Home नरेंद्र मोदी विशेष पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट की मर्जी के बिना कुछ भी नहीं होता...

पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट की मर्जी के बिना कुछ भी नहीं होता : प्रधानमंत्री मोदी

786
SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में किसान कल्याण रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में गरीबों पर अत्याचार करने वाला एक सिंडिकेट काम कर रहा है और यही सिंडिकेट राज्य में हर फैसला करता है। उन्होंने कहा, “चाहे नई कंपनी बनानी हो, नया अस्पताल, सड़क, स्कूल बनाना हो, बिना सिंडिकेट को चढ़ावा दिए राज्य में कुछ भी नहीं हो सकता है। यही सिंडिकेट तय करता है कि किसान अपनी फसल कहां बेचे और कितने में बेचे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार का क्या हाल है, उसे सभी भलीभांति जानते हैं। यहां किसान को लाभ नहीं है, गरीब का विकास नहीं है, नौजवान को नए अवसर नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां-माटी-मानुष की बातें करने वालों का पिछले 8 वर्षों का चेहरा और उनका सिंडिकेट आज बंगाल के लोगों को अच्छी तरह से पता चल चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जबरन वसूली, किसानों के लाभ को छीनने, अपने विरोधियों की हत्या का षड्यंत्र रचने, गरीबों पर अत्याचार करने और सत्ता को किसी भी तरह बनाए रखने का सिंडिकेट है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस सिंडिकेट की मर्जी के बिना कुछ भी नहीं होता है।

मौजूदा सरकार ने राज्य को बदतर हालात में पहुंचाया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दशकों के वामपंथी शासन ने पश्चिम बंगाल को जिस हाल में पहुंचाया था, आज राज्य की मौजूदा सरकार ने उसे और बदतर बना दिया है। जिस धरती से वंदे मातरम और जन गण मन की गूंज उठी, उस महान धरती को यह राजनीतिक सिंडिकेट अपनी वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए बार-बार अपमानित कर रहा है। पीएम मोदी ने राज्य में पिछले दिनों हुए पंचायत चुनाव में हुई हिंसा का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य में एक के बाद एक भाजपा के दलित कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई, निर्दोषों को मौत के घाट उतार दिया गया, लोकतंत्र को लहुलुहान कर दिया गया, लेकिन आपने हार नहीं मानी। उन्होंने पूरे बंगाल के साहसी भाजपा कार्यकर्ताओं को इसके लिए बधाई देते हुए पंचायत चुनाव में समर्थन के लिए राज्य की जनता का आभार जताया।

राज्य की जनता सिंडिकेट को ध्वस्त कर देगी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल देशभक्तों, त्यागी और बलिदानियों की धरती है और कुछ मुट्ठीभर लोग सत्ता के नशे में बंगाल की भावनाओं को कुचल नहीं सकते हैं। इतिहास गवाह है कि जुल्मकार की विदाई निश्चित होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए विभाजित नहीं संगठित होकर के सोचिए, साहस के साथ सोचिए। पड़ोस के त्रिपुरा ने यह कमाल करके दिखा दिया है, अगर साहस और संकल्प है तो सिंडिकेट हिल जाती है। आपकी ताकत पश्चिम बंगाल में भी सिंडिकेट को ध्वस्त कर देगी।

किसान अन्नदाता, गांव देश की आत्मा
बारिश के बावजूद रैली में प्रधानमंत्री को सुनने भारी संख्या में लोग आए थे। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, “सरकार आपकी आवश्यकताओं को समझते हुए, आपका जीवन कैसे आसान बने इसके लिए नीतिगत निर्णय लेने, रणनीति में बदलाव करने और आखिरी छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “किसान अन्नदाता है, गांव देश की आत्मा है। कोई भी समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता है, जब तक किसान उपेक्षित रहता है। देश तब आगे बढ़ता है, जब गांव आगे बढ़ता है। गांव की समृद्धि को ताकत देने का काम दिल्ली की भाजपा सरकार ने किया है।”

एमएसपी में बढ़ोतरी से बंगाल के किसानों को ताकत मिलेगी
केंद्र सरकार के खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के फैसले का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह निर्णय पश्चिम बंगाल के किसानों को नई ताकत देने वाला है। उन्होंने कहा कि पहले भी किसानों ने हर सरकार से एमएसपी में बढ़ोतरी की मांग की, इसके लिए आंदोलन किए, लेकिन उनकी मांगों को नहीं माना गया। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद फसल की लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देने का निर्णय लिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि धान की एमएसपी में प्रति क्विटंल 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, मक्के की एमएसपी में 275 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। मक्के के अलावा ज्वार, रागी जैसे पौष्टिक अनाज के लिए भी लागत से ऊपर 50 प्रतिशत का लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्री मोदी ने बताया कि जूट की एमएसपी में 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। 2014 में जूट की प्रति क्विंटल कीमत 2,000 रुपये थी, हमने इसमें 1700 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी की है। इस फैसले से पश्चिम बंगाल के जूट उत्पादक किसानों को फायदा हुआ है।

2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
श्री मोदी ने बताया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए काम किया जा रहा है। सरकार खेती के साथ ही मधुमक्खी पालन,मछली पालन, पशुपालन, बांस की खेती से किसानों को जोड़ कर उनकी आय को दोगुना करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बांस को पेड़ की श्रेणी से हटाकर घास की श्रेणी में कर दिया है। इस फैसले के बाद किसान अपने खेत की मेढ़ पर बांस उगा सकता है और बेच भी सकता है।

बीज से बाजार तक हर क्षेत्र में ध्यान दे रही सरकार
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाजार में सुधार कैसे आए, किसान जो बेचता है उसके सही दाम कैसे मिलें, बीज से लेकर बाजार तक चाहे सॉयल टेस्टिंग हो, इरिगेशन हो, यूरिया की उपलब्धता हो, बीज की क्वालिटी हो हर क्षेत्र में काम किया गया है। आज एक मोबाइल के सहारे किसान eNAM के माध्यम से जहां ज्यादा दाम हो, वहां अपनी उपज बेच सकता है। बंगाल में आलू की बंपर पैदावार और भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से आलू की भारी बर्बादी का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने किसान संपदा योजना के तहत हजारों करोड़ का बजट भंडारण व्यवस्था में लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ऑपरेशन ग्रीन चला रही है, TOP योजना लाई है, ताकि टोमैटो, ओनियन और पोटैटो की पैदावार करने वालों को लाभ मिले। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेती में मार्केटिंग रिफॉर्म पर भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है, आशा है कि पश्चिम बंगाल की सरकार भी इसे लेकर बड़े कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि देश का किसान समृद्ध हो, आधुनिक खेती करने लगे और टेक्नोलॉजी का उपयोग क़ृषि में सही तरीके से किया जाए। पीएम मोदी ने कहा कि आज ब्लू रिवॉल्यूशन में भी बंगाल के किसान बड़ी ताकत के साथ शामिल हो सकते हैं।

Leave a Reply