Home विशेष फिलीस्तीनियों को प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक रामल्ला दौरे का बेसब्री से इंतजार

फिलीस्तीनियों को प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक रामल्ला दौरे का बेसब्री से इंतजार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे जो 10 फरवरी को फिलीस्तीन का दौरा करेंगे। 1988 में फिलीस्तीन को मान्यता देने वाले देशों में अग्रणी रहने वाले भारत के किसी भी प्रधानमंत्री ने अब तक इस देश की यात्रा नहीं की है। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का ऐतिहासिक महत्त्व इसलिए और भी अधिक बढ़ जाता है कि जुलाई 2017 में तीन दिनो की अपनी पहली इजरायल यात्रा के साल भर के अंदर ही फिलीस्तीन की यात्रा कर रहे हैं।
पीएम मोदी की उच्च वैश्विक कूटनीतिक क्षमता -एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी उच्च कूटनीतिक क्षमता का परिचय देते हुए इजरायल से भारत के संबंधो को सामारिक और आर्थिक क्षेत्रों में गहरा किया है, वहीं फिलीस्तीन से भी संबंधों को मजबूत किया है। इन दोनों देशों से संबंध स्थापित करने में, प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल-फिलीस्तीन के बीच मौजूद मतभेदों का प्रभाव भारत के रिश्ते पर नहीं पड़े, इसमें पूरी कामयाबी पायी है। यह प्रधानमंत्री मोदी की बिना किसी अन्य देश से प्रभावित हुए वैश्विक कूटनीति को क्रियान्वित करने का सूचक है।पीएम मोदी ने इजरायल-फिलीस्तीन के युग्म को तोड़ा– आजादी के बाद से भारत की विदेशनीति पर प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु की सोच हावी रही, जिसमें गुटनिरपेक्षता का अधिक महत्त्व रहा। इसका परिणाम यह हुआ कि भारत की विदेश नीति इजरायल और फिलीस्तीन को एक युग्म के रुप देखती रही और हमेशा इस बात को महत्व देती रही कि इजरायल के संबंधों का असर फिलीस्तीन के संबंधों पर न पड़े। भारत की पारंपरिक विदेश नीति में फिलीस्तीन को इजरायल से अधिक महत्त्व दिया गया।
सन 1948 में इजरायल की स्थापना के समय तथा 1950 में संयुक्त राष्ट्र में उसकी सदस्यता के समय भी तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसका विरोध किया। 80 और 90 के दशक में श्वेत श्याम टी.वी. पर यह दृश्य बहुत आम था जब फौजी वर्दी में यासर अराफात को एक राष्ट्राध्यक्ष जैसा सम्मान भारत में प्राप्त होता था। पी.वी. नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री बनने पर आर.एस.एस. के वरिष्ठ नेता भाऊराव देवरस तथा भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष एल.के. अडवानी के प्रयासों से इजरायल-भारत संबंधों की समीक्षा हेतु एक मंत्री समूह बना, जिसके फलस्वरूप 1992 में इजरायल से भारत के पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित हुए। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 6 वर्षों तक चली एन.डी.ए. की सरकार के समय पहली बार 2003 में इजरायल के प्रधानमंत्री शिमोन पैरेज ने भारत की यात्रा की थी। इसके बाद जुलाई 2017 में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इजरायल की यात्रा की। इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी का 10 फरवरी को होने वाली फिलीस्तीन की य़ात्रा भारतीय विदेश नीति के लिए एक मील का पत्थर है।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से फिलस्तीन की आशाएं बढ़ीं– प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक यात्रा से फिलस्तीन की आशाएं बढ़ गयी हैं। फिलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के कूटनीतिक सलाहकार डा. मजीद खलीदी ने प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि भारत एक उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति है और भारत के साथ फिलीस्तीन के बेहतर संबंध फिलीस्तीन के आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक कूटनीतिक यात्राएं- प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशों की ऐसी ऐतिहासिक यात्राऐं की हैं, जिसने भारत की विदेश नीति को नई रणनीति दी है। इस कूटनीतिक रणनीति में ऐसे देशों की य़ात्राएं हैं जहां आजादी के बाद से कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री नहीं गया था। प्रधानमंत्री मोदी की इन ऐतिहासिक यात्राओं पर नजर डालें तो अंदाजा लग जाता है कि भारत की वर्तमान में वैश्विक कूटनीति क्या है-
21 साल बाद दावोस की यात्रा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व आर्थिक मंच की बैठक में शामिल होने के लिए 23से 24 जनवरी तक दावोस गये। पीएम मोदी करीब 21 साल बाद दावोस जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। उनसे पहले 1997 में एचडी देवेगौड़ा दावोस गए थे। मुख्य अतिथि के रूप में वहां पहुंचने वाले मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। क्योंकि आजादी के बाद से अबतक किसी भारतीय प्रधानमंत्री को यह अवसर नहीं मिला।
17 वर्ष बाद नेपाल की यात्रा -3 अगस्त से 5 अगस्त 2014 के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल की यात्रा की। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पिछले 17 साल में नेपाल की पहली यात्रा थी। नेपाल जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसी देश की यात्रा करने में 17 साल का अंतराल होना, एक आश्चर्य की बात है।
28 वर्ष बाद ऑस्ट्रेलिया की यात्रा- 28 सालों के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 16 से 18 नवम्‍बर 2014 तक ऑस्‍ट्रेलिया का आधिकारिक दौरा किया। ऑस्ट्रेलिया जैसे अहम देश का दौरा करने के लिए 28 वर्षों का इंतजार, रणनीतिक रुप से एक बड़ी चूक प्रतीत होती है।
31 वर्ष बाद फिजी की यात्रा-प्रधानमंत्री मोदी एक दिन के दौरे पर 20 नवंबर, 2014 को फिजी के दौरे पर गये। पिछले 31 साल में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली फिजी यात्रा थी।
34 वर्षों के बाद सेशल्स की यात्रा– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 से 11 मार्च, 2015 तक सेशेल्स की यात्रा की। यह एक ऐतिहासिक यात्रा थी, क्योंकि 33 साल के लंबे अंतराल के बाद नरेन्द्र मोदी, सेशल्स का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे।
42 वर्षों के बाद कनाडा की यात्रा– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों-फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में तीन दिवसीय दौरे पर 15 अप्रैल, 2015 को कनाडा की राजधानी ओटावा पहुंचे। करीब 42 साल ऐसा बाद हुआ था कि कोई भारतीय प्रधानमंत्री कनाडा का दौरा कर रहा था। कनाडा एक ऐसा देश है, जहां भारतीय मूल के लोगों की संख्या बहुत अधिक है।
भारतीय प्रधानमंत्री की मंगोलिया की पहली यात्रा-17 मई, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगोलिया का दौरा किया। यह उनके तीन देशों के दौरे का दूसरा चरण था। मंगोलिया यात्रा एक ऐतिहासिक यात्रा थी, क्योंकि यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की मंगोलिया की पहली यात्रा थी।
20 वर्षों बाद किर्गिस्‍तान का दौरा- पिछले 20 वर्षों में प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा था। प्रधानमंत्री मोदी 12 जुलाई ,2015 को किर्गिस्‍तान के दौरे पर गये।
12 वर्षों बाद ताजिकिस्‍तान की यात्रा– प्रधानमंत्री मोदी ने 12 और 13 जुलाई, 2015 को ताजिकिस्‍तान का दौरा किया। नवम्‍बर, 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी के द्वारा प्रधानमंत्री के तौर पर ताजिकिस्‍तान की यात्रा की गई थी, उसके बाद किसी प्रधानमंत्री ने दौरा नहीं किया।
34 साल बाद यूएई की यात्रा– यूएई जैसे महत्वपूर्ण देश की यात्रा करने में भारत के प्रधानमंत्री को 34 साल लग गए। प्रधानमंत्री मोदी ने 16 और 17 अगस्त, 2015 को यूएई का दो दिन का दौरा किया। इससे पहले 1981 में इंदिरा गांधी ने यहां का दौरा किया था। यूएई एक ऐसा देश है जहां सबसे अधिक भारतीय काम करते हैं, और देश की विदेशी मुद्रा भंडार में उनका बड़ा योगदान है।
60 वर्षों बाद आयरलैंड का दौरा– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर, 2015 को आयरलैंड का दौरा किया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का 60 साल में पहला आयरलैंड का दौरा था। इससे पहले 1956 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने आयरलैंड का दौरा किया था।
13 वर्षों बाद तुर्की का दौरा- 13 सालों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने पहली बार तुर्की की यात्रा की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए 15 नवंबर 2015 को तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंचे और द्विपक्षीय वार्ता की।
15 वर्षों बाद ईरान की यात्रा– 15 सालों बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ईरान यात्रा थी। प्रधानमंत्री मोदी दो दिनों की यात्रा पर 22 मई को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे थे। इस दौरे पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार पोर्ट के विकास के लिए समझौता किया गया।
30 वर्षों बाद मेक्सिको की यात्रा- 30 साल बाद भारत का कोई प्रधानमंत्री मेक्सिको के दौरे पर गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेक्सिको का 9 जून 2016 को एक दिन का दौरा किया। इस दौरान राष्ट्रपति एनरिक पेना निएतो के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मेक्सिको की यात्रा की थी।
34 वर्षों बाद मोजाम्बिक का दौरा– 4 अफ्रीकी देशों की अपनी यात्रा की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2016 को मोजाम्बिक का दौरा किया। 34 साल बाद मोजाम्बिक का दौरा करने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे।
15 वर्षों बाद वियतनाम का दौरा– पिछले 15 सालों में इस कम्युनिस्ट देश की यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री थे। प्रधानमंत्री मोदी ने 3 सितंबर, 2016 को वियतनाम का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत वियतनाम के राष्ट्रपति त्रान दाई क्वांत ने जोर-शोर से किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मामलों में सहयोग के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
29 वर्षों बाद स्पेन का दौरा- 1988 के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का स्पेन का पहला दौरा था। प्रधानमंत्री मोदी ने 30-31 मई, 2017 को स्पेन का दौरा किया।
70 वर्षों में पहली बार पुर्तगाल का दौरा– 70 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री पुर्तगाल में द्विपक्षीय वार्ता के लिए दौरे पर गया। 25-26 जून, 2017 को प्रधानमंत्री मोदी पुर्तगाल के दौरे पर गए। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गए थे, लेकिन वह यूरोपीय यूनियन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए गए थे।
70 वर्षों में पहली बार इजरायल का दौरा– आजादी के बाद 70 सालों में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इजरायल का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 4-6 जुलाई 2017 को इजरायल का ऐतिहासिक दौरा किया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सामारिक, आर्थिक और सुरक्षा समझौते हुए।
36 वर्षों में पहली बार फिलीपींस की यात्रा– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15वें आसियान शिखर सम्मेलन और 12वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 12-14 नवंबर, 2017 को फिलीपींस पहुंचे। बीते 36 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली फिलीपींस की यात्रा थी। इससे पहले 1981 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आसियान शिखर सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने फिलीपींस गई थीं।

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