर, तेलंगाना में भद्राचलम, कर्नाटक में हम्पी और तमिलनाडु के रामेश्वरम को भी रामायण सर्किट के तहत विकसित करने की योजना है।

सारे जहां से अच्छा: स्वदेश दर्शन योजना

हिन्दू धर्म और देश की ऐतिहासिक विरासत के प्रति पीएम मोदी अपनी अखंड आस्था जाहिर करते रहे हैं। यही वजह है कि देश के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को सम्मान दिलाने और विदेशी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अनेक योजनाएं शुरू कीं। साथ ही, देशी पर्यटन को प्रोत्साहित करने और लोगों को हिन्दू धर्म और अपनी विरासत के प्रति जागरूक करने के लिए कई प्रयास किए गए। इसी कड़ी में मोदी सरकार ने साल 2014-15 में स्वदेश दर्शन योजना की शुरुआत की। इसके तहत देश भर में विभिन्न थीम पर आधारित पर्यटन सर्किट विकसित करने पर बल दिया जा रहा है। रामायण सर्किट, कृष्णा सर्किट, बौद्ध सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट और विरासत सर्किट जैसे 13 सर्किट को विकसित करने का काम चल रहा है।

सारे तीरथ बार-बार: प्रसाद योजना

तीर्थस्थलों के पुनरुद्धार और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान के लिए राष्ट्रीय मिशन ‘प्रसाद’ शुरू किया गया। मोदी सरकार ने वर्ष 2014-15 में प्रसाद योजना की शुरुआत की थी। देश में तीर्थस्थलों और धरोहर स्थलों को विकसित करने की इस योजना के तहत उत्तराखंड में गंगोत्री एवं यमुनोत्री, मध्य प्रदेश में अमरकंटक और झारखंड में पारसनाथ को शामिल किया गया है। योजना में देश भर के 40 से ज्यादा स्थलों को शामिल किया गया है।

योग: कर्मसु कौशलम्: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

21 जून 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पीएम मोदी ने योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। दुनिया के 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। 2015 से हर साल 21 जून को पूरी दुनिया योग दिवस को धूमधाम से मनाती है। योग विद्या अभिन्न रूप से हिन्दू धर्म का अंग रही है, जिसे आज पूरी दुनिया में मान्यता मिली है।

जय बाबा केदार: केदारनाथ मंदिर परिसर का पुनर्निर्माण

वर्ष 2013 में उत्तराखंड में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा में प्रभावित हुए केदारनाथ मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। पीएम मोदी स्वयं समय-समय पर अपने ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य का जायजा लेते रहते हैं। उन्होंने ड्रोन तकनीक और लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी वहां चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर चुके हैं।

हर-हर बम-बम: काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर

पीएम मोदी ने इसी वर्ष मार्च में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का शिलान्यास किया। यह कॉरिडोर काशी विश्वनाथ मंदिर को गंगा नदी से जोड़ेगा। ऐतिहासिक रूप से इस मंदिर का जीर्णोद्धार इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होलकर द्वारा वर्ष 1780 में कराए जाने के लगभग 239 वर्षों के बाद यह पहला अवसर है जब किसी बड़ी शख्सियत ने इस परिसर के विकास का बीड़ा उठाया है। इस कॉरिडोर के निर्माण में 460 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

जय सियाराम: जनकपुर और अयोध्या के बीच बस सेवा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल और भारत में तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए। 11 मई 2018 को हिंदुओं के दो पावन स्थलों जनकपुर और अयोध्या के बीच सीधी बस सेवा का शुभारंभ स्वयं पीएम मोदी ने किया था।

वैष्णो देवी यात्रा: दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

नई दिल्ली से जम्मू-कश्मीर स्थित कटरा जाने के लिए दिल्ली-कटरा वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की गई। इससे वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को समय की बचत होगी।

विरासत से सरोकार: देश से चुराई गई मूर्तियां वापस लाई गईं

भारत की धार्मिक विरासत में मूर्तियां, बर्तन, गहने, अन्य सामान देश के कोने- कोने मे फैले हुए हैं, जिनकी सुरक्षा सरकारें नहीं कर सकीं और इनको व्यापारियों ने दूसरे देशों में बेच कर जबरदस्त कमाई की। ऐसी ही कुछ मूर्तियां जो विभिन्न देशों में चुराकर ले जाई गई थीं, उन्हें मोदी सरकार के आने के बाद से वापस लाया जाने लगा। सितंबर 2016 में ऑस्ट्रेलिया की नेशनल गैलरी ने तीन प्राचीन कलाकृतियों को वापस किया। ये कलाकृतियां बैठे हुए बुद्ध, देवी प्रत्यांगिरा और बुद्ध के भक्तों की मूर्तियां हैं।

मुस्लिम देश हिन्दू मंदिर: अबू धाबी में हिन्दू मंदिर

देश ही नहीं विदेशों में भी हिन्दू धर्म की प्रतिष्ठा बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 फरवरी 2018 को यूएई की राजधानी अबू धाबी में पहले हिन्दू मंदिर का शिलान्यास किया। यह मंदिर 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगा, इसके लिए यूएई की सरकार ने 55,000 स्कॉयर मीटर की जमीन उपलब्ध कराई।

गंगा तेरा पानी अमृत: गंगा आरती में जापान के प्रधानमंत्री 

गंगाजी के प्रति पीएम मोदी की आस्था हमेशा से ही प्रबल रही है। 13 दिसंबर 2015 को पीएम मोदी, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ काशी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल हुए।

हर-हर महादेव: शिवभक्तों के लिए पशुपतिनाथ धर्मशाला

वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पशुपतिनाथ धाम की यात्रा की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने वहां के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ काठमांडू में पशुपतिनाथ धर्मशाला का उद्घाटन किया।

ध्यान-धारणा ही साधन: केदारनाथ की गुफा में ध्यान

इस वर्ष लोकसभा चुनाव में प्रचार कार्य संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान शिव की शरण में केदारनाथ पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना और रूद्राभिषेक किया। प्रधानमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा की और पवित्र गुफा में ध्यान भी लगाया।

जय-जय भैरवी असुर भयावनी: नवरात्रि में उपवास

प्रधानमंत्री मोदी नवरात्रि में नियमित तौर पर उपवास करते हैं। इस दौरान वे सिर्फ सादा पानी या नींबू-पानी का ही सेवन करते हैं। पीएम मोदी सितंबर 2014 में जब अपने पहले अमेरिकी दौरे पर गए तो 29 सितंबर को तत्कालीन राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने उनके सम्‍मान में व्‍हाइट हाउस में डिनर का आयोजन किया। लेकिन पीएम मोदी ने उस दौरान भी सिर्फ नींबू-पानी और फल ही लिया।

हिन्दू तन-मन, हिन्दू जीवन: हिन्दू धर्म के प्रतीकों का आदर

प्रधानमंत्री मोदी को जब भी अवसर मिलता है, वे हिन्दू धर्म के प्रतीकों और पहनावे को सार्वजनिक तौर पर अपनाते हैं। केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के समय वे गेरुआ चादर ओढ़े, रुद्राक्ष की माला पहने और त्रिपुंड लगाए नजर आए। वाराणसी में बाबा विश्वनाथ की पूजा करते हुए वे भी पारंपरिक वेशभूषा और चंदन-तिलक में नजर आते रहे हैं।

वैष्णो देवी-सोमनाथ के दर्शन

पीएम मोदी समय-समय पर वैष्णो देवी और सोमनाथ जैसे देश के प्रसिद्ध मंदिरों में पूजा-अर्चना करते रहे हैं। उन्होंने साल 2014 में उधमपुर-कटरा रेल लाइन का उद्घाटन करने के साथ ही कटरा से उधमपुर के लिए जाने वाली सवारी गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।   

वाहे गुरु जी का खालसा: गुरुगोविंद सिंह की 350वीं जयंती 

पीएम मोदी ने गुरुगोविंद सिंह जी की 350वीं जयंती पर 5 जनवरी 2017 को पटना में आयोजित भव्य समारोह में शिरकत की। धूमधाम से मनाए गए गुरुगोविंद सिंह के इस जन्मोत्सव पर देश भर में अनेक भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए।

हरे राम हरे कृष्ण: श्री चैतन्य महाप्रभु के आगमन की 500वीं जयंती

वर्ष 2016 में मोदी सरकार ने वृंदावन में चैतन्य महाप्रभु के आगमन के 500वें वर्ष पर 500 रुपये के स्मारक वाले और 10 रुपये के प्रचलन वाले सिक्कों को जारी किया। वर्ष 1515 में चैतन्य महाप्रभु वृंदावन आए थे और भगवान श्री कृष्ण से जुड़े स्थानों को खोजकर उन्हें पुनः स्थापित किया था।

कर्म, कला, संस्कृति से सरोकार: कला-संस्कृति का संरक्षण

मोदी सरकार ने अपने अस्तित्व में आने के साथ ही भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों एवं निधियों को सहेजने का काम शुरू कर दिया। इसके अंतर्गत 42 स्वतंत्र इकाइयों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए उन्हें संस्कृति मंत्रालय के अधीन लाने का प्रयास किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, भारतीय संग्रहालय, कला क्षेत्र, नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय, भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण और राष्ट्रीय अभिलेखागार आदि इसी समन्वयन के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा, कला एवं संगीत नाटक अकादमी भी संस्कृति मंत्रालय की इस संरक्षण-योजना का हिस्सा हैं।

पुन दरसन होए पुनमति गंगे: गंगा संस्कृति यात्रा

गंगा की सांस्कृतिक विरासत को खोजने वाली ‘गंगा संस्कृति यात्रा’ की शुरुआत 14 फरवरी, 2016 को गंगोत्री से की गई। इसे गंगा नदी को सुरक्षित रखने और पुनर्जीवित करने के प्रति आम लोगों में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया।

विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को गीता भेंट की

पीएम मोदी विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को उपहार के तौर पर भारत की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी सामग्री देना पसंद करते हैं। 2014 में भारत दौरे पर आए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को पीएम मोदी ने गांधी जी की गीता भेंट की थी। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को भी पीएम मोदी ने गीता और स्वामी विवेकानंद की पुस्तकें उपहार में दीं।   

हिमाद्री तुंग श्रृंग से… तरुणाई के दो साल हिमालय में बीते

जीवन के शुरुआती दौर से ही हिन्दू धर्म और अध्यात्म के प्रति मोदी जी का रुझान स्पष्ट था। महज 17 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने एक परिव्राजक के रूप में हिमालय में दो साल तक ध्यान, साधना की। बर्फीले हिमालय में स्नान और साधुओं की संगति ने ही पीएम मोदी की शख्सियत की रचना की है।

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