Home समाचार यूपी चुनाव में पत्रकारिता को शर्मसार करने वाले पत्रकार…

यूपी चुनाव में पत्रकारिता को शर्मसार करने वाले पत्रकार…

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⁠⁠प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूनामी उत्तर प्रदेश में पूरे विपक्ष को उड़ा कर ले गई। उत्तर प्रदेश की जनता ने मोदी के काम पर मुहर लगाकर अखिलेश को उसके कारनामों की सजा दी। लेकिन इस जीत के विपरीत कुछ पत्रकार तो पत्रकारिता छोड़कर एसपी और बीएसपी के प्रति अपने धर्म को पूरी शिद्धत से निभाते रहे और पत्रकारिता को शर्मसार करते रहे। ऐसे पत्रकारों की पोल खोलती, पेश है ये ख़ास रिपोर्ट।

इकॉनोमिक टाइम्स की सीनियर एडिटर रोहिणी सिंह ने 12 फरवरी, 2017 को अपने ट्विट समाजवादी पार्टी को नंबर वन और बीएसपी को नंबर टू बताया।

वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने 20 फरवरी, 2017 ट्वीट कर अखिलेश को दावेदार बताया।

विनोद दुआ ने 11 मार्च 2017 को बीजेपी की शुरुआती बढ़त के पलटने की बात कही।

हफिग्टन पोस्ट के डिप्टी एडिटर शिवम विज ने 27 फरवरी, 2017 को ट्विट करके सपा गठबंधन की बढ़त की बात कही।

टाइम्स की पत्रकार स्वाति माथुर ने 5 मार्च, 2017 को ट्विट करके बीएसपी-एसपी के बीच टक्कर बताई।

बरखा दत्त ने 9 मार्च, 2017 को मायावती और अखिलेश के पक्ष में ट्विट किया।

पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने 29 जनवरी, 2017 को अपने फेसबुक पर पोस्ट किया।

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश का 9 मार्च, 2017 का लेख।

ओम थानवी ने 10 मार्च, 2017 को अपने फेसबुक पर पोस्ट किया।

देखा आपने किस तरह से पत्रकारिता को ताक पर रखकर कुछ पत्रकार अपना स्वार्थ साधने में लगे रहे। लेकिन चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है।

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