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PICS: सूरत में प्रधानमंत्री के भाषण की दस बातें जो आपके लिए जानना है जरूरी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमवार को सूरत में किरण मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया। आइए आपको बताते हैं वो दस बातें जो आपके लिए जानना जरूरी है।

1. किरण अस्पताल में संबोधन के वक्त प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की आंखे भर आईं। उन्होंने कहा कि गुजरात को लोगों को आज भी पता है कि मुझे खाने में क्या पसंद है और क्या नहीं? प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मैं गेस्ट हाऊस में ठहरा हुआ था तो कई लोग मेरा मनपसंद खाना लेकर आ गए।

2. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें सूरत में कभी नहीं लगता कि वो यहां बतौर प्रधानमंत्री आए हैं। जो प्यार और भावना लोगों की उनके साथ जुड़ी हुई है वो उन्हें हमेशा परिवार का एहसास कराती है।

3. किरण मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं हर दिन ऐसा काम करता हूं कि कोई न कोई नाराज हो ही जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को सस्ती दवाएं मिले इसके लिए उनकी सरकार काम कर रही है। हमने 700 दवाओं को सस्ता किया है। हम इस पर भी काम कर रहे है कि डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखें। अब सोचिए दवाई बनाने वाले मुझसे कितने नाराज होंगे।

4. प्रधानमंत्री ने स्टेंट की कीमतों पर कहा कि दो महीने पहले हमने फैसला किया कि 40 हजार में जो स्टेंट बिकते थे वे 6 हजार में बिके। डेढ़ लाख के स्टेंट 20-22 हजार में बिके। इसका लाभ लाखों गरीब मरीजों को मिलेगा।

5. प्रधानमंत्री ने इंद्रधनुष टीकाकरण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत जिन महिलाओं का टीकाकरण नहीं हुआ उनका टीकाकरण किया जा रहा है। करीब 2 करोड़ ऐसी महिलाओं का टीकाकरण इस योजना के तहत हुआ है।

6. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर वह किसी प्रतिष्ठान का उद्घाटन करते तो यही दुआ देते कि प्रतिष्ठान खूब फूले-फले। लेकिन मैं अस्पताल वालों को श्राप देता हूं कि इस अस्पताल में किसी को आने की जरूरत न पड़े और अगर कोई एक बार आए भी तो इतना मजबूत होकर जाए कि दोबारा न आना पड़े।

7. प्रधानमंत्री ने कहा कि सूरत ने स्वच्छता के मामले में एक मिसाल कायम की है। लोग रविवार को रोड शो नहीं सूरत की सफाई देख रहे थे। उन्होंने कहा कि सूरत का स्वभाव है स्वच्छता। स्वच्छता अगर देश का स्वभाव बने तो हमारे अरबों-खरबों रुपए बीमारी के नाम पर खर्च नहीं होंगे।

8. श्री मोदी ने कहा कि मै दुविधा में था कि हिंदी में बोलूं या गुजराती में लेकिन मुझे लगा कि आपके काम का देश को पता चलना चाहिए, इसलिए हिंदी में बोल रहा हूं।

9. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं जब यहां था तो कहता था कि जिसका शिलान्यास मैं करूंगा, उसका उद्घाटन भी मैं करूंगा। तब लोगों को लगा कि मेरा अहंकार बोल रहा है लेकिन मेरा विश्वास था। मेरा मानना है कि अगर आप कोई काम शुरू कर रहे हैं तो उसे पूरा करें नहीं तो उस काम को शुरू ही नहीं करें।

10. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारा देश नेता से नहीं बल्कि जनशक्ति से बनता है। धर्मशालाओं, गौशालाओं, पीने के पानी के स्रोतों जैसी चीजों का हवाला देकर उन्होंने कहा कि ये चीजें सरकार ने नहीं बनाई बल्कि लोगों ने खुद सामूहिक रूप से किया। उन्होंने कहा कि सूरत के लोगों में सामूहिकता की भावना है और आने वाली पीढ़ियों में भी यह भावना आनी चाहिए।

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