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प्रख्यात लेखक रस्किन बॉन्ड ने की मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान की तारीफ, कहा पहले से साफ-सुथरा हुआ देश

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जाने-माने लेखक रस्किन बांड ने स्वच्छ भारत मिशन के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान की वजह से देश के कई शहर आज साफ-सुथरे दिखाई दे रहे हैं। ‘टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट’ के लिए रांची पहुंचे रस्किन बॉन्ड ने कहा कि उन्होंने कई वर्षों के बाद पिछले शुक्रवार को जमशेदपुर का दौरा किया था और उन्हें स्टील सिटी के नाम से विख्यात यह शहर पहले की तुलना में बेहद साफ और सुंदर दिखाई दिया। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि रांची भी अब बदला-बदला सा नजर आ रहा है। पद्मविभूषण रस्किन बॉन्ड ने कहा कि मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान की वजह से देशवासियों में जागरूकता आई है और स्वच्छता की अहमियत को लेकर अब लोग फिक्रमंद हो गए हैं।

यह कोई पहली बार नहीं है, प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का हर कोई कायल। देश-विदेश में कई जाने-माने लोगों और संस्थाओं ने मोदी सरकार के इस अभियान की तारीफ की है। डालते हैं एक नजर-

‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए बिल गेट्स ने की प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ
स्वच्छ भारत अभियान के शुरू हुए चार साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान भारत में सेनिटेशन कवरेज 39 से बढ़कर 95 प्रतिशत हो चुका है। जाहिर है इसकी सफलता को देखते हुए देश विदेश में इस अभियान की जमकर तारीफ हो रही है। अब इस कड़ी में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का नाम भी जुड़ गया है जो प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर शुरू किए गए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के मुरीद हो गए हैं। दरअसल बिल गेट्स ने स्वच्छ भारत के एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ”नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और भारत सरकार ने स्वच्छता में सुधार की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। अब समय है कि स्वच्छ भारत को सफल बनाएं।”

गौरतलब है कि  पिछले दिनों बिल गेट्स ने न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख किया था। जिस रिपोर्ट को स्वच्छ भारत की तरफ से ट्वीट किया गया था। बिल एवं मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के उपाध्यक्ष ने अपने भाषण में कहा था, ”स्वच्छता की तरफ ध्यान दिलाने के लिए भारत सरकार को बधाई दी जानी चाहिए क्योंकि भारत में कुपोषण का दर अपेक्षा से कहीं अधिक है। इसका मतलब है कि कई बच्चों की मानसिक और शारीरिक क्षमता का विकास नहीं हो रहा है।”

डब्ल्यूएचओ ने की स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ की है। ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ के स्वास्थ्य लाभों पर अपने अध्ययन में डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि इस कार्यक्रम से तीन लाख से अधिक लोगों की जिंदगियां बच सकती हैं। डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ रिचर्ड जॉनस्टन ने कहा कि अनुमान है कि ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ से 2014 और अक्तूबर, 2019 के बीच तीन लाख से अधिक लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचा लिया जाएगा। रिचर्ड ने कहा कि 2014 में स्वच्छ भारत मिशन शुरू होने से पहले स्वच्छता नहीं होने से हर साल डायरिया के 19.9 करोड़ मामले सामने आते थे। ये धीरे-धीरे घट रहे हैं और अक्तूबर, 2019 तक सुरक्षित स्वच्छता सुविधाओं का यूनिवर्सल इस्तेमाल पूरा हो जाने से इसका पूरी तरह सफाया हो जाएगा। अध्ययन में पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता सेवाओं, व्यक्तिगत स्वच्छता में सुधार का सबूत मिला जिसका सकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव रहा।

यूनिसेफ ने की प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ
यूनिसेफ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ की है। मोदी सरकार की स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता से जुड़ी योजनाओं की तारीफ करते हुए यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फोर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्‍वच्‍छ भारत अभियान महात्‍मा गांधी को समर्पित किया, देशवासियों का समर्पित किया और उन्‍हें इसमें गर्व महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि लोगों को जब यह लगने लगता है कि उनका समुदाय बेहतर कर रहा है तो वह उन दूसरी चीजों पर ध्यान देने लगते हैं जिनमें सुधार की जरूरत है। फोर ने कहा कि अगर आप स्वच्छता उपायों में एक डॉलर का निवेश करते हैं तो स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च के लिहाज से चार डॉलर की बचत होगी। आपका डॉक्टर के पास जाना कम हो जाएगा और दवाओं पर खर्च बचेगा।

मोदी राज में जन आंदोलन बना स्वच्छ भारत अभियान, शौचालय इस्तेमाल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान शुरू करते हुए खुद हाथों में झाड़ू थामी थी तो पूरे देश ने हाथ में झाड़ू थाम लिया था। आज यह अभियान एक जन आंदोलन बन चुका है। अब 2 अक्टूबर, 2019 तक देश को खुले में शौच से मुक्त करने का सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। देश में शौचालय का इस्तेमाल न करने वाले लोगों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है। शहरों में अब मात्र चार प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। नेशनल सेंपल सर्वे के मुताबिक मई-जून 2015 में देश के गांवों में 52 प्रतिशत लोग ऐसे थे जो शौचालय का इस्तेमाल नहीं करते थे, जुलाई-दिसंबर 2017 में इनका अनुपात घटकर मात्र 33 प्रतिशत रह गया है। साथ ही शहरों में शौचालय इस्तेमाल न करने वाले लोगों का अनुपात भी इस अवधि में 8 प्रतिशत से घटकर मात्र चार प्रतिशत रह गया है। एनएसएसओ के अनुसार मई-जून 2015 से जुलाई-दिसंबर 2017 के बीच लगभग दो साल की अवधि में शौचालय वाले परिवारों का प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में 45 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया है जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 89 प्रतिशत से बढ़कर 94 प्रतिशत हो गया है। 

95 प्रतिशत भारतीयों के घरों में शौचालय
प्रधानमंत्री मोदी ने जब स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया था, तब देश का एक भी राज्य खुले में शौच की समस्या से मुक्त नहीं था। अब 95 प्रतिशत भारतीयों के घरों में शौचालय की सुविधा है। एनडीए सरकार ने 2014 से देश को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए 9.24 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया है। आज 95 प्रतिशत भारतीयों के पास शौचालय की सुविधा है, जोकि 2014 से पहले केवल 40 प्रतिशत थी। लगभग 5.13 लाख गांवों, 530 जिलों, 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया है।

पीएम मोदी ने रखी शौचालय की नींव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने उस समय मिसाल पेश की, जब उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के शहंशाहपुर गांव में अपने हाथों से पहली बार शौचालय की नींव रखी। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि मैं जिस गांव में गया, वहां शौचालय में लिखा हुआ था- इज्जत घर। ये हमारी महिलाओं की इज्जत के लिए ही है। जो महिलाओं की इज्जत चाहेगा, वो शौचालय जरूर बनाएगा।

जब पीएम मोदी ने स्वयं उठाया झाड़ू
महात्मा गांधी के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर, 2014 को दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के पास स्वयं झाड़ू उठाकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। फिर वो वाल्मिकी बस्ती पहुंचे और वहां भी साफ-सफाई की और कूड़ा उठाया। उन्होंने इस अभियान को जन आंदोलन बनाते हुए देश के लोगों को मंत्र दिया था, ‘ना गंदगी करेंगे, ना करने देंगे’।

पीएम ने स्वयं कुदाल उठाकर की सफाई
प्रधानमंत्री इस कार्य को और आगे बढ़ाते रहे, वो अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पहुंचे और वहां भी खुद आगे बढ़कर सफाई अभियान को गति देने का काम किया। पीएम मोदी ने काशी के अस्सी घाट पर गंगा के किनारे कुदाल से साफ-सफाई की। इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने स्वच्छ भारत अभियान में उनका साथ दिया।

हर वर्ग का मिल रहा है साथ
देश में एक से बढ़कर एक लोग इस अभियान से जुड़ते चले गए और स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय आंदोलन बनता चला गया। सरकारी अधिकारियों से लेकर, सीमा की रक्षा में जुटे वीर जवानों तक, बॉलीवुड कलाकारों से लेकर नामचीन खिलाड़ियों तक, बड़े-बड़े उद्योगपतियों से लेकर आध्यात्मिक गुरुओं तक, सभी इस पवित्र कार्य से जुड़ते चले गए। इसमें अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर, सानिया मिर्जा, साइना नेहवाल और मैरी कॉम जैसी हस्तियों के योगदान बेहद सराहनीय हैं।
‘मन की बात’ में सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ में लगातार देश के विभिन्न व्यक्तियों और संगठनों के उन प्रयासों की सराहना की है, जिसने स्वच्छ भारत अभियान को व्यापक रूप से सफल बनाने में मदद की है।

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