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हामिद अंसारी जी देख लीजिए – भारत में ‘डरे’ हुए मुस्लिम कैसे फैला रहे हैं ‘खौफ’!

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”मुसलमानों में बेचैनी का अहसास है और उनमें असुरक्षा की भावना घर कर रही है। वे डरे हुए हैं।” अगस्त, 2017 में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने ये बयान दिया था। जाहिर है उन्होंने अपनी सोच के सीमित दायरे से देश को अवगत कराया  था।

इसके पहले जुलाई, 2017 में जब हामिद अंसारी की उपराष्ट्रपति से विदाई हो रही थी तो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा भी था, ”हो सकता है कुछ छटपटाहट रही होगी आपके अंदर भी, लेकिन आज के बाद शायद आपको वैसा संकट नहीं रहेगा… मुक्ति का आनंद भी रहेगा… और अपनी मूलभूत जो सोच रही होगी उसके अनुसार कार्य करने, सोचने और बात बताने का अवसर भी मिलेगा।”

जाहिर है प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी सोच की संकीर्णता को पहचान लिया था, तभी उन्होंने बहुत की सहज और सौम्य भाषा में उन्हें ‘आईना’ दिखाने का काम किया था।

बहरहाल तथाकथित सेक्यूलर और बॉलीवुड के कलाकार भी सवाल उठाते रहे हैं कि ‘भारत में मुस्लिम होना कितना मुश्किल है’। यही नहीं इसके साथ दुनिया भर में दुष्प्रचार किया जा रहा है कि हिंदू बेहद खतरनाक हैं।

आपको बता दें कि ये वही देश है जहां 1947 में 3 करोड़ मुसलमान बढ़कर 25 करोड़ हो गए। जाहिर है बिना हिंदुओं की सहिष्णुता और सहयोग के यह असंभव था।

रही ‘डर’ की बात तो कुछ नेताओं के बयान हम नीचे लिखने जा रहे हैं जो ये साबित करते हैं कि हामिद अंसारी जो कहते रहे हैं, उसके उलट मुसलमान ‘डरे’ हुए नहीं, बल्कि ‘गद्दार’ हैं और हिंदुओं के बीच खौफ फैला रहे हैं ।

06 अगस्त, 2018 को असदुद्दीन ओवैसी का बयान

”हम हिंदुओं का इस्लाम में धर्मांतरण करवाकर हिंदुओं से दाढ़ी रखवाएंगे”

09 जुलाई, 2018 को जफरयाब जिलानी का बयान

”हर जिले में शरिया अदालतें हों ताकि मुस्लिम लोग अपने मसलों को अन्य अदालतों के बजाय दारूल कजा में सुलझाएं।”

30 जनवरी, 2018 को मुफ्ती नासिर इस्लाम का बयान

”17 करोड़ की आबादी पर पाकिस्तान बन गया, हम तो 20 करोड़ हैं। मुसलमानों को हिंदुस्तान से अलग हो जाना चाहिए।”

28 मार्च, 2014 को इमरान मसूद का बयान

“गुजरात में चार परसेंट मुसलमान हैं, यहां 40 परसेंट। नरेन्द्र मोदी यहां आ जाए तो उसकी बोटी-बोटी कर डालेंगे।”

03 जनवरी, 2013 को अकबरुद्दीन ओवैसी का बयान

 “पुलिस हटा दो हम 25 करोड़ मुसलमान 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म कर देंगे”

अब आप समझ सकते हैं कि आखिर देश तोड़ने, हिंदुओं का नरसंहार करने और अपनी अदालतें खोलने जैसे बयान क्या कोई डर कर देता है। इसके उलट हम पाकिस्तान की तस्वीर बताते हैं।   

भारत से जितने भी मुसलमान पाकिस्तान गए थे, उनको पाकिस्तानी लोग मुहाजिर, यानि ‘मुल्क का गद्दार’ कहकर बुलाते हैं। यह स्थिति आज भी बनी हुई है और पाकिस्तान में इनका कत्लेआम दिन-रात किया जा रहा है।  

करांची में ही डेढ़ लाख से अधिक भारतीय मुसलमान, यानि मुहाजिर मारे जा चुके हैं। मुहाजिरों के लीडर अल्ताफ हुसैन कहते भी रहे हैं, ”हिंदुओं हम से गलती हुई जो हमने पाकिस्तान मांगा, खुदा के लिए हमें माफ करो और वापस बुला लो, पनाह दे दो’’

अब पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति भी जान समझ लीजिए ताकि असल ‘डर’ का पता लग सके। पाकिस्तान में 1947 में 27 प्रतिशत हिंदू आबादी थी, जो घटकर महज 1.5 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह बांग्लादेश में 1971 में 37 प्रतिशत हिंदू आबादी थी, जो घटकर महज 8 प्रतिशत रह गई है। जाहिर है ‘डर’ सहिष्णु हिंदू के साये में नहीं बल्कि कट्टर धर्मांध मुस्लिमों के बीच रहने में है। 

बहरहाल भारत में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय के न्याधीश जैसे अहम पदों को मुसलमान सुशोभित कर चुके हैं। इसी तरह बॉलीवुड से लेकर समाज में इनकी पूरी स्वीकार्यता है, लेकिन ‘दहशत’ फैलाने वाले कौन हैं, ‘डर’ दिखाने वाले कौन हैं, इन्हें भी पहचानना आवश्यक है।

 

 

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