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आवास योजना के 1.5 करोड़ लाभार्थियों के दिल से निकली दुआएं, अगली बार फिर प्रधानमंत्री बनें नरेन्द्र मोदी

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“हम पहले गरीब थे, छप्पर में रहते थे, बारिश के दिनों में भीग जाते थे, कीड़े-मकौड़े आ जाते थे, बहुत परेशानी होती थी। पहले की सरकारें वादे करती थीं, लेकिन कुछ करती नहीं थीं। प्रधानमंत्री आवास योजना से हमें 5 महीने पहले मकान मिला है। बहुत अच्छा लग रहा है, हमने कभी सपने में सोचा नहीं था कि मकान मिलेगा, अब जिंदगी बदल गई है। आप ही गरीबी दूर कर सकते हैं, आपकी ही सरकार बनी रहे, और आप ही फिर से प्रधानमंत्री बनें। हम अगली बार आप को ही वोट देंगे।“ – श्रीमती रंजना, प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी, लखनऊ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को जब एप के माध्यम से देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से बात कर रहे थे, तो लखनऊ की श्रीमती रंजना ने पक्का मकान मिलने पर श्री मोदी से यह बात कही। लखनऊ की रंजना ही नहीं, छत्तीसगढ़ के बस्तर की फूलमती, तमिलनाडु के वेल्लोर की बेगमा बी, मध्य प्रदेश के जबलपुर की ऊषा बाई, असम के शिवसागर की अरुनमनि गोवाला, झारखंड के खूंटी की अंजली देवी और गायत्री कुमारी, छिंदववाड़ा की रेखा माल्वी सभी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मिलने के लिए श्री मोदी का धन्यवाद किया और गरीबी को मिटाने को उनके संकल्प की तारीफ करते हुए अगली बार फिर उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की बात कही।

मोदी सरकार ने ‘सबको घर’ के लिए बनाई ठोस कार्ययोजना
सिर्फ ये महिलाएं ही नहीं देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रमीण और शहरी के करीब डेढ़ करोड़ लाभार्थियों के दिल से प्रधानमंत्री मोदी के लिए इसी तरह की दुआएं निकल रही हैं। ऐसा हो भी क्यों नहीं, आखिर आजादी के इतने वर्षों बाद एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने गरीबों और वंचितों की परेशानियों और जरूरतों को न सिर्फ समझा है, बल्कि उसके लिए ठोस कदम भी उठाए हैं। आजादी के बाद से देश में पहले भी कई सरकारें आईं, गरीबों का जीवनस्तर सुधारने के वादे किए, लेकिन धरातल पर किया कुछ भी नहीं। मोदी सरकार ने इंसान की सबसे बड़ी जरूरत, जिंदगी के सबसे बड़े सपने यानि अपना घर, को पूरा करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई है और उस पर शिद्दत के साथ अमल भी किया जा रहा है। आज देशभर में डेढ़ करोड़ से अधिक लाभार्थियों के चेहरों पर जो उमंग, उत्साह, खुशी नजर आ रही है, वह मोदी सरकार के इन्हीं प्रयासों का नतीजा है।

2022 तक 4 करोड़ मकान बनाने का संकल्प
आवास योजना के लाभार्थियों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति के मन में इच्छ होती है कि उसका खुद का मकान हो। इसलिए सरकार ने संकल्प लिया है कि जब 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होंगे तब हिंदुस्तान के हर गरीब के पास अपना पक्का घर होगा। सिर्फ घर ही नहीं उसमें बिजली, नल, जल, गैस का चूल्हा और शौचालय भी हो। श्री मोदी ने कहा कि चुनौती बहुत बढ़ी है, इसलिए सरकार ने टुकड़ों में सोचने के बजाए मिशन मोड में काम करने का संकल्प लिया है। सरकार ने 2022 तक ग्रामीण क्षेत्र में 3 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 1 करोड़ घर बनाने का संकल्प लिया है।

पीएम मोदी ने कहा, भारत के सपने और आकांक्षाएं इतने भर से ही पूरे नहीं होते हैं, हमने एक मजबूत जमीन तैयार की है और हमारे सामने एक असीम आसमान है। सबके लिए घर, सबके लिए बिजली, सबके लिए बैंक, सबके लिए बीमा, सबके लिए गैस कनेक्शन, ये न्यू इंडिया की संपूर्णता की तस्वीर होगी। आधुनिक सुविधाओं से जुड़े गांव और स्मार्ट सिटीज की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि अपना घर होने से समृद्धि और सुरक्षा बढ़ती है। पहले कहावत थी, “एक जिंदगी बीत जाती है अपना घर बनाने में “,पर हमारी सरकार इस कहावत को भी बदल रही है। अब कहा जाने लगा है, “अब जिंदगी बीतती है अपने ही आशियाने में।”

पिछली सरकार की तुलना में 4 गुना मकानों को मंजूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछली सरकार ने गरीबों को घर दिलाने की दिशा में गंभीरता से काम नहीं किया। यूपीए सरकार के 10 वर्षों में जितने मकानों के निर्माण को मंजूरी मिली थी, पिछले 4 वर्षों में केंद्र सरकार ने उससे चार गुना मकानों के निर्माण की मंजूरी दी है। यूपीए सरकार ने 10 वर्षों में शहरों में 13.5 लाख आवास मंजूर किए थे, वहीं एनडीए सरकार ने 4 वर्षों में 47 लाख से अधिक घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। इनमें से 7 लाख घर नई तकनीकि से बनाए जा रहे हैं।

कम समय में बड़ा घर बनाकर दे रही है सरकार
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यूपीए सरकार ने अपने अंतिम चार वर्षों में 25.5 लाख ग्रामीण आवास बनाए थे, जबकि एनडीए सरकार ने चार वर्षों में 1 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया, यानि 325 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि दर्ज की है। पहले मकान बनाने के लिए 18 महीने का वक्त तया था, जिसे घटा कर 12 महीने कर दिया गया है। पहले गांवों में 20 वर्ग मीटर में घर बनाया जाता था, जिसे एनडीए सरकार ने बढ़ाकर 25 वर्ग मीटर कर दिया है। अब घरों में रसोईघर अलग से बनाया जाता है। पहले आवास बनाने के लिए 70-75 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दिया गया है। इतना ही नहीं शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं।

केंद्र सरकार ने आवास योजना के बिचौलियों को दूर किया है और डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्तियों के खातों में ट्रांसफर की जाती है। घरों के निर्माण की निगगरानी के लिए जियो टैगिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

आवास योजना में महिलाओं और कमजोर वर्गों पर फोकस
श्री मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का फोकस विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों और महिलाओं पर केंद्रित किया गया है। यह योजना महिला सशक्तिकरण का माध्यम भी नहीं है, शहरों में 70 प्रतिशत से अधिक मकान महिलाओं के नाम पर हैं। आवास योजना के सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया है, जैसे निर्माण के लिए मनरेगा, शौचालय के लिए स्वच्छ भारत मिशन, बिजली की सुविधा के लिए दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और सौभाग्य योजना, एलपीजी के लिए उज्ज्वला योजना से जोड़ा गया है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को ब्याज पर भी 3 से 6 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि अगर कोई इस योजना के तहत घर बनाने के लिए पैसे की मांग करे, तो बेहिचक इसकी शिकायत कलेक्टर या म्युनिस्पिल कमिश्नर से करें।

 

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