Home समाचार एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल को बनाएं मजबूत- प्रधानमंत्री मोदी

एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल को बनाएं मजबूत- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राज्यपालों के सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श और इनपुट साझा करने की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यपालों से एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल को मजबूत बनाने का आग्रह किया। यह पहल साझेदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राज्यों के बीच जन-जन के बीच संपर्क को प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न राज्यों के बीच सौहार्द और एकता प्रोत्साहित करने के नए तरीके विकसित करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यपालों से आग्रह किया कि वे विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में अकादमी के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालयों को विश्व के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में शामिल होने की आकांक्षा रखनी चाहिए और इस बदलाव को मूर्त रूप देने में राज्यपाल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में आईआईएम तथा शीर्ष 10 सरकारी विश्वविद्यालयों और शीर्ष 10 निजी विश्वविद्यालयों में स्वायत्ता को प्रोत्साहित करने की केंद्र सरकार की पहल की चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार जनसाधारण के लिए सहज जीवन प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में अपने विशाल अनुभवों के माध्यम से राज्यपाल जीवन की सहजता के उद्देश्य से नागरिक सेवा एजेंसियों और सरकारी विभागों को प्रेरित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्यमान भारत पर भी प्रकाश डाला।

श्री मोदी ने कहा कि 2022 में भारतीय स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ और 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती जैसे अवसर विकास लक्ष्यों को हासिल करने में प्रेरणादायी मिल के पत्थर के रूप में काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेला राष्ट्रीय विषयों को प्रोत्साहित करने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में कार्य कर सकता है।

राज्यपालों और उपराज्यपालों के 2 दिवसीय सम्मलेन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि राज्यपाल समय-समय पर जनजातीय तथा अन्य पिछड़े क्षेत्रों में जाकर, लोगों से संवाद स्थापित करके उनकी आवश्यकताओं को समझकर उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकारों को प्रेरित कर सकते हैं।

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