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प्रधानमंत्री मोदी की ‘उड़ान’ योजना ने एक साल में ही तस्वीर बदल दी

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27 अप्रैल 2017 को हिमाचल प्रदेश में शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट से, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सबसे सस्ती हवाई सेवा ‘उड़ान’ की शुरुआत की थी, आज इस योजना के एक साल पूरे हो रहे हैं। इस योजना के शुभारंभ के अवसर पर प्नधानमंत्री मोदी ने इच्छा व्यक्त की थी कि ”मैं चाहता हूं कि हवाई जहाज में हवाई चप्पल वाले लोग दिखाई दें।”, प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा एक साल में पूरी होती हुई नजर आ रही है। International Air Transport Association (IATA) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या  विश्व के अन्य किसी देश की तुलना में सबसे अधिक है। वित्त वर्ष 2018 में घरेलू यात्रियों की संख्या में 18.50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 28 करोड़ तक पहुंच चुकी है। गौरतलब है कि 2014-15 में 11.58 करोड़ लोगों ने हवाई जहाज में यात्रा की थी।

उड़ान योजना

उड़ान योजना 15 जून 2016 को जारी राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति का हिस्सा है। इस योजना में  500 किलोमीटर के लिए एक ‘फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट’ विमान से एक घंटे की यात्रा या किसी हेलीकॉप्टर से आधे घंटे की यात्रा का हवाई किराया 2500 रुपए ही होता है।इस योजना की विशेषता है कि देश में पहले से बने और बेकार पड़े हवाई पट्टी और एयरपोर्ट को जोड़ा जा रहा है।

2017 में इस योजना के पहले चरण में 128 रूटों पर सस्ती विमान सेवाएं शुरू करने की इजाजत दी गई थी जबकि इस साल दूसरे चरण में 325 रूट आवंटित किए जा चुके हैं।

इस योजना के तहत टीयर टू शहरों को हवाई मार्गों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है । इस योजना में 56 हवाईअड्डों और 31 हेलीपैडों को जोड़ा जा रहा है, जिसकी घोषणा इसी वर्ष के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने की है।  करगिल, दरभंगा, हरिद्वार, मसूरी, बोकारो, पाकयोंग और इलाहाबाद जैसे शहरों को जोड़ा जा रहा है। ये वो शहर हैं जहां अभी नियमित उड़ान सेवाएं नहीं हैं। पहाड़ी इलाको में हवाई सेवा के लिए उड़ान-2 में हेलीकॉप्टर्स पर फोकस किया गया है।

स्वदेशी ‘डॉर्नियर 228’ से उड़ान को मिले पंख
डीजीसीए ने देश में निर्मित ‘डोर्नियर-228’ विमान को घरेलू रूट पर व्यवसायिक उड़ान करने के लिए हरी झंडी दे दी है। इसका मतलब प्रधानमंत्री मोदी के सपने को साकार करने में इससे बहुत मदद मिल सकती है। हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित ‘डोर्नियर-228’ 19 सीटों वाला एक छोटा विमान है, जिसका उपयोग अबतक रक्षा के क्षेत्र में ही होता था।

समय और धन की बचत
प्रधानमंत्री ने इस योजना के शुभारंभ के समय कहा था कि हम टैक्सी से सफर करें तो 8-10 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है और शिमला आने में समय करीब 10 घंटे लगते हैं। लेकिन इस उड़ान योजना से खर्च सिर्फ 6 या 7 रुपये ही होगाऔर टूरिज्म को इससे बढ़ावा मिलेगा। आज प्रधानमंत्री मोदी की यह बात सही साबित हो रही है।

प्रधानमंत्री मोदी की सभी योजनाओं के मूल में है कि देश के आम जन के जीवन को  सुविधा जनक और उत्कृष्ट अवसरों वाला बनाया जाए, उड़ान योजना भी ऐसी ही एक महत्वाकांक्षी योजना साबित हो रही है।

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