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थरूर ने पीएम मोदी के साथ भगवान शिव का भी किया अपमान

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आईपीसी की धारा 306(आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 498A (पत्नी के साथ क्रूरता) के तहत अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में आपत्तिजनक बातें कही हैं। बेंगलुरु लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी किताब ‘द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर’ को प्रमोट करने पहुंचे थरूर ने एक अनाम जर्नलिस्ट और एक अनाम आरएसएस नेता का हवाला देते हुए कहा- ‘पीएम नरेंद्र मोदी शिवलिंग पर बैठे उस बिच्छू की तरह हैं, जिसे आप हाथ से हटा नहीं सकते और चप्पल से मार भी नहीं सकते।’  थरूर को पता है कि देश में उनकी कितनी विश्वसनीयता बची है। उन्हें पता है कि खुद की पत्नी सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दायर होने के बाद उनकी बची-खुची विश्वसनीयता भी खत्म हो चुकी है। इसलिए अपनी बात कहने के लिए अब अनाम लोगों का हवाला दे रहे हैं। थरूर के आपत्तिजनक बयान को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हिन्दुओं की आस्था का अपमान बताते हुए कहा है कि खुद को शिवभक्त बताते वाले राहुल गांधी को इसके लिए सभी हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि राहुल गांधी या उनके परिवार वालों से माफी की उम्मीद करना बेमानी है। मणिशंकर अय्यर ने जब लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए पीएम के लिए ‘नीच’ शब्द का इस्तेमाल किया तो कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। क्योंकि तब राहुल और  सोनिया गांधी को लगा कि इससे गुजरात चुनाव पर उलटा असर पड़ेगा और पड़ा भी, लेकिन खुद गांधी परिवार के लोग कई मौकों पर पीएम के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं।

सोनिया, राहुल और प्रियंका भी प्रधानमंत्री मोदी को दे चुके हैं गालियां

वैसे मणिशंकर अय्यर और शशि थरूर ही नहीं,  कांग्रेस का नेतृत्व ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। प्रियंका वाड्रा, राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक ने नरेन्द्र मोदी को मौत का सौदागर, खून की दलाली, नीच, जहर की खेती करने वाला तक कह दिया है। तब कांग्रेस पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई की कोई चर्चा भी नहीं करता। ऐसी अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कोई निंदा भी नहीं करता, माफी मांगने या पार्टी के बयान से किनारा होने का तो सवाल ही होता।

प्रियंका वाड्रा ने भी कहा था ‘नीच’

2014 के चुनाव  में मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका वाड्रा ने अमेठी में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘नीच’ शब्द का इस्तेमाल किया था। प्रियंका गांधी ने तब कहा था कि गुजरात के मुख्यमंत्री ‘नीच राजनीति’ कर रहे हैं। तब नीच शब्द पर कांग्रेस पार्टी में किसी को कोई आपत्ति नहीं हुई।

सोनिया गांधी – नीच सोच रखने वाला

प्रियंका ही नहीं, उसकी मां सोनिया गांधी ने भी एक जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी के लिए नीच शब्द का इस्तेमाल किया था। सोनिया ने कहा था, “किसी जाति या समुदाय के प्रति अपनी सोच नीच रखता है… इससे बड़ा गुनाह और पाप दूसरा नहीं हो सकता है।”

सोनिया ने सिर्फ नीच ही नहीं कहा, बल्कि 2007 में मोदी के लिए मौत का सौदागर और 2014 में जहर की खेती करने वाला कहा था। 

राहुल गांधी ने तो चोर शब्द का इस्तेमाल किया

खुद कांग्रेस अध्यक्ष कई मौकों पर देश का चौकीदार चोर है, कह चुके हैं। राहुल और उनकी मां सोनिया गांधी नेशनल हेराल्ड केस में घोटाले के आरोपी हैं और जमानत पर बाहर हैं। इसके अलावा उनकी पार्टी के नेताओं पर कई-कई घोटालों का आरोप है। ऐसे लोग कैसे किसी के लिए चोर शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 क्या कांग्रेस सोनिया और प्रियंका वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई करेगी?

  • क्या कांग्रेस में गांधी परिवार के लिए अलग और बाकी नेताओं के लिए अलग कानून चलता है?
  • क्या कांग्रेस गांधी परिवार की जागीर बन गई है?
  • अय्यर के खिलाफ कार्रवाई और गांधी परिवार के खिलाफ नरमी क्या कांग्रेस का दोगलापन नहीं है?

 

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