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देश की जनता पीएम मोदी के साथ, देखिए आंकड़े

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भ्रष्टाचार और कालेधन पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी अभियान के बाद विपक्षी नेताओं ने इसमें पलीता लगाने की भरपूर कोशिश की। विपक्षी नेताओं ने लोगों को हर तरह से समझाने की कोशिश की कि नोटबंदी देश के लिए सही नहीं है। यह देशहित में नहीं है। गरीबों को इससे नुकसान हो रहा है। लेकिन आमलोगों ने कतार में कष्ट झेलकर भी प्रधानमंत्री मोदी का साथ दिया और उनपर अपना भरोसा दिखाया। लोग विपक्षी नेताओं के झांसे में नहीं आए।

अब टैक्स वसूली के जो आंकड़े जारी हुए हैं उससे साफ है कि लोग नोटबंदी के फैसले के साथ हैं। वित्त मंत्री ने टैक्स वसूली के आंकड़े पेश किए हैं। आंकड़े से पता चलता है कि टैक्स वसूली में जबरदस्त वृद्धि हुई है।

  • अप्रैल-दिसंबर, 2016 तक डायरेक्ट टैक्स वसूली के आंकड़े दिखाते हैं कि कुल 5.53 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध वसूली हुई। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की शुद्ध वसूली से 12.01 प्रतिशत अधिक है। यह संग्रह वित्त वर्ष 2016-17 के लिए प्रत्यक्ष करों के कुल बजट अनुमानों का 65.3 प्रतिशत है।
  • अप्रैल-दिसंबर, 2016 तक इनडायरेक्ट टैक्स वसूली के आंकड़े दिखाते हैं कि कुल 6.30 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध राजस्व वसूली हुई। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की शुद्ध वसूली से 25 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2016-17 के लिए दिसंबर, 2016 तक अप्रत्यक्ष कर के बजट अनुमानों का 81 प्रतिशत है।
  • सेवा कर में शुद्ध कर वसूली अप्रैल-दिसंबर, 2016 में 1.83 लाख करोड़ रुपए रही। पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 1.48 लाख करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। इस तरह इसमें 23.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • अप्रैल-दिसंबर, 2016 में केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 2.79 लाख करोड़ रुपए की वसूली हुई। पिछले वर्ष में इसी अवधि में 1.95 लाख करोड़ रुपए की वसूली हुई थी। इस तरह इसमें 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • अप्रैल-दिसंबर, 2016 में सीमा शुल्क में 1.67 लाख करोड़ रुपए की वसूली हुई। पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 1.60 लाख करोड़ रुपए की वसूली हुई थी। इस प्रकार वसूली में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • सकल राजस्व के संदर्भ में कारपोरेट इनकम टैक्स (सीआईटी) तथा व्यैक्तिक इनकम टैक्स (पीआईटी) के संबंध में सीआईटी में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर रही जबकि पीआईटी में (एसटीटी सहित) 21.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

ये आंकड़े सबूत है कि सरकार की कोशिश कामयाब रही है।

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