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राजशेखरन परिवार को मिला सरप्राइज, प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र लिखकर दी बधाई

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूं ही नहीं देश के सवा सौ करोड़ लोगों के दिल पर राज करते हैं। तमिलनाडु में वेल्लोर के राजशेखरन परिवार की खुशी का उस वक्त ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की ओर से बधाई संदेश मिला। राजशेखरन परिवार बधाई संदेश को पाकर काफी खुश है।

प्रधानमंत्री की ओर से भेजा गया यह बधाई संदेश किसी तोहफे से कम नहीं है। आजतक की खबर के अनुसार टीएस राजशेखरन ने 11 सितंबर को होने वाली अपनी बेटी की शादी में आने के लिए प्रधानमंत्री को न्योता दिया था। पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने शादी में आने का न्योता देने के लिए राजशेखरन परिवार को धन्यवाद दिया है। श्री मोदी ने राजशेखरन की बेटी राजश्री और उनके होने वाले दामाद सुदर्शन को शादी की बधाई देते हुए लिखा है कि वर-वधू को अग्रिम भविष्य की शुभकामनाएं और आपका जीवन हमेशा खुशहाल रहे।

फोटो आजतक

इससे पहले भी पीएम मोदी कई लोगों के पत्र का जवाब दे चुके हैं। डालते हैं एक नजर-

पिछले साल पंचायती राज दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सोने के रंग वाली एक माला पहनाई गई। ये माला आईआईटी-आईएसएम धनबाद के छात्र राबेश कुमार सिंह को इतनी पसंद आ गई कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी मांग कर दी। राबेश ने ट्विटर पर लिखा कि, ‘प्रधानमंत्री जी नमस्ते आप को पंचायती राज दिवस पर सुन रहा था, बहुत ही सुन्दर उद्बोधन। आप के गले में सोने के रंग जैसा माला देखा बहुत ही अच्छा लगा, क्या ये माला मुझे मिल सकता है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस इंजीनियर प्रशंसक के मन की मुराद पूरी कर अपनी माला तोहफे में दे दी। प्रधानमंत्री ने माला उपहार में देते हुए राबेश को एक पत्र भी लिखा। पीएम मोदी ने इस पत्र में लिखा है कि, ‘श्री राबेश कुमार सिंह जी ट्विटर पर आपका संदेश पढ़ा। आपने लिखा है कि मंडला में पंचायती राज दिवस कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम के दौरान जो माला मुझे पहनाई गई थी वह आपको पसंद आई। पत्र के साथ उपहार स्वरूप यह माला भेज रहा हूं।’ पत्र में उन्होंने राबेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की है।

माला मिलने के बाद राबेश की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इंजीनियर राबेश ने उस माला को पहनकर फोटो खिंचवाई और प्रधानमंत्री मोदी के लिखे खत के साथ उसे ट्विटर पर अपलोड किया। राबेश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि, ‘आपका पत्र और माला पाकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूीं। इस खूबसूरत उपहार और शुभकामना संदेश के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।’

इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लड़की के मांगने पर अपना स्टोल गिफ्ट कर दिया था। प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल महाशिवरात्रि के अवसर पर कोयंबटूर में भगवान शिव की 112 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे थे। इस दौरान वे अपने गले में नीले रंग का स्टोल लपेटे हुए थे। पीएम मोदी ने जब ट्विटर पर उद्घाटन समारोह की तस्वीरें ट्वीट की तो दिल्ली की रहने वाली शिल्पी तिवारी ने ट्वीट करके उनका स्‍टॉल मांगा और पीएम ने उनकी चाहत को पूरा कर‍ दिया।

पीएम मोदी ने नीले रंग के स्‍टॉल के साथ ही ट्वीट का प्रिंट आउट अपने दस्‍तखत के साथ शिल्‍पी को भेजा। शिल्‍पी ने महाशिवरात्रि के दिन आदियोगी के कार्यक्रम में मोदी के पहने हुए नीले रंग के स्‍टॉल की तारीफ की थी। उन्‍होंने पीएम को ट्वीट कर लिखा कि मुझे यह स्‍टॉल चाहिए नरेंद्र मोदी।

करीब 21 घंटे में उनके घर एक डिब्‍बा आया जिसमें वह स्‍टॉल था। इसमें पीएम मोदी का साइन किया हुआ शिल्‍पी का ट्वीट भी था। शिल्‍पी ने ट्वीट कर लिखा कि आधुनिक भारत के कर्मयोगी पीएम मोदी, जो रोजाना मीलों का सफर करते हैं लेकिन हम सबकी सुनते हैं, से आदियोगी का आशीर्वाद पाकर बहुत खुश हूं।

अचेत जवान से पूछा तबीयत का हाल
हाल ही में राष्ट्रपति भवन में सेशल्स के राष्ट्रपति डैनी फार के गॉर्ड ऑफ ऑनर के दौरान भारतीय वायु सेना का एक जवान अचेत हो गया। तेज गर्मी और लगातार तेज धूप में खड़े होने के कारण उस जवान की तबियत बिगड़ गई और वह गिर गया। इसकी सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत उस जवान से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने उस जवान से मिलकर तबीयत के बारे में जानकारी ली और अपना ध्यान रखने को कहा।

काफिला रुकवाकर पीएम मोदी ने की पुराने दोस्त से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे पर एक दिलचस्प वाक्या देखने को मिला था। द्वारकाधीश मंदिर से निकलने के बाद प्रधानमंत्री का काफिला अचानक रुक गया। सभी लोग चौंक गए कि आखिर प्रधानमंत्री का काफिला रुका क्यों। कोई कुछ समय पाता इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी अपनी गाड़ी से उतरे और सड़क पर किनारे खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति से बात करने लगे। असल में प्रधानमंत्री मोदी की नजर अपने एक पुराने दोस्त हरिभाई पर पड़ी जिसके बाद उन्होंने काफिला रोककर उनसे मुलाकात की। हरिभाई आरएसएस के प्रचारक रह चुके हैं। वह पचास साल से ज्यादा से संघ से जुड़े रहे हैं। श्री नरेंद्र मोदी के साथ भी उनका काफी समय से जुड़ाव रहा है। आरएसएस के लिए काम करते समय ही दोनों एक-दूसरे के करीब आए थे। हाल ही में हरिभाई की पत्नी का देहांत हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी को इस बात की जानकारी थी। प्रधानमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से मिलकर उनसे अपनी संवेदना व्यक्त की।

पहले भी रुकवा चुके हैं काफिला
प्रधानमंत्री मोदी इसके पहले भी सूरत में काफिला रुकवा चुके हैं। सूरत दौरे के दौरान जब उनका काफिला गुजर रहा था तो एक चार साल की बच्ची सड़क के बीच उनकी गाड़ी के पास आ गई। यह देख प्रधानमंत्री मोदी ने काफिले को रुकवाया और बच्ची से मिले।

चार साल की बच्ची नैंसी प्रधानमंत्री से मिलना चाहती थी। एक जगह प्रधानमंत्री मोदी का काफिला रुका हुआ था कि अचानक बच्ची गाड़ी की तरफ दौड़ पड़ी। काफिले की तरफ बच्ची को दौड़ती देखकर सुरक्षाकर्मी हरकत में आ गए। एक सुरक्षाकर्मी बच्ची को गोद में उठा उसे उसके माता-पिता के पास ले जाने लगा। इसी बीच श्री मोदी की गाड़ी आगे बढ़ गई लेकिन प्रधानमंत्री की नजर उस बच्ची पर पड़ी और उन्होंने फौरन अपनी गाड़ी रुकवाई। प्रधानमंत्री के कहने पर बच्ची उनके पास लाई गई और उस बच्ची की प्रधानमंत्री से मिलने की इच्छा पूरी हो गई। आप भी देखिए वीडियो-

 

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