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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में हर प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन हो जाता है विशेष

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में हर वर्ष 9 जनवरी का प्रवासी भारतीय दिवस खास हो जाता है। वर्ष 2018 के प्रवासी दिवस के मौके पर पहली बार प्रवासी सांसदों का एक सम्मेलन हुआ। इस सम्मेलन में दुनिया भर से आए भारतीय मूल के प्रवासी सांसद और प्रवासी मेयर शामिल हुए। भारतीय मूल के सांसद और मेयर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत का स्थायी राजदूत बताया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “विश्व के साथ भारत के संबंधों के लिए यदि सही मायने में कोई परमानेंट एंबेसडर है तो वो भारतीय मूल के लोग हैं।“ उन्होंने कहा कि भारतीय मूल का एक मिनी वर्ल्ड पार्लियामेंट आज मेरे सामने है।

ऐसा कोई पहली बार नहीं है कि प्रवासी दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय मूल के प्रवासी नागरिकों से बात की। प्रधानमंत्री मोदी को जब मौका मिलता है, वो प्रवासी भारतीयों से संवाद कायम करना नहीं चूकते।

गांधी के स्वदेश वापसी का शताब्दी वर्ष में 13वां प्रवासी सम्मेलन, गांधीनगर, गुजरात
वर्ष 2015 महात्मा गांधी के स्वदेश वापसी के सौ साल पूरे हुए। इसे शताब्दी वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय हुआ और महात्मा गांधी के गृह राज्य गुजरात की राजधानी गांधी नगर में 13वां प्रवासी भारतीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मौके पर एक डाक टिकट भी जारी हुआ। प्रवासी दिवस के मौके पर आज तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम 2015 में आयोजित हुआ था।

वर्ष 2016 में मिशन और दूतावासों ने अपने-अपने देशों में मनाया प्रवासी भारतीय दिवस
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में प्रवासी दिवस को लेकर एक नई पहल की गई। पहली बार भारत के मिशन और वाणिज्यिक दूतावासों ने अपने-अपने देशों में भी प्रवासी दिवस का आयोजन किया। विदेश मंत्रालय ने फरवरी से लेकर नवंबर 2016 तक प्रवासी भारतीय समुदाय के सरोकारों को लेकर 10 प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन किया। इसी साल प्रवासी भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों हुआ।

वर्ष 2017, बंगलौर में 14वां भारतीय प्रवासी दिवस सम्मेलन
इससे पहले बंगलुरू में प्रवासी दिवस के मौके पर विश्वभर के उन सीईओ से मिले, जो भारतीय मूल के प्रवासी हैं। इस सम्मेलन में 30 देशों के 8000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें पहली बार युवा प्रवासी दिवस मनाया गया और ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रवासी भारतीयों को समर्पित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रवासी भारतीय कौशल विकास योजना को लांच किया। इस मौके पर एक प्रदर्शनी का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 30 प्रवासी भारतीयों को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया।

महात्मा गांधी की याद में प्रवासी दिवस मनाने की परंपरा की शुरुआत
प्रधानमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी चौथी बार प्रवासी दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रवासी दिवस मनाने की परंपरा अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने वर्ष 2003 में की थी। वाजपेयी सरकार ने 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। तब से प्रति वर्ष प्रवासी सम्मेलन होता आ रहा है। 9 जनवरी को ही प्रवासी दिवस मनाने की शुरुआत इसलिए हुई क्योंकि इसी दिन वर्ष 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे और अंग्रेजों से भारत को मुक्त कराने के लिए काम करना शुरू किया था।

अब दो वर्षों में होता है बड़ा सम्मेलन
वर्ष 2015 के कार्यक्रम के बाद नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में सरकार ने प्रवासी दिवस के मौके पर प्रत्येक वर्ष सम्मेलन कराने के बजाए प्रत्येक दो वर्ष में कराने की योजना बनाई। उसके बाद से एक साल सम्मेलनों में रजिस्ट्रेशन के आधार पर लोग आते हैं। जबकि दूसरे वर्ष प्रवासी दिवस के मौके पर सरकार द्वारा आमंत्रित सम्मानित सदस्यों का सम्मेलन होता है। 

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