Home समाचार मर्केल-मोदी मुलाकात: आतंकवाद जैसे खतरों से निपटने के लिए सहयोग को बनाएंगे...

मर्केल-मोदी मुलाकात: आतंकवाद जैसे खतरों से निपटने के लिए सहयोग को बनाएंगे और घनिष्ठ

120
SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत-जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंध, लोकतंत्र और कानून के शासन के मूलभूत विश्वास पर आधारित है। इसलिए, विश्व की गंभीर चुनौतियों के बारे में हमारे दृष्टिकोण में समानता है। आतंकवाद और उग्रवाद जैसे खतरों से निपटने के लिए हम आपसी और बहुपक्षीय सहयोग को और घनिष्ठ बनाएंगे।

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात के बाद अंतर-सरकारी परामर्श की भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस अनूठी व्यवस्था ने भारत और जर्मनी के बीच नई और आधुनिक प्रौद्योगिकी, ई-मोबिलटी, फ्यूल सेल प्रौद्योगिकी, स्मार्ट सिटी, अंतर-देशीय जलमार्ग, समुद्रतट प्रंबधन, नदियों की साफ सफाई, पर्यावरण संरक्षण आदि क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया है।

जर्मन चांसलर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश, एक्सपोर्ट कंट्रोल रिजिम और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों में भारत की सदस्यता का समर्थन देने के लिए जर्मनी का कृतज्ञ है। उन्होंने कहा कि दोनों देश सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में सुधार के लिए आपसी सहयोग जारी रखेंगे।

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चांसलर मर्केल ने भारत-जर्मनी संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘चांसलर मर्केल को जर्मनी और यूरोप ही नहीं, बल्कि विश्व की लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। मुझे गर्व है और खुशी भी कि वे भारत की और मेरी मित्र हैं। पिछले लगभग डेढ़ दशक से चांसलर के रूप में उन्होंने भारत-जर्मनी संबंधों को प्रगाढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सन् 2022 में स्वतंत्र भारत 75 वर्ष का होगा। तब तक हमने न्यू इंडिया के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इस बहुआयामी प्रयास में भारत की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के लिए जर्मनी जैसे टेक्नोलॉजिकल और इकनॉमिक पावर हाउस की क्षमताएं उपयोगी होंगी। इसलिए, हमने न्यू एंड एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, स्किल्स, शिक्षा, साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष बल दिया है।’

Leave a Reply