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पीएम मोदी को ट्वीट के बाद बैंक ने वापस किए रुपये

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीतिक स्तर पर जितने सक्रिय हैं, उतने ही वे सामाजिक सरोकारों को निभाने में भी आगे रहते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय में रोज हजारों पत्र आते हैं जिसमें कई में तो मदद की गुहार होती हैं। इसी तरह ट्वीटर और उनके फेसबुक अकाउंट पर भी सैकड़ों लोग मदद की आस में अपने पोस्ट करते हैं। प्रधानमंत्री भी संजीदगी से पूरे मामले को देखते हैं और यथासंभव मदद मुहैया कराते हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के एक रिटायर्ड मुख्य वन संरक्षक का है।

दरअसल अशोक बरोनिया ने छह मार्च को भोपाल के मैदा मिल स्थित एलएचओ शाखा के एटीएम में 20 हजार रुपए निकालने के लिए एंट्री की। प्रोसेस पूरी होने पर से 16,500 रुपये ही निकले। लेकिन पर्ची में 20 हजार रुपये की निकासी दिखाई गई। उन्होंने तत्काल वहीं से एटीएम में दिए शिकयती नंबर पर फोन किए। कई बार फोन करने के बाद भी किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। उन्होंने मैसेज भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने मुंबई स्थित हेड ऑफिस में शिकायत की। लेकिन एक हफ्ते में रुपये वापस देने का आश्वासन देने के बावजूद रुपये नहीं मिले। फिर उन्होंने मार्च के अंतिम सप्ताह में पीएम मोदी को ट्वीट कर दिया। इसका नतीजा रहा कि बैंक ने अपनी गलती मानते हुए 21 अप्रैल को उनके खाते में रुपये वापस कर दिए।

हर आम ओ खास के मददगार हैं पीएम मोदी
दरअसल पीएम मोदी प्रशासनिक रूप से जितने सख्त फैसले लेते हैं उसके विपरीत उनका हृदय अति कोमल है। प्रधानमंत्री की यही संवेदनशीलता, आम आदमी के दुखदर्द को समझने और उनकी मदद करने की सहृदयता के कारण लोग उनसे सीधे जुड़ाव महसूस करते हैं। उनके पास ऐसा कोई भी मामला पहुंचता है तो वे हर तरह से लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। देखिए कुछ उदाहरण-

सारा की पढ़ाई को मिला मोदी का साथ
कर्नाटक की बी.बी.सारा, जो अपनी एमबीए की पढ़ाई को आगे जारी रखना चाहती थी लेकिन आर्थिक हालात ठीक नहीं होने की वजह से वो ऐसा नहीं कर पा रही थी। कर्नाटक के मंड्या की शूगर टाउन की रहने वाली सारा ने बैंक से एजूकेशन लोन के लिए एप्लाई कर दिया। सारा को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए ये लोन बहुत जरूरी था लेकिन बैंक देर पर देर किया जा रहा था और सारा को पढ़ाई छूटने का खतरा सता रहा था। थक हारकर सारा ने अपने पिता अब्दुल इल्यास के साथ मिलकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी परेशानी से अवगत कराया। प्रधानमंत्री कार्यालय से तुरंत पत्र का जवाब आया कि 10 दिन के अंदर आपको लोन मिल जाएगा, और वैसा ही हुआ 10 दिन से पहले ही बैंक वालों ने सारा को लोन दे दिया। अब सारा की एक ही ख्वाहिश है कि वो एक बार प्रधानमंत्री से मिलकर उनको धन्यवाद कहना चाहती है।

डोरिस को दी आर्थिक मदद, डॉक्टरों से भी की बातचीत
दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले की डोरिस फ्रांसिस को प्रधानमंत्री कार्यालय से तीन लाख रुपए की मदद मिली। डोरिस एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लंबे समय से नेशनल हाइवे 24 पर ट्रैफिक संभालती है। वह जहां ट्रैफिक संभालती हैं, वहीं उनकी 17 साल की बेटी का सड़क हादसे में निधन हो गया था। वह इन दिनों कैंसर से जूझ रहीं हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर मिली मदद
नोटबंदी की वजह से सारनाथ की ज्योति साहू को दुल्हन बनना मुश्किल लगने लगा तो प्रधानमंत्री को खत लिखा। प्रधानमंत्री दफ़्तर के निर्देश पर बीस हज़ार रुपए की मदद मिली।

प्रधानमंत्री की मदद से डीएवी में पढ़ेगा बच्चा
मुजफ्फरपुर बिहार जिले के प्रखंड मुरौल के शांभा के छात्र दिव्यांशु ने रेडियो पर प्रधानमंत्री के मन की बात सुनी। उसके बाद उसने अपने मन की बात कहने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। उसने लिखा कि उसका सपना डॉक्टर बनने का है। पापा जैसे-तैसे घर संभालते हैं। दादा जी के इलाज में बहुत सारे पैसे खत्म हो जाते हैं। इतने पैसे नहीं कि अच्छे स्कूल में पढ़ाई कर सके। उसने लिखा कि वह डॉक्टर बनकर जरूरतमंदों का इलाज करना चाहता है।

ठगी के शिकार रामशंकर की मदद की
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में रहने वाले बिहार के रामशंकर यादव को भी पीएमओ से मदद मिली है। रामशंकर यादव को दिल्ली से बिहार के मधुबनी जाना था। रेल टिकट के लिए गुरुग्राम से दिल्ली जाते वक्त मेट्रो रेल में रामशंकर ठगी के शिकार बन गए। दिल्ली मेट्रो में बातचीत के दौरान तीन लोगों ने कंफर्म रेल टिकट दिलाने के नाम पर उससे 2,200 रुपए छीन लिए गए और डेबिट कार्ड से 6,000 रुपए निकाल लिए। इसके साथ ही रामशंकर से बैग भी छीन लिया गया जिसमें उसके ओरिजनल सर्टिफिकेट थे। 21 साल के रामशंकर यादव धोखाधड़ी के इस मामले में केस दर्ज करना चाहते थे। गुरुग्राम के एक और दिल्ली के तीन पुलिस स्टेशन से उसे लौटा दिया गया। थक हारकर उसने पीएमओ को पत्र लिखा। जिसके बाद गुरुग्राम मेट्रो पुलिस स्टेशन से रामशंकर के पास फोन आया कि आप आकर शिकायत दर्ज करा दीजिए। पीएमओ के दखल के बाद गुरुग्राम मेट्रो पुलिस स्टेशन ने धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय (एमएचआरडी) ने उसके नामांकन की सिफारिश सीबीएसई बोर्ड से की। फिर, बच्चे की इच्छानुसार सीबीएसई ने मुजफ्फरपुर के डीएवी पब्लिक स्कूल (मालीघाट) में उसके नामांकन के लिए स्कूल के प्राचार्य को पत्र लिखा। उसके बाद छात्र का सपना पूरा हो गया।

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