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अविश्वास प्रस्ताव: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण की 10 प्रमुख बातें

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लोकसभा में शुक्रवार को कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों की ओर से पेश अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा। विपक्ष के इस प्रस्ताव के समर्थन में महज 126 तो विरोध में 325 वोट पड़े। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष की ओर से लगाये गए तमाम आरोपों का एक-एक करके जवाब दिया। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 10 प्रमुख बातें-

1. अहंकार से भरी है कांग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले चार साल में देश में हुए विकास के इतने कार्यों के बावजूद अहंकार के कारण अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर बहुत अहंकार भरा है, ये लोग हमें कैसे स्वीकार कर सकते हैं। कांग्रेस जमीन से कट चुकी है। ये खुद तो डूब रही है साथ में सबको लेकर डूब रही है। श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस को स्वच्छ भारत, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, भारत के मुख्य न्यायाधीश, अर्थव्यवस्था के आंकड़े देने वाली संस्थाओं, चुनाव आयोग, ईवीएम किसी पर विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठीभर लोग अपना ही विशेष अधिकार मानकर बैठते थे। भ्रष्टाचार पर चोट से उनकी बेचैनी बढ़ गई। कोर्ट-कचहरी में उनको पेश होना पड़ा तो उनको भी तकलीफ होने लगी।

2. खड़ा भी हूं अड़ा भी हूं
कांग्रेस नेतृत्व में आए अहंकार पर उन्होंने कहा कि, ‘यह उनका अहंकार ही कहता है कि हम खड़े होंगे तो प्रधानमंत्री 15 मिनट तक खड़े नहीं हो पाएंगे। लेकिन, ‘मैं खड़ा भी हूं और चार साल जो काम किये हैं, उस पर अड़ा भी हूं।’ उन्होंने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव नहीं बल्कि यह कांग्रेस के तथाकथित साथियों का फ्लोर टेस्ट है। मैं पीएम बनूंगा इसका ट्रायल चल रहा है।

3. ना कोई उठा सकता है ना बैठा सकता है
चर्चा के दौरान राहुल गांधी के गले मिलने के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ‘मैं हैरान हूं कि सुबह चर्चा शुरू हुई थी, मतदान भी नहीं हुआ था, जय पराजय का फैसला भी नहीं हुआ लेकिन उन्हें यहां पहुंचने का इतना उत्साह है कि आकर बोले, उठो उठो।’ कांग्रेस उपाध्यक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि, ‘यहां कोई न उठा सकता है, न बैठा सकता है। सवा सौ करोड़ देशवासी उठा सकते हैं। इतनी जल्दबाजी क्या है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘उनका एक ही मकसद है, मैं ही प्रधानमंत्री बनूंगा। इसके लिए कम से कम अविश्वास प्रस्ताव का बहाना तो न बनाइए।’

4. सेना को तो कटघरे में खड़ा ना करें
सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले पर भी राहुल गांधी पर जोरदार निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की बात करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के सेनाध्यक्ष के बारे में जिस तरह की बात की जाती है वह ठीक नहीं है। राहुल के जुमला स्ट्राइक बयान पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सर्जिकल स्ट्राइक को जुमला स्ट्राइक बता रहे हो। आपको अगर गाली देना है, तो मोदी तैयार है लेकिन देश के जवानों के पराक्रम पर प्रहार नहीं करें। सर्जिकल स्ट्राइक की तुलना जुमला स्ट्राइक से करना देश की सेना का अपमान है।

5. राफेल पर बचकाना रवैया
राफेल सौदे को लेकर राहुल के बयान के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दो जिम्मेदार सरकारों के बीच सौदा है, दो कारोबारी पार्टियों के बीच नहीं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के मुद्दे पर तो यह बचकाना रवैया नहीं अपनाएं। प्रधानमंत्री मोदी ने घोटाले के आरोप पर कहा, ‘मैं कल्पना नहीं कर सकता हूं कि सत्य को इस प्रकार से कुचला जाता है। बार-बार चीखकर देश को गुमराह करने का काम किया जाता है। देश के सुरक्षा से जुड़े विषयों पर इस प्रकार से खेल खेले जाते हैं। देश कभी आपको माफ नहीं करेगा। सदन में लगे आरोप पर दोनों देश को बयान जारी करना पड़ा। दोनों देश को खंडन जारी करना पड़ा। जो लोग इतने साल सत्ता में रहे, बिना किसी सबूत के चीखते रहे। सत्य का गला घोंटने की कोशिश है, देश की जनता इसे जानती है।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि यह समझौता दो देशों के बीच हुआ है। पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ है।

6. डोकलाम पर राहुल को डांटा
चर्चा के दौरान राहुल गांधी द्वारा डोकलाम पर उठाए गए सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं मानता हूं जिस विषय की जानकारी नहीं है उस पर बोलने से बात जरा उल्टी पड़ जाती है। देश का ज्यादा नुकसान ज्यादा हो जाता है। बचना चाहिए। डोकलाम पर जब सरकार आगे बढ़ रही थी तब चीन के राजदूत के साथ कौन बैठ थे। बाद में कभी हां कभी ना, कोई कहता था मिले, नहीं मिले। क्या हर जगह बचपना करते रहोगे।’

7.चौकीदार भी हैं भागीदार भी हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी के तमाम आरोपों का सिलसिलेवार तरीके से एक-एक कर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी या तो सत्ता में रहना चाहती है और सत्ता में नहीं रहने पर चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने में लगी रहती है। राहुल के भागीदार वाले बयान का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सदन में कहा गया कि आप चौकीदार नहीं भागीदार हैं। माननीय अध्यक्ष महोदय मैं गर्व से कहता हूं हम चौकीदार भी हैं, हम भागीदार भी हैं, लेकिन हम आपकी तरह सौदागर नहीं हैं। ठेकेदार नहीं हैं। देश के गरीबों के भागीदार हैं। देश के किसानों के विकास के भागीदार हैं। हम देश को विकास देने के भागीदार हैं और भागीदार रहेंगे।

8. नामदार से कैसे आंखें मिला सकता है कामगार
‘अपनी आंखों में आंखें नहीं डाल पाने’ वाली राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रधानमंत्री मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि ‘एक गरीब मां का बेटा, पिछड़ी जाति से आने वाला नरेन्द्र मोदी ऐसा साहस कैसे कर सकता है?’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने देखा है कि आंखों में आंख डालने पर सुभाष चंद्र बोस के साथ क्या हुआ, चौधरी चरण सिंह के साथ क्या हुआ, जय प्रकाश नारायण के साथ क्या हुआ, मोरारजी देसाई के साथ क्या हुआ, सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ क्या हुआ ? उन्होंने कहा कि आंख में आंख डालने वालों को ठोकर मारकर बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आप तो नामदार है, मैं तो कामगार हूं। हम आपकी आंखों में आंख कैसे डाल सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि आंखों का खेल पूरे देश ने देखा है। आंखों की बात करके सत्य को पूरी तरह से कुचला गया है।

9. देश की अर्थव्यवस्था हुई मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है और दुनिया की छठी सबसे बड़ी इकोनॉमी है। जल्द ही भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सरकार ने डीबीटी के जरिए 90 हजार करोड़ रुपये बचाने का काम किया है। ढाई लाख से ज्यादा फर्जी कंपनियों को ताले लगा दिए गए हैं। वर्षों से लटके पड़े बेनामी संपत्ति कानून को लागू कर अब तक 4.5 हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त की है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि एनपीए यूपीए सरकार की देन है। आजादी के 60 वर्षों में जहां बैंकों ने 18 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया था, वहीं 2008 से 2014 के बीच बैंकों ने 52 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया।

10. आप 2024 में भी अविश्वास प्रस्ताव लाएं
अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सदस्यों से इस प्रस्ताव को खारिज करने का आग्रह करते हुए कहा कि 30 साल के बाद पूर्ण बहुमत से बनी सरकार ने पिछले चार साल में जिस गति से काम किया है, उसके काम पर विश्वास जताएं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम यहां इसलिए हैं कि हमारे पास संख्याबल है। हम यहां इसलिए हैं कि सवा सौ करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद हमारे साथ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेट के दर्जे पर भी जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार आंध्र के विकास में कोई कमी नहीं आने देगी और भरपूर मदद करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन का अंत विपक्ष को 2024 में उनकी सरकार के खिलाफ फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाने का न्योता देते हुए किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ‘मैं प्रार्थना करूंगा कि साल 2024 में आपको इतनी शक्ति दे कि आप फिर अविश्वास प्रस्ताव लाएं।’ 

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