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रेप-मर्डर पर सिलेक्टिव जर्नलिज्म का पर्दाफाश!

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देश की जनता ने जब से कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया है तब से ही तथाकथित सेक्यूलर जमात अजीब सी बेचैनी से गुजर रहा है। विशेषकर कांग्रेस के करीब रहने वाला धड़ा खुलकर हिंदू विरोध पर उतर आया है। वह रेप जैसे घृणित अपराध को एक समुदायों में विभाजित करके देख रहा है। राजदीप सरदेसाई और अभिषार शर्मा जैसे तथाकथित सेक्यूलर पत्रकार अपने विचारों को व्यक्त करते हुए इतनी नीचता पर उतर आते हैं कि वह भारत को ‘बलात्कारी देश’ तक कह जाते हैं।

अभिसार शर्मा ने भारत को घोषित किया ‘बलात्कारी देश’
2015 में जब गोमांस खाने आरोपी अखलाक की हत्या कर दी गई थी। समाजवादी पार्टी के शासन काल में घटी इस घटना के लिए केंद्र की मोदी सरकार पर ठीकरा फोड़ा गया। इसके बाद तो देश में असहिष्णुता के नाम से कैंपेन चलाया गया। अवॉर्ड वापसी गैंग भी सक्रिय हो गया। एक बार फिर जम्मू के कठुआ में एक बच्ची के साथ रेप और मर्डर के बाद इसी तरह का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। एबीपी न्यूज चैनल के एक पत्रकार ने तो पत्रकारीय मर्यादाओं की सभी सीमा को तोड़ते हुए भारत को ‘बलात्कारी देश’ ही घोषित कर दिया है।

अभिसार शर्मा ने कहा कि बीजेपी ने भारत को बलात्कार की राजधानी बना दिया है। दरअसल पूरा कैंपेन चलाया जा रहा है कि देश के हिंदुओं को बदनाम किया जा सके। वामपंथी पार्टियां, कांग्रेस पार्टी और मीडिया के लोग इस अभियान को लीड कर रहे हैं। इसके लिए टीवी चैनल्स के लेकर सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है।

राजदीप सरदेसाई ने कहा असम में रेप पर चर्चा नहीं
जम्मू में रोहिंग्या मुस्लिमों को बसाने का लगातार विरोध हो रहा है। लोग सड़कों पर निकल रहे हैं तो हिंदुओं के विरूद्ध अब सेक्यूलर और वामपंथी समूह सक्रिय हो गए हैं। कठुआ रेप और मर्डर मामले को लेकर लगातार कैंपेन चलाया जा रहा है ताकि हिंदुओं को मुस्लिम विरोधी ठहराया जा सके। बहरहाल जब इन सेक्यूलर पत्रकारों से ये पूछा गया कि कठुआ की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, परन्तु असम में हिंदू बच्चियों के रेप और हत्या के कई मामले सामने आए आए हैं आप उसपर कुछ क्यों नहीं कहते तो उनका जवाब हैरान करने वाला था।

राजदीप सरदेसाई ने कहा कि कठुवा के मामले पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन असम के रेप के मामलों पर चर्चा की जरुरत नहीं है। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि असम में जो रेप हो रहे है कोई उसका बचाव नहीं कर रहा हैं, पर कठुवा में हिन्दू रेप करने वालों का बचाव कर रहे हैं। हालांकि सच्चाई कुछ और है। क्योंकि कठुआ मामले में पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपियों को गिरफ्त में भी लिया जा चुका है। यही नहीं जम्मू के हिंदू खुद ही सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।

सासाराम में मेराज आलम द्वारा बच्ची का रेप-मर्डर पर खामोशी
सासाराम में एक छह वर्ष की बच्ची के साथ मेराज आलम ने रेप किया, लेकिन किसी मीडिया ने इस खबर को नहीं दिखाया। न राजदीप और नही अभिषार ने। न सागरिका और न ही आरती टिकू ने। आखिर ऐसा क्यों होता है कि जैसे ही किसी घटना में मुस्लिम एंगल मिलता है ऐसे सेक्यूलर मीडिया टूट पड़ते हैं और पूरे हिंदू समुदाय को दोषी ठहरा देते हैं। इन्हें हिंदुत्व से खतरा महसूस होने लगता है और हिंदुओं को दुनिया का सबसे खतरनाक प्राणी करार देने लगते हैं। जाहिर है दोष नजर में नहीं नजरिये मे है।

कर्नाटक में दो साल में एक भी रेपिस्ट को नहीं मिली सजा
कर्नाटक में लगातार रेप की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को वहां की घटनाओं पर आंखें मूंदे बैठे हैं। दरअसल कर्नाटक में वर्ष 2016-17 में 686 रेप की घटनाएं सामने आईं, लेकिन एक व्यक्ति को भी सजा नहीं मिली। दरअसल बीते दो वर्षों में कर्नाटक में एक भी बलात्कारी को सजा नहीं मिली है। जाहिर है राहुल गांधी को कर्नाटक चुनाव जीतना है और तथाकथित सेक्यूलर मीडिया उनका साथ दे रही है।

कर्नाटक में पिछले पांच सालों में अब तक 3800 किसानों ने आत्महत्या की है, परन्तु ये खबर मीडिया कभी दिखाती ही नहीं।  भ्रष्टाचार के मामले में कर्नाटक नंबर 1 है पर ये भी मीडिया नहीं बताती। केरल के बाद हिंदुओं की हत्या मामले में कर्नाटक दूसरे नंबर पर है और लव जिहाद में भी आगे है, लेकिन क्या मजाल कि मीडिया एक भी ऐसी खबरों को दिखाए।

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